दिग्विजय सिंह : मुझे देशद्रोही मानते हैं और साहस है तो मुक़दमा करें

  • 7 मार्च 2019
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"मेरे जिस ट्वीट पर आप व आपके मंत्रीगण मुझे पाकिस्तान समर्थक मानते हैं, देशद्रोही मानते हैं, वह मैंने दिल्ली से किया था, जहां की पुलिस केंद्र सरकार के अंतर्गत आती है. अगर आप में साहस है तो मेरे ऊपर मुक़दमा दायर करें."

ये कहना है कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का. ये बात उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर कही है.

दिग्विजय के इस ट्वीट का संदर्भ समझने के लिए उनके पिछले ट्वीट पर जाना होगा क्योंकि इस पूरे मामले की शुरुआत ही एक ट्वीट से हुई थी.

दरअसल, दिग्विजय सिंह ने 4 मार्च को पुलवामा हमले पर केंद्र की बीजेपी सरकार को घेरते हुए लगातार कई ट्वीट किए थे. उनमें से एक ट्वीट कुछ इस तरह था:

"हमें हमारी सेना पर और उनकी बहादुरी पर गर्व है व संपूर्ण विश्वास है. सेना में मैंने अनेक परिचित और निकट रिश्तेदारों को देखा है कि वो किस प्रकार अपने परिवारों को छोड़कर हमारी सुरक्षा करते हैं, हम उनका सम्मान करते हैं, किंतु पुलवामा दुर्घटना के बाद हमारी वायु सेना द्वारा की गई 'एयर स्ट्राइक' के बाद कुछ विदेशी मीडिया में संदेह पैदा किया जा रहा है, जिससे हमारी भारत सरकार की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न चिह्न लग रहा है."

बीजेपी नेताओं और कई लोगों ने पुलवामा हमले के लिए दिग्विजय द्वारा 'दुर्घटना' शब्द का इस्तेमाल करने पर कड़ी आपत्ति जताई.

बीजेपी नेता और पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह ने दिग्विजय सिंह के ट्वीट पर जवाब देते हुए कहा, "एक आतंकी हमले को 'दुर्घटना' क़रार देना, हमारे देश में राजनीतिक चर्चा का विषय नहीं होना चाहिए? दिग्विजिय सिंह जी, क्या आप राजीव गांधी की राजनीतिक हत्या को एक 'दुर्घटना' क़रार देंगे? इन फालतू के बयानों से देश को कमज़ोर न बनाएं और सैन्य बलों का मनोबल कम न करें."

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केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पुलवामा हमले को दुर्घटना बताया और कपिल सिब्बल, पी. चिदंबरम ने भी सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाए.

रविशंकर प्रसाद ने कहा, "ये लोग सेना से सबूत मांग रहे हैं और इन्हें सेना पर भरोसा नहीं है." रविशंकर प्रसाद ने इन नेताओं के बयान को शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा कि ये जवानों की शहादत का मज़ाक़ बना रहे हैं.

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बीजेपी के नेताओं की तरफ़ से और सोशल मीडिया पर लगातार मिल रही कड़ी प्रतिक्रियाओं के बाद दिग्विजय सिंह ने पहले तो अपने बचाव में बीजेपी नेता और उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान का हवाला दिया जिसमें मौर्य भी पुलवामा हमले को 'दुर्घटना' बता रहे हैं.

कई लोगों ने केशव प्रसाद मौर्य का वीडियो भी बाक़ायदा शेयर किया जिसमें उन्हें कहते सुना जा सकता है- "मैं इसे सुरक्षा में चूक नहीं कहूंगा. मैं कहूंगा कि हमारे सीआरपीएफ़ के जवानों के साथ बड़ी दुर्घटना हुई है..."

दिग्विजय सिंह ने भी केशव प्रसाद मौर्य का यह वीडियो शेयर करते हुए पूछा है, "मोदी जी व उनके मंत्रीगण मौर्य जी के बारे में कुछ कहना चाहेंगे?"

दिग्विजय ने ट्वीट किया, "पुलवामा आतंकी हमला हमारे लिए, सभी देशवासियों के लिए और विशेष तौर पर उसमें शहीद हुए बहादुरों के परिवारों के लिए तो दुखद दुर्घटना थी. जो उसे दुखद दुर्घटना न मानें तो ये उनका विवेक है."

ये तमाम बातें कहने के बाद दिग्विजय ने सीधे चुनौती देते हुए कहा कि अगर किसी में साहस है तो वो उन पर मुक़दमा करे.

14 फ़रवरी को भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ़ जवानों के क़ाफ़िले पर हुए आत्मघाती हमले में 40 से ज़्यादा सीआरपीएफ़ जवान मारे गए थे.

इसके बाद 26 जनवरी को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर दी. एयर स्ट्राइक के बाद विपक्षी पार्टियों ने शुरुआत में तो मोदी सरकार का समर्थन किया लेकिन फिर धीरे-धीरे इस पर राजनीति होने लगी.

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Image caption भारतीय वायुसेना प्रमुथ बीएस धनोआ

विपक्षी पार्टियां एयर स्ट्राइक में मारे गए चरमपंथियों के आधिकारिक आंकड़ों पर सवाल कर रही हैं. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने गुजरात में एक रैली में दावा किया था कि वायु सेना के हमले में 250 से ज़्यादा चरमपंथी मारे गए थे जबकि वायुसेना की ओर से ऐसा कोई आंकड़ा नहीं दिया गया है.

विवादों के बाद एयर चीफ़ मार्शल बीएस धनोआ ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके कहा कि वायु सेना लाशें गिनने का काम नहीं करती. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अगर हम जंगल में बम गिराते तो पाकिस्तान जवाबी हमला क्यों करता?

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