शत्रुघ्न सिन्हा : 'ये कांग्रेस युक्त भारत का समय है'

  • 24 मार्च 2019
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भारतीय जनता पार्टी के टिकट से दो बार सांसद रह चुके शत्रुघ्न सिन्हा ने रविवार को ट्वीट करके कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के संकेत दिए हैं.

बीजेपी ने साल 2019 के चुनाव में सिन्हा की जगह रविशंकर प्रसाद को टिकट देने का फ़ैसला किया है. इसके बाद से शत्रुघ्न सिन्हा और बीजेपी नेताओं के बीच ट्विटर पर तीखी नोकझोंक देखी जा रही है.

शत्रुघ्न सिन्हा ने पहले लालकृष्ण आडवाणी के टिकट काटे जाने पर विरोध दर्ज कराया था. स इसके बाद अब उन्होंने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के संकेत दिए हैं.

शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने ट्वीट में कहा है, "सरजी, मुझे लगता है कि आप कांग्रेस में समाए वंशवाद के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने को लेकर काफ़ी बैचेन हैं. लेकिन आप में इतनी बैचेनी क्यों हैं? आपको सिर्फ़ अपने आसपास देखने की ज़रूरत है और अपनी सहयोगी पार्टियों में देखने की ज़रूरत है. हर पार्टी इस कथित वंशवाद से भरी हुई है."

"आपकी पार्टी में भी मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र में और आपके सहयोगियों में भी ये चीज़ देखी जा सकती है. इसके साथ ही आपने जो कांग्रेस मुक्त भारत का वादा किया था उसका क्या हुआ? क्या ये भी स्मार्ट सिटी जैसे दूसरे वादों की तरह हवा में उड़ गया. आप चिंता न करें. क्योंकि ये कांग्रेस युक्त भारत के लिए सबसे उचित समय है. जय हिंद."

'पटना से चुनाव न लड़ें शत्रुघ्न'

वहीं, भारतीय जनता पार्टी के नेता सुशील कुमार मोदी ने रविवार को ट्विटर पर बीजेपी नेता शत्रुघ्न सिन्हा को कांग्रेस के टिकट पर पटना से चुनाव नहीं लड़ने की सलाह दी है.

बॉलीवुड में अपनी एक्टिंग से धाक जमाने के बाद राजनीति में क़दम रखने वाले शत्रुघ्न सिन्हा बीते दो लोकसभा चुनावों से पटना साहिब से चुनाव जीतते आ रहे हैं.

शत्रुघ्न सिन्हा ने साल 2009 में 57 फ़ीसदी वोट और 2014 में 55 फ़ीसदी वोटों के साथ इस सीट पर भाजपा को जीत दिलाई थी.

लेकिन सिन्हा का टिकट रविशंकर प्रसाद को दिए जाने के बाद ख़बरें आ रही हैं कि शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस के टिकट पर पटना साहिब से चुनाव लड़ने जा रहे हैं.

सुशील कुमार मोदी ने ऐसी ही ख़बरों के आधार पर शत्रुघ्न सिन्हा को टैग करते हुए ट्वीट किया है कि वह पटना साहिब से चुनाव लड़ने के बारे में न सोचें क्योंकि उन्हें पटना में पोलिंग एजेंट मिलने भी मुश्किल हो जाएंगे.

आडवाणी के टिकट पर नाराज़ थे शत्रुघ्न

शत्रुघ्न सिन्हा ने इससे पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के टिकट काटे जाने पर अपनी नाराजगी ट्विटर पर ज़ाहिर की थी.

उन्होंने कहा था, "आडवाणी जी की जगह पार्टी अध्यक्ष को दिया जाना, किसी भी तरह से ठीक नहीं है. उनकी शख्सियत और छवि आडवाणी के बराबर नहीं है. ये क़दम जानबूझकर और एक मक़सद के साथ उठाया गया है. और देश की जनता को ये फ़ैसला पसंद नहीं आया है. वह एक पितृपुरुष जैसे हैं. और एक पितृपुरुष के साथ इस तरह के सलूक को कोई स्वीकार नहीं करेगा. मैं आपके लोगों को इसी भाषा में जवाब देने में सक्षम हूं."

"न्यूटन का तीसरा नियम याद रखना चाहिए जो बताता है कि हर क्रिया की बराबर और उलटी प्रतिक्रिया होती है. मैं आपको जवाब देने में सक्षम हूं. लेकिन आपने जो आदरणीय यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी, मुरली मनोहर जोशी और आडवाणी जी के साथ किया है, वो आपकी कृतघ्नता को दिखाता है."

अमेठी को लेकर भिड़े स्मृति और सुरजेवाला

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भाजपा नेता स्मृति ईरानी और कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला दोनों के बीच सोशल मीडिया पर बड़ी बहस चल रही है.

जहां स्मृति ईरानी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के दो जगहों से लोकसभा चुनाव लड़ने की संभावना को लेकर ताना दिया है वहीं इसका उत्तर देने के लिए सुरजेवाला सामने आए हैं.

स्मृति ईरानी ने शनिवार को ट्वीट किया था "अमेठी ने भगाया, जगह-जगह से बुलावे का स्वांग रचाया, क्योंकि जनता ने ठुकराया."

उन्होंने पत्रकार पंकज झा का एक वीट भी शेयर किया जिसमें ज़िला प्रदेश कमिटी अमेठी की एक चिट्ठी ट्वीट की गई थी. इस चिट्ठी के अनुसार कमिटी ने राहुल गांधी से गुज़रिश की है कि वो दक्षिण भारत केकार्यकर्ताओं का निमंत्रण स्वीकार करें और वहां की एक जगह से भी चुनाव लड़ें.

पंकज झा का सवाल है कि "क्या ऐसी भूमिका तो नहीं बनाई जा रही है कि राहुल गॉंधी के दो लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ें."

स्मृति ईरानी के ट्वीट के उत्तर में सुरजेवाले ने सोशल मीडिया पर कहा है, "चाँदनी चौक ने हराया, अमेठी ने हरा कर भगाया, जिसे बार बार जनता ने ठुकराया, हर बार राज्य सभा से संसद का रास्ता पाया. अब अमेठी ने हार की हैट्रिक का मौहाल बनाया."

दो दिन पहले भाजपा ने चुनावों के मद्देनज़र 184 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी जिसमें अमेठी से स्मृति ईरानी का नाम चुना गया था.

ग़ौरतलब है कि 2014 के लोकसभा चुनावों की तरह इस बार भी अमेठी से भाजपा के टिकट पर स्मृति ईरानी चुनाव लड़ रही हैं. वहीं कांग्रेस पर्टी से यहां राहुल गांधी खड़े हो रहे हैं. 2014 के चुनावों में स्मृति ईरानी 1.07 वोटों से पीछे रह गई थीं.

शनिवार को केरल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष उमेन चांडी ने राहुल गांधी से गुज़ारिश की कि वो वायनाड चुनाव क्षेत्र से मैदान में उतरें. उनका कहना था कि प्रदेश से जो उम्मीदवार चुने गए हैं उनसे बात करने के बाद ही ये गुज़ारिश की जा रही है.

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