सोशल: वैवाहिक विज्ञापन पर बवाल, कंपनी ने मांगी माफी

  • 27 जुलाई 2018
भारतीय शादी, दुल्हन, मैट्रीमोनी इमेज कॉपीरइट EPA

शादी कराने वाली एक भारतीय कंपनी ने अपने एक विज्ञापन के लिए माफ़ी मांगी है जिसमें उन्होंने "खूबसूरत लड़कियों" को "सफ़ल युवा" कहा है.

ये विज्ञापन एक कार्यक्रम के आयोजन के बारे में है, जिसमें "बेहद धनी" परिवारों के लोगों और "युवा और सफल लड़कियों" को शादी के लिए मिलवाने के बारे में बात की गई है. देश के कई अख़बारों के पहले पन्ने पर ये विज्ञापन बुधवार को छपा.

इस विज्ञापन में कंपनी ने अपने क्लांइट के बारे में लिखा है कि वो "सफल युवा" या "बेहद धनी परिवारों के लोग" होने चाहिए.

विज्ञापन में आगे "सफल युवा" के बारे में लिखा है कि वो विशेषकर बिज़नेस करने वाले, आईएएस या वैज्ञानिक जैसी नौकरियां करने वाले, आईआईटी और आईआईएम जैसे भारत के सबसे अच्छे विश्वविद्यालय से पढ़े लोग या फिर खूबसूरत लड़कियां होनी चाहिए.

हालांकि भारत में अभी भी परिवार की ओर से तय की जाने वाली शादियों का चलन है लेकिन वैवाहिक रिश्ते तय कराने के लिए मदद करने वाली कंपनियां भी ऐसे आयोजन करती रहती हैं.

ये विज्ञापन बुधवार को छपा जिसके बाद इसकी तीखी आलोचना हुई और ये सोशल मीडिया में वायरल हो गया. लोग इसे महिला "विरोधी, भेदभाव से भरा और केवल धनी लोगों" के लिए बता रहे हैं.

कईयों का कहना है कि इसमें महिला की खूबसूरती को युवा महिला की उपलब्धि के तौर पर दिखाया गया है.

कई ट्विटर यूज़र्स ने इस विज्ञापन को छापने के लिए 'द हिंदू' अख़बार की आलोचना की है.

'यंग अचीवर्स मैट्रिमोनी' नाम की इस कंपनी ने आलोचना के बाद माफी मांग ली है.

गुरुवार को अख़बारों में प्रकाशित माफीनामे मे कंपनी ने लिखा कि "विज्ञापन में आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल के लिए हमें खेद है, ये अनजाने में हुई ग़लती है".

बीबीसी ने आयोजनकर्ता कंपनी से बात करने की कोशिश की. कंपनी ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.

ये कंपनी 12 अगस्त को दक्षिण भारतीय शहर बैंगलुरु में 'यंग अचीवर्स मैट्रिमोनी मीट' का आयोजन कर रही है.

भारत में शादी के लिए साथी खोज रहे लोगों की मुलाक़ात कराने के लिए कई मैट्रिमोनियल कंपनियां ख़ास कार्यक्रम आयोजित करती हैं. अधिकतर भारतीय अख़बार भी शादी के लिए वर वधू की तलाश के लिए ख़ास पन्ना छापते हैं.

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