पेट्रोलः मोदी स्वीकार करेंगे जनता का ये चैलेंज

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कर्नाटक के चुनाव नतीजे आने के बाद से पेट्रोल पदार्थों के दामों में बढ़ोत्तरी लगातार जारी है.

लगभग हर दिन बढ़ रहे पेट्रोल के दाम राजधानी दिल्ली में 77.47 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं वहीं मुंबई में पेट्रोल 85.29 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है.

ये भारत में पेट्रोल की क़ीमतों का अब तक का सर्वोच्च स्तर है.

पेट्रोल के बढ़ते दामों को लेकर आम लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगा रहे हैं और उन्हें टैग करके ट्वीट भी कर रहे हैं.

हाल ही में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पेट्रोल की क़ीमतों पर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में कहा था कि पेट्रोल पदार्थों पर सब्सिडी बढ़ाने से अन्य कल्याणकारी योजनाओं के फंड पर असर हो सकता है.

भड़का हुआ जमींदार नाम के अकाउंट से लिखा गया, "कल सरकार ने कहा कि वो पेट्रोल-डीज़ल के बढ़े दामों से चिंतित है और तेल कंपनियों ने उसकी चिंता को ध्यान में रखते हुए लगातार 11वें दिन दाम बढ़ा दिए."

वहीं पवन गोदारा ने लिखा, "जनता पूछ रही है साहब कि गाड़ी में पेट्रोल डालकर चलाएं या प्रधानमंत्री जी का भाषण डालें..?"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में सूचना प्रसारण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और पूर्व ओलंपियन राज्यवर्धन सिंह राठौर की ओर से शुरू किया गया फिटनेस चैलेंज स्वीकर किया है.

प्रधानमंत्री के अलावा और भी कई नेताओं और सेलिब्रिटी ने ये फिटनेस चैलेंज स्वीकार किया है.

अब लोग इसके जवाब में प्रधानमंत्री मोदी को तेल के दाम कम करने की चुनौती दे रहे हैं.

अक्की ने लिखा, "आदरणीय सर, कभी पेट्रोल के दाम कम करने की चुनौती स्वीकार कीजिए. कभी स्वास्थ्य सेवाएं ठीक करने की चुनौती स्वीकार कीजिए, कभी किसानों का दुख दर्द दूर करने की चुनौती स्वीकार करिए. बड़ी मेहरबानी होगी."

अमित माहेश्वरी ने लिखा, "सर, हम नहीं चाहते कि एक अच्छा प्रधानमंत्री पेट्रोल के दामों और ऊंचे करों की वजह से चुनाव हार जाए."

एबी शिंगाडे ने लिखा, "सर, आप हमारे प्रधानमंत्री हैं. मैं आपका सम्मान करता हूं. लेकिन सर अब पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों पर कुछ करने का समय आ गया है. ये सिर्फ़ मेरी नहीं बल्कि हर भारतीय की मांग है. मुझे उम्मीद है कि आप इस पर कुछ करेंगे."

गुरजोत सिंह, "सर, मेरे पास भी आपके लिए एक चैलेंज है, क्या आप कम से कम अपनी ओर से पेट्रोल और डीज़ल के दाम कम कर सकते हैं? यूपीए के समय के मुकबाले कच्चे तेल के दाम बहुत कम है. प्रधानमंत्री जी हमें अच्छे दिन चाहिए."

अनुभव श्रीवास्तव ने लिखा, "सर, समावेशी विकास ही एक भारत, श्रेष्ठ भारत का रास्ता है लेकिन अगर तेल के दाम स्थिर नहीं हुए तो जिन लोगों ने साल 2014 में कांग्रेस को रौंद दिया था वही एनडीए के ख़िलाफ़ वोट करेंगे. कृपया पेट्रोल और डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी और वैट कम करें और प्रदूषण कम करने के लिए कार नीति लागू करें."

सारिका ने लिखा, "सर पहले पेट्रोल और गैस के दाम कम कीजिए. विराट कोहली भारत को फिट करने के लिए इंतज़ार कर सकते हैं, पहले भारत के आम लोगों को खाने दीजिए. आप इस दौरान स्मृति जी से ये सब करने के लिए कह सकते हैं. तेल के दाम कम करने के लिए तीन-चार दिनों का इंतज़ार मत करिए, जैसा अमित शाह ने कहा है."

सागर सोनी ने लिखा, "सर मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूं. मगर थोड़ा चिंतिति हूं पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों को लेकर. जब भी कोई मुझसे कुछ पूछता है तो जवाब नहीं दे पाता हूं. कृपया इस बारे में कुछ कीजिए. वैसे चाहे जो हो, हम हमेशा आपके समर्थक रहेंगे."

वहीं दिनेश खंडेलवाल ने मोदी को याद दिलाया कि एक बार प्याज़ के दाम पर भाजपा की सरकार चली गई थी.

उन्होंने लिखा, "नरेंद्र मोदी जी आपको याद होगा कि आपकी सरकार एक बार प्याज़ की वजह से गई थी क्योंकि पेट्रोल के दाम आए दिन बढ़ते जा रहे हैं, कहीं इसकी वजह से सत्ता न चली जाए 2019 में. पेट्रोल डीज़ल आपको जल्द से जल्द जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए."

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