#ChowkidarNarendraModi ट्विटर पर चौकीदार बने तो क्या बोला सोशल मीडिया?

  • 17 मार्च 2019
मोदी शाह इमेज कॉपीरइट EPA

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर अपना नाम बदल दिया है. उन्होंने- मैं भी चौकीदार हूं कैंपेन के तहत अपने ट्विटर हैंडल का नाम बदलते हुए चौकीदार नरेंद्र मोदी कर लिया है. पहले यह नाम नरेंद्र मोदी था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी ट्विटर पर अपने नाम के आगे चौकीदार लगा लिया है.

बीजेपी ने राहुल गांधी के 'चौकीदार चोर है' नारे के जवाब में 'मैं हूं चौकीदार' अभियान शुरू किया है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो के साथ अपने ट्वीट में कहा, "आपका यह चौकीदार राष्ट्र की सेवा में मजबूती से खड़ा है, लेकिन मैं अकेला नहीं हूं. हर कोई जो भ्रष्टाचार, गंदगी, सामाजिक बुराइयों से लड़ रहा है, वह एक चौकीदार है. हर कोई जो भारत की प्रगति के लिये कठिन परिश्रम कर रहा है, वह एक चौकीदार है. आज हर भारतीय कह रहा है कि मैं भी चौकीदार."

पीएम मोदी अक्सर अपने भाषणों में खुद को ऐसा 'चौकीदार' बताते आए हैं जो भ्रष्टाचार को अनुमति नहीं देगा और न ही खुद भ्रष्टाचार करेगा.

दोपहर तक प्रधानमंत्री मोदी के कई मंत्रियों ने अपने नाम के आगे चौकीदार शब्द जोड़ लिया और साथ ही मोदी के समर्थकों में भी अपने नाम के आगे चौकीदार शब्द जोड़ने की ऐसी होड़ लगी कि ट्विटर पर #ChowkidarNarendraModi ट्रेंड करने लगा.

हालांकि कई ट्विटर यूज़र्स ने चुटीले अंदाज में पीएम मोदी की इस पहल की आलोचना करते हुए लिखा कि, मोदी जी काम नहीं करते हैं... बस नाम बदलते हैं.

प्रधानमंत्री की इस नई मुहिम पर सबसे तीखा सवाल जेएनयू से लापता हुए छात्र नजीब अहमद की मां ने पूछा. उन्होंने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा, "अगर आप चौकीदार हैं तो मेरा बेटा कहां है."

उन्होंने पूछा, "एबीवीपी के आरोपी गिरफ़्तार क्यों नहीं किये जा रहे हैं. मेरे बेटे की तलाश में देश की तीन टॉप एजेंसी विफल क्यों हो गई हैं."

नजीब की मां फातिमा नफीस ने बीबीसी से बताया कि ये ट्वीट उन्होंने ही किया है.

बीबीसी हिंदी ने 'कहासुनी' के जरिए अपने पाठकों से पूछा कि प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल पर उनकी क्या राय है.

लोगों ने ट्विटर, फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे अलग-अलग सोशल मीडिया मंचों पर अपनी राय साझा की है.

ट्विटर पर जसवीर सिंह ग्रोवर कहते हैं, "कृपया मोदी जी से उनको नौकरी देने वाले का नाम उजागर करने को कहा जाए."

वहीं, एक अन्य ट्विटर यूज़र सौरभ सिंह कहते हैं, "ये प्रधानमंत्री पद की घोर बेइज्जती है."

ट्विटर यूज़र कुंवर राजन बीते कुछ सालों में बैंकिंग घोटाले करके विदेश भागे उद्योगपतियों के मामले से जोड़कर प्रतिक्रिया देते हैं.

भाषा में फंसाना है एक गंदी पहल

जहां एक ओर सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपने-अपने अंदाज़ में इस पहल को लेकर प्रतिक्रिया दी है.

वहीं, कुछ लोगों ने बेहद संजीदगी के साथ कहा है कि ये एक ठीक पहल नहीं है.

फ़ेसबुक यूज़र सुमित जायसवाल लिखते हैं, "शब्दों" के "शब्दजाल" से देश की मूल समस्या हल हो सकती है क्या? सारे दल वाले देश की जनता की समस्याओं का निदान करने के बजाय 'चौकीदार चोर है', 'हम भी चौकीदार हैं' में उलझाकर भारतवासियों का मूल मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं. यह एक गन्दी पहल है."

एक फ़ेसबुक यूज़र इदरिस शेख़ कहते हैं, "वह सिर्फ़ प्रधानमंत्री पद की बेइज्जती कर रहे हैं. इससे भी ज़्यादा वह सिर्फ़ भारतीयों की भावनाओं से खेल रहे हैं. वह अच्छी तरह जानते हैं कि अगर वह सभी भारतीयों को चौकीदार बना देंगे तो कोई भी उनसे सवाल नहीं करेगा."

राजेश मंताला कहते हैं, "दाऊद इब्राहीम कराची में मजे से रह रहा है, भ्रष्टाचारी नेता आराम से घूम रहे हैं, एल (ललित) मोदी, एन (नीरव) मोदी, माल्या जैसे बाहर देशों मे ऐश कर रहे हैं और हमारे मोदी साहब कह रहे हैं, मैं चौकीदार हूँ."

वहीं, दिग्विजय यादव नाम के ट्विटर यूज़र बताते हैं, यह उन्होंने मान लिया है, इसलिए नाम में जोड़कर सफ़ाई दे रहे हैं.

एमजे मनोज राज ने प्रतिक्रिया दी, "5 साल में प्रमोशन...चायवाला से चौकीदार."

क़ाजी इमाम अहमद ने ट्वीट किया, "चायवाला से चौकीदार....इस देश में तो पीएम की नौकरी भी स्थाई नहीं है. जिसके पास ख़ुद कोई रोज़गार नहीं, वो दूसरों को क्या रोज़गार देगा."

शिवम ने ट्वीट किया, "सभी चायवाले पूछ रहे हैं कि उन्होंने ऐसा क्या गलत कर दिया कि किसी समय के चायवाले मोदी अचानक चौकीदार बन गए हैं."

2014 के लोकसभा चुनाव में मणिशंकर अय्यर के 'चायवाला' टिप्पणी को भी बीजेपी ने चुनाव अभियान का हिस्सा बनाया था.

ये भी पढ़ें:

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार