संसद में रेणुका चौधरी की हंसी पर भाजपा फंसी!

  • 8 फरवरी 2018
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बुधवार को राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी की हंसी पर विवाद हो गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में अपने भाषण के दौरान आधार पर बयान दे रहे थे. इसी दौरान कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ज़ोर-ज़ोर से हंसने लगीं.

इस पर राज्यसभा अध्यक्ष वेंकैया नायडु ने कहा, "आपको क्या हो गया है, अगर आपको समस्या है तो डॉक्टर के पास जाइए."

वेंकैया नायडु रेणुका चौधरी को बीच में टोक ही रहे थे कि मुस्कुराते हुए मोदी बोले, "सभापति जी रेणुका जी को आप कुछ मत कहिए रामायण सीरियल के बाद ऐसी हंसी सुनने का आज सौभाग्य मिला है."

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प्रधानमंत्री का भाषण

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने प्रधानमंत्री के भाषण का हिस्सा ट्वीट कर लोगों से पूछा कि आपको किस किरदार की याद आई.

बाद में अमित मालवीय ने रामायण में शूर्पणखा की नाक काटे जाने का दृश्य भी ट्विटर पर शेयर किया.

वहीं प्रधानमंत्री के बयान पर कॉमेंट करते हुए रेणुका चौधरी ने कहा, "वो हमें बता रहे थे कि आधार कार्ड का बीज उस समय बोया गया था जब आडवाणी जी थे, मुझे इस बात पर हंसी आ गई. इतना 360 डिग्री मुकर जाते हैं."

चौधरी ने कहा, "उन्होंने मेरे ऊपर निजी टिप्पणी की है. जो प्रधानमंत्री ने कहा उस पर बाहर क़ानून लागू हो सकता है. ये महिलाओं की सामाजिक स्थिति की निंदा है."

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व्यंग्यात्मक जवाब

वहीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "मैं वहीं थी. प्रधानमंत्री पर जो अशोभनीय टिप्पणियां वो कर रहीं थीं, मैंने सुनीं."

"क्या उनकी अशोभनीय टिप्पणियां स्वीकार्य हैं? और जब उन पर प्रधानमंत्री ने व्यंग्यात्मक जवाब दिया तो वो अपने जेंडर को अपना कवच बना रही हैं."

प्रधानंत्री की टिप्पणी पर गुरुवार को राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ. विपक्ष ने प्रधानमंत्री से माफी की मांग की है.

कांग्रेस के अधिकारिक अकाउंट से लिखा गया, "हम राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडु से अपील करते हैं को वो पक्षपात न करें और संसद के सदस्यों के प्रति सम्मान रखें."

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Image caption केंद्रीय मंत्री किरण रिजीजू ने रामायण का ये सीन फ़ेसबुक पर शेयर किया है.

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद रेणुका चौधरी की हंसी को रामायण के चर्चित किरदारों से जोड़ा जा रहा है.

केंद्र सरकार में राज्यमंत्री किरण रिजीजू ने फ़ेसबुक पर एक वीडियो शेयर कर रेणुका चौधरी की हंसी की तुलना रामायण के किरदार शूर्पणखा से की है.

वहीं राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री के कॉमेंट की आलोचना की.

संजय सिंह ने कहा, "प्रधानमंत्री जी ने रेणुका चौधरी जी की हंसी की तुलना रावण से की, अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है की देश के सर्वोच्च सदन में हमारे प्रधान सेवक एक महिला पर ऐसी टिप्पणी करते हैं."

वहीं भाजपा सांसद परेश रावल ने ट्विटर पर कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीखे व्यंग्य से संसद में रेणुका चौधरी को किस तरह ध्वस्त किया ये देखना न भूलें. राज्यसभा टीवी देखें."

कांग्रेस समर्थक तहसीन पूनावाला ने ट्वीट किया, "एक सच्चे कांग्रेस हितैषी के तौर पर ईमानदारी से कहूं तो रणुका चौधरी और मणिशंकर अय्यर जैसे नेता पार्टी के लिए बोझ बन गए हैं. उनके दंभ की क़ीमत कांग्रेस को चुकानी पड़ती है. ये गांधी और नेहरू जैसे महान नेताओं की पार्टी है. संसद के उच्च सदन में गूंजी उस हंसी ने मेरे शरीर में ऐंठन पैदा कर दी."

वहीं कुछ लोग इस पूरे घटनाक्रम में व्यंग्य भी देख रहे हैं.

चार लोग नाम के ट्विटर अकाउंट से लिखा गया, "रेणुका जी की हंसी की तुलना अलिफ़ लैला के बजाए रामायण के किरदार से करके मोदी हिंदुत्व के एजेंडे को बढ़ावा दे रहे हैं."

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