किसान मार्च: देश के कृषि मंत्री इन दिनों क्या कर रहे हैं?

  • 12 मार्च 2018
राधामोहन सिंह इमेज कॉपीरइट Facebook/RadhaMohanSingh

ऐसा कम ही होता है कि देश के ज़्यादातर समाचार चैनल एक साथ किसान या उनसे जुड़े किसी मुद्दे को लगातार कवर करें और उसका प्रसारण भी करें.

इन दिनों महाराष्ट्र के किसानों का एक समूह ख़बरों में है. क़रीब 30 हज़ार किसान पैदल चलकर नासिक से मुंबई पहुंचे. कहा जा रहा है कि सवेरे परीक्षा देने जा रहे छात्रों को दिक्कत न हो इसलिए वो लोग रात में ही आज़ाद मैदान पहुंच गए.

इन किसानों की मुआवजा और कर्ज़ माफ़ी की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करने की योजना है.

महाराष्ट्र सरकार और राज्य के कृषि मंत्री भी हरकत में आए हैं. राज्य सरकार ने छह सदस्यों की कमेटी बनाई है जो किसानों की मांगों पर गौर करेगी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निवास पर हुई उच्च-स्तरीय बैठक में ये फ़ैसला किया गया.

महाराष्ट्र सरकार हरकत में

इस कमेटी में महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रकांत पाटिल, कृषि मंत्री पांडुरंग फ़ंडकर, सिंचाई मंत्री गिरीश महाजन, आदिवासी विकास मंत्री विष्णु सवारा, सहकारिता मंत्री सुभाष देशमुख और पीडब्ल्यूडी मंत्री एकनाथ शिंदे शामिल हैं.

मुंबई कूच: महाराष्ट्र के किसान इतने गुस्से में क्यों हैं?

लेकिन इस बीच एक सवाल ये भी है जब महाराष्ट्र में किसानों के मार्च की इतनी चर्चा हो रही है कि तो क्या देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बारे में कोई बयान दिया है. प्रधानमंत्री न सही, क्या देश के कृषि मंत्री ने किसानों की इस रैली और धरने पर कुछ कहा है.

ऐसा नहीं है कि देश के कृषि मंत्री राधामोहन सिंह अलग-अलग मुद्दों पर अपनी राय नहीं दे रहे हैं. वो सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं और दूसरे कार्यक्रमों में भी शिरकत कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने महाराष्ट्र के किसानों के बारे में अब तक कुछ नहीं कहा है.

देश के कृषि मंत्री कहां?

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किसानों की ये रैली 6 मार्च से शुरू हुई थी और तब से अब तक राधामोहन सिंह ने इस पर कुछ नहीं कहा है. वो पटना में पीएचडी चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के एक कार्यक्रम में शिरकत की थी. इसकी ख़बर उन्होंने कुछ देर पहले ट्वीट की है.

क्या मोदी सरकार में और ख़राब हुई है किसानों की हालत?

राधामोहन सिंह ने हाल में बयान दिया था कि दुग्ध उत्पादन साल 2014 से 2017 के बीच 20 फ़ीसदी बढ़ा है. इसी बयान को लेकर छपी ख़बरें भी वो ट्वीट कर रहे हैं.

महाराष्ट्र में जिस वक़्त किसान घटती आय को बढ़ाने के क़दम उठाने और कर्ज़ माफ़ी की मांग कर रहे हैं, वहीं देश के कृषि मंत्री ने साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया है.

सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट में उन्होंने बताया है कि ऐसा कैसे किया जा सकता है. इसमें ये लिखा गया है:

किसानों की आय डबल?

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- बजट में प्राइस एंड डिमांड फोरकास्टिंग के लिए संस्थागत तंत्र की स्थापना का भी प्रावधान किया गया है.

- इनके माध्यम से किसान समय पर निर्णय ले सकेंगे कि उन्हें कितनी मात्रा में कौन सी फ़सल उगाना अधिक लाभप्रद होगा.

किसान आंदोलन: चलते-चलते पत्थर हुए पैर

- बजट में घोषणा की गई है कि नीति आयोग, केंद्र एवं राज्य सरकार के साथ मिलकर नई व्यवस्था का निर्माण करेगा जिससे एमएसपी सभी किसानों को प्राप्त हो सकें.

- बजट में 2000 करोड़ रुपये के एग्री-मार्केट डेवलपमेंट फ़ंड की घोषणा की गई है कि जो कि कृषि विपणन में ख़ुदरा बाज़ार की अहमियत दर्शाता है.

- इन बाज़ारों में ग्रामीण रीटेल एग्रीकल्चर मार्केट का नाम दिया गया है.

- इनके माध्यम से 22 हज़ार ग्रामीण हाट एवं 585 एपीएमसी मंडियों की आधारभूत संरचना का विकास हो सकेगा.

11 मार्च को उन्होंने दिन भर बिहार में आयोजित कार्यक्रमों और वहां दिए गए बयानों की जानकारी दी.

उन्होंने लिखा, ''#बिहार के बड़े जिलों जैसे गया, पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण एवं मुजफ्फरपुर आदि में एक-एक अतिरिक्त #KrishiVigyanKendra स्थापित करने का निर्णय लिया है। @BJP4Bihar''

बिहार और हरियाणा दौरा

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''#मोतिहारी जिले में समेकित कृषि प्रणाली केन्द्र की स्थापना की गयी है, जिसके माध्यम से जलवायु परिवर्तन के परिप्रेक्ष्य में राज्य के किसानों को अधिक लाभ होगा. #DoublingFarmersIncome #IntegratedFarmingSystem''

''#बिहार में केन्द्र सरकार ने राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय को केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय का दर्जा देकर राज्य में कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार कार्यक्रमों को तेज करने का काम किया है। @icarindia''

''आज पटना (#बिहार) के गांधी मैदान में अंतराष्ट्रीय एग्री टेक बिहार 2018 जहाँ कृषि, उद्यान, डेयरी, मत्स्य, पशुपालन एवं खाध तकनीकी पर अंतराष्ट्रीय प्रदर्शनी का आयोजन किया हुआ हैं उसके valedictory प्रोग्राम में बिहार सहित अन्य राज्यों के किसान भाइयों बहनों को उद्बोधित किया.''

10 मार्च को वो हरियाणा में थे जहां से उन्होंने ये ट्वीट किया,

लेकिन महाराष्ट्र पर टिप्पणी नहीं

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''ICAR-CSSRI करनाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किसान मेला में लोगों को संबोधित किया.''

9 मार्च को वो ''#ICAR-NDRI, करनाल में आयोजित 16वें दीक्षांत समारोह में उतीर्ण छात्राओं को सर्टिफिकेट प्रदान करते हुए.'' देखे गए.

इसी दिन उन्होंने त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री को बधाई दी. 7 और 8 मार्च को भी उन्होंने कई ट्वीट किए, कई कार्यक्रमों में शिरकत की लेकिन किसानों की रैली पर कोई बयान नहीं दिया.

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