सोशल: 'दलित हूं, बिज़नेस क्लास में चलता हूं, आपको सीट दे सकता हूं'

  • 3 जनवरी 2018
नीरज घेवान और विवेक अग्निहोत्री इमेज कॉपीरइट Twitter/facebook
Image caption विवेक अग्निहोत्री (बाएं), नीरज घेवान (दाएं)

पुणे के पास भीमा कोरेगांव में दलितों पर हुए कथित हमले के बाद बुधवार को महाराष्ट्र बंद रहा.

दलित संगठनों के बुलाए इस बंद के दौरान कई जगह हिंसा की घटनाएं भी हुईं. दलितों से जुड़ा ये मुद्दा सोशल मीडिया पर भी छाया रहा.

ऐसे वक्त में जब भीमा कोरगांव की घटना पर चर्चा हो रही है. तब 'हेट स्टोरी', 'चॉकलेट' समेत कई फ़िल्मों के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री के एक ट्वीट पर 'मसान' फिल्म के डायरेक्टर नीरज घेवान ने जो जवाब दिया, उसे लेकर बहस शुरू हो गई.

विवेक अग्निहोत्री ने बुधवार को ट्विटर पर लिखा, ''कुछ वक्त पहले मैंने फ्लाइट में एक दलित नेता के पोते को बिजनेस क्लास में सफर करते हुए देखा था. तब मैंने लिखा था- एक निचली जाति के नेता के साथ सफर कर रहा हूं. लेकिन आज की तारीख़ में अगड़ी जाति कौन है? वो व्यक्ति जो बिजनेस क्लास में बैठा हुआ है और उसे ग्राउंड स्टाफ अटेंड कर रहा है. या वो जो फ्लाइट में सीट के हत्थे पर हाथ रखने के लिए आधा इंच जगह तलाशने की कोशिश कर रहा है. मैं ब्राह्मण परिवार में पैदा हुआ और ये नेता दलित परिवार में. लेकिन आज वो फर्स्ट क्लास 1ए में बैठा हुआ है और मैं सेकेंड क्लास 26बी में बैठा हुआ है. पिरामिड उलटा हो गया है.''

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नीरज का जवाब

विवेक अग्निहोत्री के इस ट्वीट पर नीरज घेवान ने जो जवाब दिया है, उसे कई लोगों ने समर्थन दिया है.

नीरज घेवान ने लिखा, ''मैं एक दलित हूं. अपने देश के लिए कान फ़िल्म और एडवरटाइजिंग अवॉर्ड भी जीता है. नेशनल अवॉर्ड और फिल्मफेयर अवॉर्ड भी जीता है. ये सब मैंने अपनी दलित पहचान का इस्तेमाल किए बिना किया है. और हां, मैं अब बिजनेस क्लास में सफर करता हूं. अगली बार जब हम एक ही विमान में सवार हुए तो मैं आपको अपनी सीट पर बैठने का ऑफर दूंगा.''

नीरज घेवान ने अगले कुछ ट्वीट्स में लिखा, ''कभी जाति कार्ड का इस्तेमाल नहीं करुंगा और न ही इसे नीची नज़रों से देखूंगा.''

नीरज के ट्वीट पर विवेक अग्निहोत्री ने जवाब दिया, ''एक फिल्ममेकर के तौर पर मुझे आप पर फ़ख़्र है. जिस तरह से आपने अपने ट्वीट की शुरुआत की, मुझे ये भी पसंद आया.''

Image caption कोरेगांव भीमा में हुई हिंसा के बाद की तस्वीर

क्या बोले लोग?

सोशल मीडिया में हुई इस चर्चा में कई अन्य लोग भी शरीक हो गए. सोशल मीडिया यूजर्स ने दोनों के ट्वीट्स पर काफी प्रतिक्रियाएं दी हैं.

ऐना एमएम वेट्टीकाड ने नीरज घेवान के ट्वीट पर जवाब दिया, ''एक असंतुष्ट जातिवादी के प्रति आप बेहद सहज हैं. अगर आपने उनको अपनी सीट ऑफर की तो मैं आपके घर के बाहर धरने पर बैठ जाऊंगी.''

तारिक अनवर लिखते हैं, ''आप चाहें तो उन्हें फिल्म बनाने के गुर भी सिखा सकते हैं.''

प्रवीण दीक्षित ने विवेक के ट्वीट पर लिखा, ''शुक्र मनाइए कि पिरामिड के उलटे होने के बावजूद आपके पास इस ट्वीट को करने के लिए आईफोन है.''

योगेंद्र चौहान ने लिखा, ''किसी को विवेक से पूछना चाहिए कि ब्राह्मण परिवार में जन्म लेने में उनका क्या योगदान है, जिस पर वो इतना फ़ख़्र कर रहे हैं.''

आंबेडकर केरेवन के ट्विटर अकाउंट से विवेक अग्निहोत्री से सवाल किया गया, ''ब्राह्मणों को प्लेन में सफर करने की ज़रूरत ही क्या है. आप लोगों के पास पुष्पक विमान नहीं है क्या, जिसे आपके पुरखे इस्तेमाल करते थे?''

भरत लिखते हैं, ''विवेक ने कुछ गलत नहीं कहा. अगर आपके पास तर्क नहीं हैं तो इस मुद्दे में मत घुसिए. बोलने की आज़ादी का बेहतर तरीके से इस्तेमाल करना सीखिए.''

वरुण ग्रोवर ने इस मसले पर कई ट्वीट किए. वरुण अपने ट्वीट्स में लिखते हैं, ''एक शांतिपूर्ण रैली पर हमले के बाद दलितों ने ट्रैफिक रोककर प्रदर्शन किया. अपर कास्ट से ताल्लुक रखने वाले भारतीय कहते हैं- देखो इन अराजकतावादियों को, ये भारत तोड़ना चाहते हैं. लेकिन जब दलितों के कुएं में ज़हर मिलाया जाता है. दलितों को उनकी जगह दिखाने के लिए रेप और मर्डर किया जाता है, तब यही लोग कहते हैं कि भारत विविधताओं का देश है, झगड़े तो होंगे ही.''

विवेक अग्निहोत्री ने इस ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए जवाब दिया, ''आपके ट्विटर पर बायो में लिखा हुआ है- मानवता में यकीन कीजिए.''

पवन खेड़ा लिखते हैं, ''इन उच्च कोटि के विचारों की अभिव्यक्ति की लालसा ऐसे व्यक्तियों का असली चेहरा भी बेनकाब करती है.''

भीमा कोरेगांव में किस तरह हालात बेक़ाबू हो गए?

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