'सुपरवुमन' लिली सिंह बता रही हैं- चोली के पीछे क्या है? लड़की की सहमति

  • 30 मार्च 2019
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Image caption लिली सिंह

'चोली के पीछे क्या है?'

'हर रैपर उसकी 'बॉडी' के बारे में बात कर रहा है'

'हर फ़िल्म का प्लॉट उसकी शादी के बारे में होता है'

'मुझे 'हॉट' कहने से पहले मुझे 'स्मार्ट' कहो'

'मैं एक औरत हूं जिसकी अपनी कहानी हैऔर तुम्हें ये जाननी चाहिए'

ये 'सुपरवुमन' के नाम से मशहूर लिली सिंह के नए 'म्यूज़िक वीडियो' के बोल हैं. वीडियो का नाम है- If BollywoodSongs Were Rap (अगर बॉलीवुड गाने रैप होते).

इस वीडियो को उन्होंने रैप के तौर पर ही पेश किया है जिसकी ज़्यादातर लाइनें अंग्रेज़ी में हैं. ऊपर लिखे गए बोल उनका हिंदी तर्जुमा हैं.

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Image caption म्यूज़िक वीडियो का एक सीन

लिली सिंह का नया रैप बॉलीवुड के गानों की धुन और बोल के ज़रिए औरतों के साथ होने वाले भेदभाव, मानसिक स्वास्थ्य, यौन इच्छाओं और सेक्शुअलिटी समेत कई विषयों के बारे में बात करता है.

फिर चाहे वो गानों और आइटम सॉन्ग में हिरोइन के शरीर भर पर ध्यान केंद्रित किया जाना हो या रिश्ते में उसकी सहमति (कंसेंट) की अहमियत न समझना. लिली इस रैप में बड़ी ही बेबाकी से बता रही हैं कि एक महिला के चोली या ब्रा के बीच छिपे स्तनों को 'कंसेंट' यानी सहमति की ज़रूरत होती है.

औरत को सिर्फ़ उसके चेहरे और शारीरिक बनावट के अधार पर तौलना, दिमाग़ और बुद्धि के आधार पर नहीं. ऐसे तमाम चलन और पूर्वाग्रहों पर चोट करता है लिली सिंह का ये रैप.

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मेंटल हेल्थ पर बात

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'सुनो!

अगर तुम उदास हो

तो किसी से मदद मांगो

अपना ख़याल रखो

क्योंकिमानसिक सेहत के बिना दुनिया में कुछ नहीं रखा

अगर तुम बाथरूम में शावर लेते हुए रोते हो

तो मुझसे कहो

मैं कहती हूं- सब ठीक हो जाएगा

क्योंकि ऑल इज़ वेल!'

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अब वीडियो के इस हिस्से में रैप के ज़रिये लिली 'मेंटल हेल्थ' यानी मानसिक स्वास्थ्य की बात कर रही हैं.

वो डिप्रेशन की बात कर रही हैं, एंग्ज़ाइटी की बात कर रही हैं और बात कर रही हैं तमाम मानसिक परेशानियों की.

लिली अपने रैप में कह रही हैं कि अगर आप लंबे वक़्त से उदास हैं और अकेले में रोते हैं तो किसी से इस बारे में बात करिए.

वो मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पूर्वाग्रहों और ग़लतफ़हमियों को ख़त्म करने को कह रही हैं.

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सेक्शुअलिटी पर की बात

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'यहां बहुत लोग हैं पर मुझे सिर्फ़ तुम नज़र आते हो

मैंने एक-दो को डेट किया है

मगर तुममें कुछ नया है;

मैं चाहती हूं कि तुम मुझे प्रपोज़ करो

और मैं 'हां' कहूं

मगर तभी

एक 'क्वीन' मुझे आंखों से इशारा करती है

कितनी ख़ूबसूरत है वो

उसके बालों को देखो ज़रा!

मैं देख रही हूं अपलक उसे...'

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रैप गाते-गाते आख़िर में लिली एलजीबीटी (लेस्बियन, गे, बाइसेक्शुल, ट्रांसजेडर) समुदाय की आवाज़ बन जाती हैं.

वो ख़ुद को बाइसेक्शुअल लड़की के तौर पर दिखाती हैं जिसे पहले एक लड़का पसंद आता है और इसके ठीक बाद वो एक लड़की से भी आकर्षित हो जाती है.

लिली के इस वीडियो को 48 घंटों से भी कम वक़्त में 14 लाख से ज़्यादा व्यूज़ मिल चुके हैं. इसके अलावा आम और ख़ास लोगों, दोनों के बीच इसे काफ़ी पसंद किया जा रहा है.

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Image caption लिली सिंह के वीडियो पर यूज़र्स की प्रतिक्रिया

महिलाविरोधी गानों, मानसिक स्वास्थ्य और सेक्शुअलिटी जैसे विषयों पर बात करने के लिए लिली की बहुत तारीफ़ हो रही है.

यू ट्यूब पर सोहिनी मुखर्जी नाम की एक यूज़र ने लिखा है, ''मैं वो स्थिति अच्छी तरह समझ सकती हूं जब मुझे एक हॉट लड़का और एक हॉट लड़की साथ दिखाई पड़ते हैं और मैं फ़ैसला नहीं ले पाती कि किसकी तरफ़ देखूं."

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क्यों अहम है ये रैप?

फ़िल्मों और पॉप कल्चर के महिलाविरोधी रवैये के ख़िलाफ़ तो पहले से आवाज़ उठ रही है लेकिन मानसिक स्वास्थ्य और सेक्शुअलिटी ऐसे मुद्दें हैं जिन पर अब भी चर्चा की ज़रूरत है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ मौजूदा वक़्त में चार में से एक व्यक्ति डिप्रेशन यानी अवसाद का शिकार है.

साल 2016 में भारत में 2,30,314 लोगों ने ख़ुदकुशी की थी. इससे भी ज़्यादा चिंता की बात ये है कि आत्महत्या करने वालों में सबसे बड़ी संख्या 14-39 साल के लोगों की थी.

बात अगर जेंडर और सेक्शुअलिटी की करें तो इस बारे में भी उस तरह बातचीत नहीं होती है, जैसे होनी चाहिए.

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एलजीबीटी समाज कई वर्षों के संघर्ष के बाद सितंबर, 2018 में भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने दो वयस्क समलैंगिकों के बीच सम्बन्ध को अपराध ठहराने वाली आईपीसी की धारा-377 में बदलाव किए थे.

अब भारत में समलैंगिक सम्बन्ध अपराध तो नहीं हैं लेकिन समलैंगिकों को शादी करने, बच्चा गोद लेने और घर बसाने जैसे तमाम अधिकार अब भी हासिल नहीं हैं. समाज में उनकी स्वीकार्यता भी न के बराबर है.

एलजीबीटी समुदाय में भी बाइसेक्शुअल (महिला और पुरुष दोनों से आकर्षित होने वाले) लोगों को काफ़ी भेदभाव का सामना करना पड़ता है इसलिए रैप में लिली के ख़ुद को बाइसेक्शुल लड़की के तौर पर पेश किए जाने की बहुत तारीफ़ की जा रही है.

रैप में महिलाओं को उनके शरीर के लिए शर्मिंदा किए जाने के चलन और लड़कियों के पैसे के लिए लोगों के पीछे भागने जाने जैसी कई धारणाओं को चुनौती दी गई है.

इसके साथ ही एक दिलचस्प बात ये भी है कि म्यूज़िक वीडियो में अलग-अलग तरह की महिलाएं दिखाई गई हैं- हिजाब पहने महिला, वन पीस पहने महिला और ब्लेज़र पहने महिला.म्यूज़िक वीडियो में एक लड़की को कोच के तौर पर दिखाया गया है, जो महिलाओं से जुड़े स्टीरियोटाइप तोड़ने की कोशिश है.

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कौन हैं लिली सिंह?

लिली सिंह भारतीय मूल की कनाडाई नागरिक हैं. वो जानी-मानी यूट्यूबर, टीवी होस्ट और कॉमेडियन हैं.

साल 2017 में मशहूर बिज़नस मैगज़ीन 'फ़ोर्ब्स' में दुनिया में सबसे ज़्यादा कमाई करने वाला यूट्यूबर बताया गया था.

लिली ने यूट्यूब चैनल पर अपना नाम 'सुपरवुमन' रखा है और वो इस नाम से काफ़ी लोकप्रिय भी हैं.

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