जब श्रीदेवी के लिए छत पर चढ़ गए थे अफ़ग़ानिस्तान के लोग

  • 26 फरवरी 2018
अफ़गानिस्तान, श्रीदेवी

श्रीदेवी की मौत की ख़बर भारत ही नहीं दुनिया भर में उनके फ़ैंस को रुला रही है. उनके चाहने वाले दुनिया के कोने-कोने में हैं जो उनके अचानक इस तरह चल बसने से बेहद ग़मगीन है.

कुछ ऐसा ही ग़मगीन माहौल अफ़ग़ानिस्तान में भी है. अफ़ग़ानिस्तान के लोगों के दिलों में श्रीदेवी के लिए किस कदर प्यार भरा हुआ है, ये बीबीसी के एक ख़ास फ़ेसबुक लाइव में देखने को मिला.

काबुल में बीबीसी पश्तो सेवा की संवाददाता आरिया अहमद ज़ई ने श्रीदेवी के प्रशंसकों से बात की.

आख़िर श्रीदेवी की मौत कैसे हुई?

'मैं श्रीदेवी से नफ़रत करता हूं क्योंकि...'

Image caption उमर श्रीदेवी की मौत से दुखी हैं

काबुल के स्थानीय निवासी उमर ने कहा, "श्रीदेवी की मौत से न सिर्फ़ भारत बल्कि पूरे अफ़ग़ानिस्तान के लोग दुखी हैं. कोई ऐक्टर ख़ूबसूरत दिख सकता है, अच्छी ऐक्टिंग कर सकता है लेकिन अच्छा इंसान बनना सबके बस की बात नहीं. श्रीदेवी एक अच्छी इंसान थीं."

अफ़ग़ानिस्तान के अमीन ने बताया कि उनकी पत्नी श्रीदेवी की बहुत बड़ी फ़ैन हैं और उनकी मौत की ख़बर सुनकर उन्हें धक्का लगा. अमीन श्रीदेवी की तकरीबन 30 साल पुरानी दो तस्वीरें अपने साथ लेकर बीबीसी स्टूडियो आए.

उन्होंने बताया, "मेरी बीवी बचपन में छिप-छिपकर श्रीदेवी की तस्वीरें इकट्ठा करती थी. वो अपनी दोस्तों को दूसरी हिरोइनों की तस्वीरें दे देती थी और इसके बदले श्रीदेवी की तस्वीरें ले लेती थी.''

'मैं आज ज़िंदा हूं तो श्रीदेवी की वजह से'

उन्होंने बताया कि उस वक़्त माहौल में इतना ख़ुलापन नहीं था, सिनेमा पर रोक थी लेकिन ऐसे हालात में भी उनकी बीवी की श्रीदेवी के लिए दीवानगी हमेशा बरक़रार रही.

एक अन्य महिला ने कहा कि वो श्रीदेवी की अदाओं और उनकी आंखों की क़ायल हैं.

उमर ने कहा, "80 के दशक के बाद से ही अफ़ग़ानिस्तान में श्रीदेवी की लोकप्रियता बढ़ने लगी थी. चांदनी और नगीना जैसी फ़िल्मों ने लोगों को उनका दीवाना बना दिया था."

Image caption अमीन की पत्नी श्रीदेवी की फ़ैन हैं

उमर आगे बताते हैं कि 'ख़ुदा गवाह' फ़िल्म का एक हिस्सा अफ़ग़ानिस्तान में भी शूट हुआ था. उस वक़्त लोग श्रीदेवी के पोस्टर लेकर छतों पर चढ़ गए थे.

अफ़ग़ानिस्तान के बड़े-बुज़ुर्ग बताते हैं कि उस वक़्त एक छत पर इतनी भीड़ हो गई थी कि वो कच्ची छत भरभरा कर गिर गई थी.

कैसे श्रीदेवी बोनी कपूर की होती चली गई थीं...

अमीन ने कहा, "कला की कोई सीमा नहीं होती. श्रीदेवी जितनी भारत की थीं, उतनी ही अफ़ग़ानिस्तान की भी."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे