केरल: सोशल मीडिया के ज़रिए की जा रही है बाढ़ प्रभावितों की मदद

  • 21 अगस्त 2018
केरल में बाढ़ प्रभावित इमेज कॉपीरइट AFP

केरल में इस वक़्त कैसे हालात हैं, बताने की ज़रूरत नहीं हैं. सैकड़ों लोगों की जानें जा चुकी हैं और लाखों लोगों को अपना घर छोड़कर अस्थाई राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है. कहा जा रहा है कि केरल में यह एक सदी में आई सबसे ख़तरनाक बाढ़ है.

हालांकि अभी बारिश में थोड़ी कमी की वजह से राहत और बचाव कार्य में थोड़ी तेज़ी आई है लेकिन मुश्किलें कम नहीं हुई हैं. खाने-पीने, कपड़ों, दवाइयों और तमाम ज़रूरी चीज़ों की कमी है. संक्रमण का ख़तरा है सो अलग.

ऐसे में सोशल मीडिया इनकी मदद का एक बेहतरीन ज़रिया बनकर सामने आया है. सैकड़ों लोग सोशल मीडिया की मदद से इन्हें ढूंढने, बचाने और जरुरी सामान पहुंचाने में लगे हुए हैं.

पत्रकार संध्या मेनन ने ट्विटर और इंस्टाग्राम की मदद से राहत अभियान चलाने की कोशिश की है. संध्या का कहना है उन्हें अविश्वसनीय रूप से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है.

उन्होंने बताया, "मैंने शुक्रवार से लेकर अब तक तक़रीबन नौ लाख रुपये इकट्ठा कर लिए हैं. अजबनियों को इस तरह उदारता से दान करते देखना अद्भुत है."

संध्या ने बताया कि उबर और ग्रोफ़र्स (राशन का सामान बेचने वाली ऑनलाइन कंपनी) के कर्मचारियों ने उनसे मदद के लिए संपर्क किया.

पत्रकार धन्या राजेंद्रन भी केरल में बाढ़ के हालात को लेकर लगातार ट्वीट कर रही हैं. उन्होंने कहा, "अगर बचाव प्रयासों की बात करें तो हमें नहीं पता कि कितनी मदद लोगों तक पहुंची है लेकिन हमारा काम मदद के संदेश पहुंचाना है."

वो कहती हैं, "सोशल मीडिया एक वरदान साबित हुआ है. इससे राहत सामान जुटाने, बांटने और पहुंचाने में निश्चित तौर पर मदद मिल रही है."

हालांकि राजेंद्रन इस बात से चिंतित है कि केरल के ज़्यादातर जिलों में नेटवर्क कनेक्टिविटी कमज़ोर हुई है और इससे राहत कार्य भी धीमा हुआ है.

उन्होंने कहा, "हमें सोचना होगा कि संकट के वक़्त में कैसे हमारा नेटवर्क कमज़ोर हो जाता है."

बहुत से लोग सेनेटरी नेपकिन और बेबी फूड जैसे ज़रूरी सामान इकट्ठा करने के बारे में पोस्ट कर रहे हैं.

वहीं कुछ लोगों ने केरल के उन लोगों के लिए अपने घरों के दरवाज़े खोल दिए हैं जो बाढ़ की वजह से दूसरे शहरों में फंसे हैं.

चेन्नई में अपने घर में लोगों को रुकने का प्रस्ताव देने वाले किंग्सले राजकुमार कहते हैं, "क्योंकि ये सप्ताहांत था ऐसे में मेरे मन में ख़्याल आया कि केरल के वो लोग जो चेन्नई में काम करते हैं वो अपना काम समाप्त करके घर लौटने की कोशिश कर रहे होंगे."

हालांकि अभी तक राजकुमार से किसी ने मदद नहीं मांगी है लेकिन उन्हें लगता है कि उनका ट्वीट किसी ज़रूरतमंद तक पहुंच जाएगा. वो कहते हैं, "कुछ साल पहले जब मुंबई में बाढ़ आई थी तब भी लोगों ने अजनबियों को अपने घर में रहने की जगह दी थी. मुझे लगा कि मैं भी ऐसा कर सकता हूं."

भारत में इस समय सोशल मीडिया पर केरल की आपदा के बारे में बड़ी संख्या में पोस्ट किए जा रहे हैं. लोग एक दूसरे को दान करने और मदद करने के तरीकों के बारे में बता रहे हैं.

सोशल मीडिया पर व्यापक पहुंच वाले लोग भी केरल के लोगों के लिए मदद पहुंचाने की अपील कर रहे हैं. बॉलीवुड स्टार अमिताभ बच्चन और फ़रहान अख़्तर ने भी केरल के लोगों के लिए मदद करने की अपील करते हुए ट्वीट किए हैं.

फ़रहान अख़्तर ने लिखा, "केरल के लोगों को हमारी मदद की ज़रूरत है. आप केरल के मुख्यमंत्री राहत कोष में मदद भेज सकते हैं."

अमिताभ बच्चन ने लिखा, "केरल की बाढ़ से हुई तबाही डराने वाली है. हमारे हज़ारों भाई-बहन गहरी पीड़ा में हैं. हमें उनकी हर संभव मदद करनी चाहिए."

गौतम कार्तिक ने लिखा, "मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं जो केरल के हमारे भाई बहनों की मदद कर रहे हैं और जिन्होंने चेन्नई की बाढ़ में भी हमारी मदद की थी. हमें आपकी और अधिक मदद की ज़रूरत है. अगर आप कोई भी मदद भेजना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करें."

पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट ने ट्वीट किया, "केरल में बाढ़ से स्थिति और ख़राब हो रही है. बेबस बच्चे, गर्भवती महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और कई अन्य पीड़ित अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं. दिल खोलकर मदद कीजिए."

पत्रकार मेनन मानती हैं कि ट्विटर प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने का सबसे प्रभावशाली माध्यम हैं. उन्होंने इसकी मदद से केरल के बाढ़ प्रभावितों के लिए काफ़ी पैसे इकट्ठे कर लिए हैं. वो कहती हैं कि ठीकठाक फॉलोवर संख्या होने की वजह से वो ऐसा कर पाईं.

वो कहती हैं, "जिन लोगों के ज़्यादा फॉलोवर हैं आप उनसे मदद की गुहार वाले पोस्ट करने के लिए कहिए. इससे बड़ी मदद होती है."

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