सोशलः हार्दिक के कांग्रेस के 'क़रीब' आने का अर्थ क्या?

  • 31 अक्तूबर 2017
हार्दिक पटेल इमेज कॉपीरइट facebook.com/HardikPatel.Official

गुजरात के चुनावों में पटेल समुदाय और युवा पटेल नेता हार्दिक पटेल की भूमिका बेहद अहम होती जा रही है. हार्दिक पटेल भाजपा के ख़िलाफ़ हैं लेकिन किसके साथ हैं, ये फ़ैसला उन्होंने अभी नहीं लिया है.

इसी बीच सोमवार को हार्दिक पटेल और कांग्रेस नेताओं की एक और मुलाक़ात हुई है. मुलाकात के बाद हार्दिक पटेल ने कहा है कि कांग्रेस से पांच मुद्दों पर बातचीत हुई है जिनमें से चार मुद्दे कांग्रेस ने मान लिए हैं.

इनमें पाटीदार आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिवारों के लिए मुआवज़ा भी शामिल है.

एक ओर हार्दिक कांग्रेस के करीब आते दिख रहे हैं वहीं सोशल मीडिया पर भाजपा उन्हें घेरने की हर संभव कोशिश करती दिख रही है.

हार्दिक पटेल को जवाब देते हुए दीपेश पटेल ने फ़ेसबुक पर लिखा, "1985 में कांग्रेस ने पाटीदारों पर गोलियां चलवाईं थीं. उसमें मारे गए पाटीदारों के परिवारों को कांग्रेस ने क्या दिया ये पूछिए?"

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पाटीदार आंदोलन से जुड़े रहे अश्विन सांकड़ासरिया ने फ़ेसबुक पर लिखा, "जो कांग्रेस 2019 तो क्या 2024 में बहुमत हासिल करती नहीं दिख रही है उसका क्या विश्वास किया जाए? आर्थिक रूप से पिछड़े समाज के दर्जे के लालच में पाटीदार गुमराह न हों."

इस मुलाक़ात की गुजरात में सोशल मीडिया में काफ़ी चर्चा है. ट्विटर पर #कोंग्रेस_हार्दिक_फिक्सिंग भी चल रहा है और लोग इस मुलाक़ात पर सवाल उठा रहे हैं.

बीते चौबीस घंटों में इस हैशटैग के साथ 12 हज़ार से अधिक ट्वीट किए गए हैं जिनमें अधिकतर ट्वीट बीजेपी आईटी सेल की ओर से किए गए हैं.

गुजरात भाजपा के आईटी सेल के कन्वेनर पंकज शुक्ला ने हार्दिक पटेल पर तंज कसते हुए ट्वीट किया, "सबको ऐसा लग रहा था कि ये आंदोलन आरक्षण और शराब मुक्ति के लिए है लेकिन सबको पता चल गया कि ये कौन बनेगा करोड़पति का खेल था."

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भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष रित्विज पटेल ने कहा, हार्दिक का चेहरा समूचे समाज के सामने बेनकाब हो गया है. हमेशा भाजपा के साथ खड़ा रहने वाला पाटीदार समाज हार्दिक को जान गया है.

रित्विज को जवाब देते हुए सिकंदर रे ने लिखा, "हार्दिक पटेल आपसे अच्छे, पटेल समाज के बारे में सोचते हैं. आपने क्या किया? पटेल समाज के लिए लाठियां चलवाईं, गोली चलवाई, जरा अपने सरकार से तो पूछो."

बीजेपी आईटी सेल की ओर से अब सोशल मीडिया पर ये बात भी तेज़ी से फैलाई जा रही है कि पाटीदार आंदोलन के पीछे कांग्रेस थी.

बीजेपी से जुड़े कल्पेश राठवी ने ट्वीट किया, "ये पूरा आंदोलन कांग्रेस को बचाने के लिए और उसे मदद देने के लिए और पाटीदार समुदाय को ठगने के लिए था."

बीजेपी आईटी सेल से जुड़े पार्थ रावल ने ट्वीट किया, "शांत गुजरात में अफरातफरी फैलाने के लिए हार्दिक पटेल का इस्तेमाल किया गया. ये सब कांग्रेस के पैसों से हो रहा था."

हालांकि पटेल आंदोलन के पीछे कांग्रेस थी, इस आरोप के समर्थन में कोई तर्क नहीं दिया जा रहा है.

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