इमरान ख़ान उर्दू लफ़्जों पर अटके, राष्ट्रपति ने टोका

  • 18 अगस्त 2018
इमरान ख़ान शपथ ग्रहण समारोह इमेज कॉपीरइट Reuters

पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री को अपने शपथ ग्रहण समारोह में पारंपरिक उर्दू शब्द बोलने में ख़ासी परेशानी हो रही थी. ट्विटर पर लोगों ने उनकी काफ़ी क्लास ली.

अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ बनाने के 22 साल बाद 18 अगस्त को उन्होंने प्रधानमंत्री की शपथ ली. उन्हें राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने शपथ दिलाई.

समारोह में बड़े राजनीतिज्ञ और सेना के लोग शामिल थे.

हालांकि शपथ पढ़ते हुए इमरान ख़ान कुछ शब्द गलत पढ़ गए जिसकी वजह से राष्ट्रपति को उन्हें टोकना पड़ा.

ख़ान अपनी गलती पर मुस्कुराए और राष्ट्रपति के टोकने पर एक बार सॉरी भी कहा.

उनका उर्दू शब्दों को बोलने का संघर्ष लोगों ने नोटिस किया. एक तरफ़ ट्विटर पर कुछ लोगों को उनका अटकना क्यूट और प्यारा लगा, वहीं दूसरी तरफ़ कई लोग उन्हें लताड़ते हुए दिखे कि उन्हें समारोह से पहले अभ्यास करना चाहिए था.

प्रधानमंत्री की गलतियां'क्यूट'

इमरान ख़ान की गलती पर एक ट्विटर यूज़र ज़ैनब शाह ने लिखा, "इमरान ख़ान ने जो शपथ लेते हुए गलतियां की, वो एकदम नेचुरल और क्यूट लग रहीं थी"

एक और यूज़र एम्फीबियन वूमन ने ट्वीट किया है, "इमरान ख़ान को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की शपथ लेते देखना वैसा है जैसे एक छोटे बच्चे को किसी एम्यूज़मेंट पार्क में पहली बार झूला झूलते देखना. हंसी और छोटी छोटी गलतियां.

एक यूज़र तलाल अहमद ने भी ऐसा ही कुछ कहा, "पीएम इमरान ख़ान को शपथ लेते देखना सबसे अजीब और प्यारा था.

वैसे ही यूज़र नादिया ज़ाहिद ने ट्वीट किया,"उर्दू हमारे पीएम की लिए आसान नहीं थी. लेकिन फिर भी मुझे उनकी गलतियों के साथ उनकी मुस्कान अच्छी लगी."

इमरान ख़ान के माफ़ी मांगने को लेकर एक यूज़र जे.आर ने ट्वीट किया, "हा हा, उन्हें अटकने के लिए दोष मत दो. उनकी सॉरी आज के टीवी पर दिखी सबसे बेहतरीन चीज़ है."

एक यूज़र आमिर गोंडल ने लिखा, "चलता है, ये इमरान ख़ान की पहला शपथ समारोह था. वो भी हमारी तरह इंसान हैं और थोड़े कनफ्यूज़ भी."

एक असद नाम के यूज़र ने लिखा, "ये पहली बार है जब मैंने इमरान ख़ान को स्ट्रेस में देखा जब वो शपथ ले रहे थे. एक परमाणु संपन्न देश के पीएम की ज़िम्मेदारी लेना स्ट्रेस की बात ही है."

करनी चाहिए थी रिहर्सल

हालांकि ऐसे यूजर्स भी थे जिन्होंने इमरान ख़ान की गलतियों को हल्के में नहीं लिया.

यूज़र अहमद हसन ने लिखा, "इमरान ख़ान को शपथ में ऐसी गलतियां करते देख बुरा लगा. उन्हें पहले तैयारी करनी चाहिए थी."

एक और यूज़र अमीना ख़ान ने उनकी आलोचना करते हुए लिखा, "प्रधानमंत्री इमरान ख़ान उर्दू में लिखी शपथ को बार-बार गलत पढ़ रहे हैं, लफ़्जों को गलत बोल रहे हैं, इस पहले से लिखी स्क्रिप्ट को उन्हें एक बार पहले पढ़ लेना चाहिए था. ये आपकी शपथ है प्रधानमंत्री, हंसने की बात नहीं.

पत्रकार सलमान मसूद ने भी उनकी आलोचना की, "शपथ समारोह का पहले अभ्यास होना चाहिए. ऐसा दिख रहा है कि इमरान ख़ान को शपथ की स्क्रिप्ट का अंदाज़ा नहीं था.

यूज़र सईद कौसर अब्बास ने भी ऐसी ही बात कही, "मुझे लगता है कि आप शपथ का दस्तावेज़ एक बार पढ़े होते क्योंकि आपने बहुत सारी गलतियां की हैं.

एक यूज़र एफ़के ने ट्वीट किया, "पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पाकिस्तान की आधिकारिक भाषा भी ठीक से नहीं बोल सकते."

एक और यूज़र फरिया अवान ने कहा, "किसे पता था कि शपथ लेने के बाद इमरान ख़ान की पहली दिक्कत उर्दू डिक्टेशन होगी."

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