पासपोर्ट विवाद: सुषमा स्वराज ने रीट्वीट किए उन्हें गाली देने वाले ट्वीट

  • 25 जून 2018
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption विदेश मंत्री सुषमा स्वराज

मुसलमान युवक से शादी करने वाली हिंदू महिला के पासपोर्ट को लेकर हुए विवाद के सिलसिले में ट्रोल हो रहीं भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आपत्तिजनक ट्वीट करने वालों को आड़े हाथों लिया है.

रविवार को सुषमा स्वराज ने ऐसे कुछ ट्वीट्स को रीट्वीट किया जिनमें उन्हें अपशब्द कहे गए थे. इसके साथ ही सुषमा स्वराज ने जानकारी दी कि जिस समय पासपोर्ट को लेकर यह विवाद हुआ, उस दौरान वह देश से बाहर थीं.

विदेश मंत्री ने ट्वीट करके लिखा है, ''मैं 17 से 23 जून के बीच भारत से बाहर थी. मेरी ग़ैर-मौजूदगी में क्या हुआ मुझे नहीं मालूम. ख़ैर, मैं कुछ ट्वीट्स से बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं. मैं उन ट्वीट्स को आप सभी के साथ साझा कर रही हूं, इसलिए मैंने उन्हें लाइक किया है.''

इसके बाद सुषमा ने कुछ ट्वीट्स को री-ट्वीट भी किया. इसमें से एक ट्वीट कैप्टन सरबजीत ढिल्लन नाम के हैंडल से किया गया है. यह ट्वीट 21 जून को किया गया था.

इस ट्वीट में लिखा था, ''वह लगभग मरी हुई महिला हैं क्योंकि वह सिर्फ़ एक किडनी के सहारे जी रही हैं (वह भी किसी दूसरे से मांगी गई) और वह किसी भी समय काम करना बंद कर सकती है.''

कैप्टन सरबजीत ढिल्लन का यह ट्वीट असल में इससे पहले रुद्र शर्मा के एक ट्वीट का रिप्लाई था. रुद्र शर्मा के ट्वीट में लिखा गया था, ''यह महिला सुषमा स्वराज नरेंद्र मोदी को भी ट्विटर पर फ़ॉलो नहीं करती. यह अपनी एक सेक्युलर छवि बनाने की कोशिश कर रही है ताकि अगर साल 2019 के चुनाव में बीजेपी को बहुमत नहीं मिलता है तो ये कुछ नकली सेक्युलरों की मदद से देश की प्रधानमंत्री बन सके. विकास मिश्रा के ख़िलाफ़ कार्रवाई इसी एजेंडा का एक हिस्सा है.''

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने एक और ट्वीट को रीट्वीट किया. यह ट्वीट इंद्रा बाजपेयी ने किया था जिसमें लिखा था, ''पक्षपातपूर्ण निर्णय. मैम आप पर हमें शर्म है... क्या यह आपकी इस्लामिक किडनी का नतीजा है??'' इस ट्वीट में #ISupportVikasMishra का इस्तेमाल भी किया गया था.

किस बात को लेकर है विवाद

दरअसल विकास मिश्र उत्तर प्रदेश के पासपोर्ट विभाग के वही अधिकारी हैं जिनपर कुछ दिन पहले आरोप लगे थे कि उन्होंने एक दंपति को उनके मजहब की वजह से पासपोर्ट देने से इनकार कर दिया था.

तन्वी सेठ नामक महिला ने आरोप लगाया था कि लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय में तैनात अधिकारी विकास मिश्र ने उनके साथ धर्म के आधार पर भेदभाव किया.

तन्वी के पति अनस सिद्दीकी ने मीडिया से कहा था कि उनसे धर्म बदलने और फेरे लेने के लिए कहा गया था.

तन्वी ने सुषमा स्वराज को टैग करते हुए ट्वीट किया, जिसके बाद पासपोर्ट कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें पासपोर्ट जारी कर दिया.

विवादों में फंसे पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारी विकास मिश्र ने इसके बाद अपनी सफ़ाई में मीडिया से कहा था, "मैंने तन्वी सेठ से निकाहनामे में दर्ज नाम सादिया अनस लिखवाने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया. हमें कड़ी जांच करनी होती है ताकि हम ये सुनिश्चित कर सकें कि कोई नाम बदलवाकर तो पासपोर्ट हासिल नहीं कर रहा है."

इन आरोपों के बाद विकास मिश्र का तबादला लखनऊ से गोरखपुर कर दिया गया था.

इमेज कॉपीरइट BBC/SAMIRATMAJ MISHRA
Image caption अपने पति अनस सिद्दीकी के साथ तन्वी सेठ

सुषमा स्वराज के ख़िलाफ़ अभियान

इस पूरे मामले के बाद सोशल मीडिया पर मौजूद लोग दो खेमों में बंटते हुए दिखने लगे. कुछ लोग सुषमा स्वराज के यूं ट्विटर के ज़रिए तुरंत कार्रवाई करने की तारीफ़ कर रहे थे तो बहुत से लोग उन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने और विकास मिश्र के साथ ग़लत किए जाने की बात सोशल मीडिया पर लिखने लगे.

सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर चर्चा के बाद कुछ हिंदूवादी समूहों ने विकास मिश्र के समर्थन में अभियान चलाया था. फ़ेसबुक पर सुषमा स्वराज के पेज को नकारात्मक रेटिंग दी गई. तो वहीं ट्विटर पर भी सुषमा स्वराज पर मुस्लिम तुष्टीकरण के आरोप लगाए गए.

इस पूरे मामले के बीच रविवार को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सुषमा स्वराज के समर्थन में ट्वीट किया. कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा गया, ''चाहे जो भी हालात रहे या कारण हों. किसी भी तरह की हिंसा, असम्मान और अशब्दों का प्रयोग नहीं होना चाहिए. सुषमा स्वराज जी, हम आपके इस फ़ैसले की सराहना करते हैं कि आपने अपनी ही पार्टी के ट्रोल्स को जवाब दिया है.''

सुषमा स्वराज सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय रहती हैं. फ़ेसबुक पर उनके पेज से जहां क़रीब तीस लाख लोग जुड़े हैं वहीं ट्विटर पर उन्हें लगभग एक करोड़ 18 लाख लोग फॉलो करते हैं.

सुषमा स्वराज ट्विटर के ज़रिए आम लोगों की दिक्कतें सुलझाने के लिए भी जानी जाती हैं. बहुत से लोग सुषमा को टैग करते हुए अपनी परेशानियों के बारे में लिखते हैं और वो अक्सर कार्रवाई भी करती हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए