'तो कांग्रेस भी मोदी भक्त हो गई है' - सोशल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले के बाद पूरा देश गमगीन है. लेकिन इस बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुछ ऐसी तस्वीरें साझा की जा रही हैं, जिसमें वो हंसते-मुस्कुराते दिख रहे हैं.

कांग्रेस ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर द टेलिग्राफ अखबार में छपी प्रधानमंत्री की 14 फरवरी से अबतक की तस्वीरें साझा की हैं.

इसपर द टेलिग्राफ ने हेडिंग लगाई है, "शर्म करो, राष्ट्र द्रोहियों! तुम कैसे प्रधानमंत्री के 14 फरवरी के बाद के दुख पर सवाल उठा रहे हो? तबसे उन्होंने लगभग हर दिन काले कपड़े पहने हैं."

ट्वीटर अकाउंट पर टेलीग्राफ अखबार की इस क्लिप को साझा करते हुए कांग्रेस ने लिखा, "इसमें कोई हैरानी कि बात नहीं है कि मोदी ने राष्ट्रीय शोक का एलान नहीं किया, क्योंकि उस वजह से उनके प्लानड फोटो शूट नहीं हो पाते."

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कांग्रेस के इस पोस्ट पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.

दीपक रॉय नाम के एक यूज़र ने कमेंट किया, "उन्होंने हर दिन को काला दिन बना दिया."

ये तस्वीरें देखने के बाद के चंद्राकुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को असंवेदनशील बताया.

रमनदीप सिंह नाम के यूज़र ने लिखा, "आतंकवादी हमले के बाद शोकग्रस्त प्रधानमंत्री जी ..... 14 फ़रवरी से 21 फ़रवरी, तस्वीरों में"

सिम्मी आहूजा ने लिखा, "वो सेल्फ लवर हैं. कौन गवर्निंग की एबीसी नहीं जानता."

इन तस्वीरों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना तो हो ही रही है. लेकिन इस क्लिप को शेयर करना कांग्रेस के लिए भी भारी पड़ गया.

कांग्रेस की इस पोस्ट पर कई लोगों ने कांग्रेस की ही टांग खींच दी.

अजय नाम के एक ट्वीटर यूज़र ने लिखा, "कांग्रेस भी मोदी भक्त हो गई है."

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आई एम मुरली ने लिखा, "वाह! देखकर अच्छा लगा कि कांग्रेस नरेंद्र मोदी को प्रमोट कर रही है."

आई एम गौतम नाम के एक यूज़र ने लिखा, "जब प्रधानमंत्री के खिलाफ आपके पास कोई मुद्दा नहीं होता, तो ये होता है."

मज़ाकिया अंदाज़ में संजय मिश्रा ने कहा, "राहुल और कांग्रेस मिस्टर मोदी के सबसे अच्छे एडवरटाइज़र हैं. मुझे लगता है मिस्टर मोदी को इसके लिए उन्हें अच्छा पैसा देना चाहिए."

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कुछ लोगों ने कांग्रेस पर नाराज़गी भी जताई. रोहित शर्मा ने लिखा, "तो कांग्रेस के हिसाब से प्रधानमंत्री को सारे प्रोग्राम रोककर क्या करना चाहिए था. तुम लोग तो इस तरह से कल को बोलोगे कि प्रधानमंत्री उस टाइम सांस ले रहे थे, उस टाइम पीएम को सांस लेना भी रोक देने चाहिए था."

अजीत कुमार ने कहा, "औपचारिक हंसी तो होनी चाहिए."

शशांक राणा ने कहा, "इस तरह से आप साबित कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री दुखी नहीं थे? किसी भी आयोजन की कोई भी तस्वीर लेकर? आप इस तरह से चुनाव जीतना चाहते हैं? प्रधानमंत्री को निशाने पर लेकर?

अरविंद अग्रवाल ने राहुल गांधी पर सवाल उठाते हुए लिखा, "और युवराज नाच कर पुलवामा हमले का जश्न मना रहे थे."

कई दूसरे ट्वीटर यूज़र्स भी राहुल गांधी की एक पोस्ट शेयर कर रहे हैं, जिसमें वो 14 फरवरी को गुजरात की एक रैली में डांस करते दिख रहे हैं.

दिवित रॉव नाम के ट्वीटर यूज़न ने कहा, "आपके नेता राहुल गांधी 15 फरवरी को जवानों को श्रद्धांजलि देते वक्त फोन चला रहे थे. सबसे पहले उन्हें ये समझाइए, क्या वो दो मिनट के लिए फोन से दूर नहीं रह सकते."

एक अन्य ट्वीटर यूज़र हर्षद शाह ने लिखा, "यूपीए ने 26/11 के लिए राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया था, वो हमला पुलवामा से भी भयानक था. भारत नेताओं की पुण्यतिथि पर शोक मनाता है."

अजय ने कहा, "मुझे नहीं पता कारण क्या था, लेकिन मैं हैरान हूं कि पुलवामा हमले के लिए राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया गया."

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