सोशल: जब मोदी बोले- प्रधानमंत्री जी रुपया क्यों गिरा, देश जानना चाहता है

  • 31 अगस्त 2018
पीएम मोदी इमेज कॉपीरइट EPA
Image caption पीएम मोदी

31 अगस्त 2018. ये वो तारीख़ है, जब डॉलर की तुलना में रुपया सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. 26 पैसे की गिरावट के साथ एक डॉलर की क़ीमत 71 रुपए हो गई.

आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी रुपए की हालत खस्ता रहने वाली है. इसकी एक वजह भारतीय कंपनियों के बढ़ते विदेशी ख़र्चे भी हैं.

विश्लेषकों का कहना है कि अभी दुनियाभर में ऐसे कई उदाहरण हैं, जो चालू खाते में घाटे की वजह से अपनी मुद्रा में गिरावट से जूझ रहे हैं.

ऐसे में भारतीय रुपए के गिरने की चर्चा सोशल मीडिया पर भी हो रही है. साल 2014 से पहले नरेंद्र मोदी डॉलर के मुकाबले रुपए के गिरने पर तत्कालीन सरकार की आलोचना किए करते थे.

ऐसे में जब मोदी प्रधानमंत्री हैं और रुपए की हालत पतली है. तब सोशल मीडिया पर लोग सरकार की आलोचना भी कर रहे हैं और कुछ लोग कमज़ोर रुपए के मसले पर सरकार का साथ भी दे रहे हैं.

ट्विटर पर #RupeeAt71 टॉप ट्रेंड है.

इमेज कॉपीरइट PIB

हमने इसी मुद्दे पर बीबीसी हिंदी के फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पेज पर कहासुनी में लोगों से सवाल पूछा-

लुढ़कते रुपये को क्यों नहीं संभाल पा रहे हैं पीएम मोदी?

इस कहासुनी पर हमें सैकड़ों प्रतिक्रियाएं मिलीं. हम आपको यहां चुनिंदा कमेंट्स पढ़वा रहे हैं.

नागेंद्र शर्मा ने लिखा, ''60 सालों में देश की दुर्दशा को पांच सालों में सुधार कर चढ़ाना चाहते हो. पुराने प्रधानमंत्रियों से कभी सवाल नहीं किया?''

रुकमकेश मीणा ने लिखा, ''केंद्र सरकार और रुपए के बीच प्रतिस्पर्धा चल रही है कि कौन ज़्यादा नीचे गिरेगा. मुझे उम्मीद है कि केंद्र सरकार ही जीतेगी.''

किशोर कुमार लिखते हैं, ''मोदी गिरते रुपए के लिए नहीं, आने वाले चुनावों के लिए चिंतित हैं.''

इंस्टाग्राम पर अमिय लिखते हैं, ''रुपया लुढ़क रहा है क्योंकि मोदी को भी पीएम की कुर्सी से लुढ़कना है.'

महेंद्र तंज करते हैं, ''मितरों, मैं रुपए को संभालना चाहता हूं. पर ये कांग्रेस और नेहरू, गांधी परिवार के लोग ये सब होने नहीं दे रहे हैं.''

शेख अफताब लिखते हैं, ''रुपए को संभालना इनके बस की बात नहीं है. ये बस हिंदू मुसलमान करना जानते हैं.''

फहीम नाम के यूज़र लिखते हैं, ''रुपया लुढ़क नहीं बढ़ रहा है. देखो 70 पार हो गया.''

ट्विटर पर अजय शर्मा ने लिखा- गिरता रुपया चार साल के विकास का नतीजा है.

कुछ लोग सुषमा स्वराज और मोदी के वो बयान भी शेयर कर रहे हैं, जिसमें वो सत्ता में आने से पहले रुपए के गिरने पर सरकार को घेरते थे.

देवाशीष ने ट्वीट किया- मितरों, अच्छे दिन मुबारक़, एक डॉलर यानी 71 रुपए.

सुप्रियो नंदी ने मोदी का 2014 से पहले का वीडियो ट्विटर पर शेयर किया.

इस वीडियो में मोदी ये कहते नज़र आ रहे हैं, ''डॉलर मजबूत, रुपया कमज़ोर होता जा रहा है. विश्व व्यापार में भारत टिक नहीं पाएगा. दिल्ली की सरकार जवाब नहीं दे पा रही है. हमारे अड़ोस-पड़ोस के देशों में डॉलर के मजबूत होने से कोई दिक्कत नहीं हो रही है. प्रधानमंत्री जी, देश ये जानना चाहता है कि आज अकेला हिंदुस्तान का रुपया डॉलर के मुकाबले रुपया क्यों गिरता ही चला गया...गिरता ही चला गया.''

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए