सोशल- शाह का टीपू पर सवाल, लोगों ने दिलाई विकास की याद

  • 3 नवंबर 2017
टीपू सुल्तान इमेज कॉपीरइट Thinkstock

कर्नाटक में परिवर्तन यात्रा कर रहे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने टीपू जयंती के बहाने कर्नाटक सरकार को घेरने की कोशिश की है.

अमित शाह ने कहा, "कर्नाटक सरकार को कर्नाटक महोत्सव मनाने में कोई रुचि नहीं है, उन्हें टीपू जयंती मनाने में रुचि है."

अमित शाह पहले नेता नहीं है जिन्होंने टीपू सुल्तान पर सवाल उठाए हैं.

हाल ही में केंद्रीय मंत्री अनंत हेगड़े ने टीपू सुल्तान को 'बलात्कारी और बर्बर शासक' कहा था जिस पर काफ़ी विवाद हुआ था. भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के टीपू सुल्तान की सराहना करने के बाद ये विवाद कुछ थम सा गया था.

अब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने एक बार फिर टीपू पर सवाल उठाए हैं. सोशल मीडिया पर बहुत से लोग अमित शाह के बयान पर जवाब दे रहे हैं.

बीजेपी के अधिकारिक ट्विटर अकाउंट से अमित शाह का ये बयान ट्वीट किया गया है.

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इस ट्वीट पर जवाब देते हुए राजेश मंगल ने लिखा, "कर्नाटक समारोह मनाए या टीपू सुल्तान जयंती. जय शाह को कोई फ़र्क नहीं पड़ने वाला. उनकी कमाई तो 16 हज़ार गुना ही रहेगी"

मनोज जायसवाल ने लिखा, "आपको भी तो हिन्दू-मुस्लिम की राजनीति मे रूचि है, देश की तरक्की में नही. जब आप किसी को एक उंगली दिखाते हैं, तो चार आप की और उठती हैं."

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रोहित भगत ने लिखा, "और आप तथा आपकी पार्टी देश को भगवा करने मे रुचि रख रही है."

राजीव कुमार ने लिखा, "ठीक वैसे ही जैसे भाजपा को धारा 370, राम मंदिर, आरक्षण, स्वास्थ्य, सेहत या विकास के बजाए तीन तलाक़, राहुल गांधी और कांग्रेस में ज़्यादा रुचि है."

तपन कुमार नंदा ने लिखा, "टीपू सुल्तान देश के हीरो हैं, अमित शाह कौन होते हैं उनके बारे में बोलने वाले?"

संदीप कुमार ने लिखा, "ट्वीट रीट्वीट तो ठीक है मोदीजी पर पेट्रोल, डीज़ल और रसोई गैस के दाम यूं बढ़ा के हमें और अच्छे दिन मत दिखाओ प्लीज़ हाथ जोड़ता हूं. मैं एक भारतीय नागरिक हूं."

सुजीत चौधरी ने लिखा, "आपको भी तो हिन्दू और मुस्लिम भेद के सिवा और किसी चीज़ में रुचि नहीं. अगर जनता की भलाई में आपकी रुचि होती तो चुनावी वादों को जुमला नहीं कहते."

शाह का समर्थन भी

वेद प्रकाश राय ने कहा, "बिल्कुल सही कहा अमित शाह जी ने, केवल आतताइयों का जन्मदिन मनाने में कांग्रेस की रुचि है."

शिवा अकेला ने लिखा, " मुगल सल्तनत नही है अब लोकतंत्र है, दिवास्वप्न मत देखो! टीपू ,औरंगजेब, बाबर का राज्य नही है, और न ही आने वाला है!"

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