एम्स से लालू की छुट्टी पर क्यों बरपा हंगामा?

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Image caption दिल्ली के एम्स में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ने लालू से की मुलाकात

दिल्ली के एम्स अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती लालू प्रसाद यादव को डॉक्टरों ने सोमवार को छुट्टी दे दी है.

लेकिन अस्पताल से मिली छुट्टी पर लालू ने आपत्ति जताई है.

एम्स के डायरेक्टर को लिखी चिट्ठी में लालू ने लिखा है, ''अभी मेरी तबीयत ठीक नहीं हुई है. मैं किडनी इंफेक्शन, हृदय रोग, शुगर समेत कई बीमारियों से ग्रसित हूं. मेरी अस्पताल से छुट्टी करने की कार्रवाई हो रही है. अगर मुझे एम्स से रांची भेजा जाता है और मेरे जीवन पर इसका कोई ख़तरा उत्पन्न होता है तो इसकी पूरी जवाबदेही आपको होगी.''

चिट्ठी में लालू ने ये भी लिखा है, ''रांची जेल और मेडिकल कॉलेज में किडनी के इलाज की सही व्यवस्था नहीं है. हर नागरिक का अधिकार है कि उसका सही इलाज उसकी संतुष्टि के हिसाब से हो.

  • न जाने किस राजनीतिक दबाव में मुझे यहां से हटाया जा रहा है. मैं कस्टडी में बंद हूं. दिल्ली से रांची जाने में ट्रेन से 16 घंटे लगते हैं.
  • डॉक्टरों को किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के दवाब में आकर कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए, जब तक मैं पूरी तरह स्वस्थ नहीं होता. तब तक मुझे यहीं रखकर मेरा इलाज करवाया जाए.''

लालू को छुट्टी दिए जाने को लेकर उनके बेटे तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया है, ''RJD प्रमुख लालू जी ने एम्स के डायरेक्टर को ये लिखा है कि उन्हें अस्पताल से छुट्टी न दी जाए. वो रांची अस्पताल शिफ्ट नहीं होना चाहते हैं क्योंकि वहां बेहतर सुविधाएं नहीं हैं. एम्स प्रशासन पर लालू को वापस भेजने को लेकर कौन दबाव बना रहा है?''

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लालू से राहुल ने की मुलाकात

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और लालू प्रसाद के सोमवार को दिल्ली में मुलाकात की तस्वीरें आई थीं.

राहुल ने एम्स जाकर लालू प्रसाद से मुलाकात की थी.

दोनों नेताओं की मुलाकात पर पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट ने लिखा, ''भारत के दो साहसी नेता राहुल गांधी और संजीव भट्ट, जो बिना डरे फासीवादी ताकतों के ख़िलाफ खड़े हैं.''

राष्ट्रीय जनता दल के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से लिखा गया, ''ग़रीबों के नेता लालू यादव की सेहत के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे. राजनीति में इतना नीचे नहीं गिरना चाहिए.''

अनिल कुमार लिखते हैं, ''जेल से राजनीति के बाद अब अस्पताल से भी राजनीति की जा सकती है.''

श्याम बाबू पांडे ने लिखा, ''काश देश के सारे सरकारी अस्पताल में आम मरीज़ों के लिए ऐसे ही इंतज़ाम होते.''

अमित त्यागी लिखते हैं, ''अब ये देखो. आज की तस्वीर में लालू अच्छे खासे हट्टे कट्टे लग रहे हैं. बंद करो बीमारी का ढोंग और जेल भेजो इस चारा चोर को.''

क्रोसना चूहे का स्वाद याद है आपको, लालू जी?

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