व्हाट्सऐप पर ग़लत मैसेज और छात्र ने दी जान

  • 8 जुलाई 2018
एडवर्ड सीनियर

सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से कोई भी मैसेज शेयर किया जाना कितना ख़तरनाक हो सकता है, ​​इसका एक मामला सामने आया है.

व्हाट्सऐप पर एक ग़लत मैसेज शेयर किए जाने से एक मेडिकल छात्र एडवर्ड सीनियर ने ख़ुदकुशी कर ली.

जांच में पता चला है कि मैसेज में एडवर्ड के साथ पढ़ने वाली एक लड़की के साथ रिश्ता होने की बात फैलाई गई थी.

वेल्स के न्यूपोर्ट शहर के कोरोनर (मृत्यु की समीक्षा करने वाले) की अदालत ने एडवर्ड सीनियर के एक रिश्ते को लेकर निजी मैसेज सुने, जिसे सैकड़ों लोगों के बीच फैलाया जा चुका था.

एडवर्ड सीनियर स्वानज़ी यूनिवर्सिटी में पढ़ते थे. इस मैसेज को लेकर उनकी शिकायत भी की गई थी और सज़ा के तौर पर यूनिवर्सिटी ने उन्हें एक लैक्चर से बाहर कर दिया था.

22 साल के एडवर्ड को इससे इतनी 'शर्मिंदगी' महसूस हुई कि उन्होंने ख़ुदकुशी कर ली. उनका शव मॉनमुथशायर शहर में उनके घर के पास ही फंदे से लटका हुआ मिला.

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वरिष्ठ कोरोनर वेंडी जेम्स ने बताया, "भले ही उनके परिवार का साथ था लेकिन इसके बावजूद इस घटना के तनाव से बाहर निकलना उनके लिए आसान नहीं था."

"साफ़तौर पर ये तो नहीं कह सकते कि क्या स्थितियां रही होंगी. वो अकेलापन और घबराहट महसूस कर रहे होंगे. युवाओं का ग़लती करना असामान्य बात नहीं है लेकिन उनकी एक ग़लती ही सबसे बड़ी ग़लती बन बैठी."

जांच में पता चला कि अपने व्हाट्सऐप पोस्ट को फैलाए जाने की शिकायत करने के बाद फरवरी में ही सीनियर ने ख़ुदकुशी कर ली थी.

अपने साथ हुई इस घटना के बाद एडवर्ड मॉनमुथशायर शहर के रागलन में अपने घर लौट आए थे और बताया जा रहा था कि वो परेशान रहते थे.

जिस सुबह उनका शव पाया गया उससे पहले वो काफ़ी चिंता में लग रहे थे. मौत का कारण लटकने के चलते दम घुटना बताया गया है.

ख़ुदकुशी का मामला रिकॉर्ड करने वालीं मिस जेम्स ने बताया, "यह मामला सोशल मीडिया साइट्स पर पोस्ट करने के ख़तरे को दिखाता है."

"एडवर्ड ने इस पोस्ट को निजी तौर पर पोस्ट किया था लेकिन उनके दोस्तों ने इसे सार्वजनिक कर दिया. इसके कारण उन्हें कई लैक्चर में शामिल नहीं होने दिया गया."

"वो डॉक्टर बनना चाहते थे और अब उन्हें उनका भविष्य ख़तरे में नज़र आ रहा था."

एडवर्ड की मां डायना ने जांच में बताया कि अफ्रीका के घाना में मौजूद एक अनाथालय में एक साल का गेप ईयर होने से पहले एडवर्ड को ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के फिजियोलॉजी में 2:1 स्कोर मिले थे.

उनके भाई मैक्स कहते हैं, "22 साल की उम्र में ही उस पर इतने सारे लोगों का अविश्वसनीय प्रभाव पड़ा था. टेड (एडवर्ड) सबका दोस्त था और हमेशा लोगों की मदद किया करता था."

एडवर्ड के परिवार ने उनके नाम पर टेड सीनियर फाउंडेशन बनाया है जो ऐसे युवाओं की मदद करता है जो अपनी ज़िंदगी से परेशान होकर आत्महत्या जैसा कदम उठाने के बारे में सोच रहे हैं.

फाउंडेशन को अब तक लगभग 19,000 पाउंड यानि 17, 27, 689 रुपये का फ़ंड मिल चुका है.

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