सोशल: गायब हुआ छल्ला, अब उंगली में छेद कराके पहनी जा रही है अंगूठी

शरीर में छेद कर अंगूठी लगाना, बॉडी पीयर्सिंग इमेज कॉपीरइट Instagram/piercingsby_billy

अब तक अंगूठी देकर कोई व्यक्ति किसी को प्रपोज़ किया करता था, लेकिन प्रपोज़ करने का ये तरीका अब बदलने लगा है.

अगर इंस्टाग्राम की मानें तो ब्रिटेन में अंगूठी अब पहनने की चीज़ नहीं बल्कि उंगली में छेद कर के टांकने की चीज़ बन गई है. कुछ लोग अब अपने प्यार का इज़हार करने के लिए स्थायी तौर पर उंगली में छेद कर अंगूठी फिट करवा रहे हैं.

इसे सिंगल प्वाइंट पीयर्सिंग या डर्मल पीयर्सिंग कहा जा रहा है. इसके लिए शरीर में चमड़ी के नीचे एक टुकड़ा डाला जाता है जिसे एंकर कहा जाता है. ये एंकर अंगूठी से जुड़ा होता है ताकि बिना छल्ले वाली अंगूठी अपनी जगह पर टिकी रहे.

यह अंगूठी शरीर पर गोद दिए गए कीमती हीरे या पत्थर की तरह दिखती है.

आख़िर लोग छिदवा कर अंगूठी क्यों पहन रहे हैं?

रिसर्च के अनुसार अंगूठी की कीमतें इसका एक कारण हो सकती हैं.

जहां ब्रिटेन में एक अंगूठी की कीमत एक हज़ार पाउंड से अधिक हो सकती है इस तरह छिदवा कर अंगूठी पहनने की कीमत मात्र 70 से 100 पाउंड होती है.

ऐसी अंगूठी पहनने के कॉम्पिक्शन्स भी हैं

त्वचा की बीमारियों पर काम करने वाली ब्रिटिश एसोसिएशन ऑफ़ डर्मेटोलॉजिस्ट्स का कहना है, "अगर गहरे छेद कर के एंकर को नहीं लगाया गया तो इसके अपनी जगह से हिलने की आशंका होती है. और अगर इसे अधिक गहरे लगा दिया जाए तो इसके ऊपर चमड़ी मोटी होने लगती है. इसके साथ सूजन, इंफेक्शन और दर्द भी रह सकता है."

एसोसिएशन का कहना है कि शरीर में छेद कर कुछ भी लगाना मेडिकल प्रक्रिया है और ऐसा किसी डॉक्टर से ही कराया जाना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा क्योंकि डर्मल पीयर्सिंग का काम आम लोग भी कर रहे हैं.

इस तरह की छेद वाली अंगूठी पहनने में सबसे अधिक मुश्किल तब हो सकती है जब वो कहीं किसी चीज़ में फंस जाए या फिर कपड़े पहनते वक्त ही कपड़ों में फंस कर खिंच जाए.

इन सभी कारणों से कुछ पीयर्सिंग स्टूडियोज़ का कहना है कि वो डर्मल पीयर्सिंग का काम नहीं करेंगे. वो आने वाले ग्राहकों से इससे हो सकने वाले नुक़सान के बारे में बता रहे हैं.

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