संजय मांजरेकरः रविंद्र जडेजा ने मेरे टुकड़े-टुकड़े कर दिए #Social

  • 11 जुलाई 2019
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इंग्लैंड में चल रहे क्रिकेट विश्वकप में भारतीय टीम का सफ़र थम गया है. ख़िताब जीतने का सपना संजोए इंग्लैड पहुंची टीम इंडिया की गाड़ी सेमीफ़ाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई.

बारिश की वजह से दो दिन तक चले इस सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में न्यूज़ीलैंड ने 18 रन जीत दर्ज की.

पूरे टूर्नामेंट में अपनी बल्लेबाज़ी पर गुमान करने वाली भारतीय टीम सेमीफ़ाइनल में अचानक ही धराशाई हो गई. रोहित-राहुल-विराट, भारत का यह खूबसूरत शीर्षक्रम महज तीन रन बना सका.

हार के बाद तमाम तरह की समीक्षाएं हो रही हैं. विराट की कप्तानी की आलोचना हो रही है, धोनी की पारी को धीमा बताया जा रहा है.

एक शख़्स जिसने इस पूरे मैच में अपनी छाप छोड़ी वह है रविंद्र जडेजा. उनके पास जब भी गेंद आई, चाहे वह गेंदबाज़ी हो, फ़ील्डिंग हो या फिर बाद में मुश्किल हालात में बल्लेबाज़ी, जडेजा ने खुद को साबित कर दिखाया.

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Image caption संजय मांजरेकर

मांजरेकर ने की तारीफ

रविंद्र जडेजा के हरफनमौला खेल के चलते उनके बड़े आलोचक रहे पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने भी मान लिया कि जडेजा ने अपने प्रदर्शन से उन्हें ग़लत साबित किया है.

मैच के आईसीसी ने एक वीडियो ट्विटर पर पोस्ट किया है जिसमें संजय मांजरेकर जडेजा के प्रदर्शन की तारीफ कर रहे हैं.

मांजरेकर बोल रहे हैं, ''आज अपने प्रदर्शन से जडेजा ने मेरे हर एक हिस्से के टुकड़े-टुकड़े कर दिए. उन्होंने खेल के हर क्षेत्र में मुझे आज ग़लत साबित कर दिया. इस तरह के रविंद्र जडेजा को हमने पहले नहीं देखा था. पिछली 40 पारियों में उनका सर्वोच्च स्कोर 33 रन के आसपास था लेकिन आज उन्होंने इकॉनोमिकल गेंदबाज़ी की और फिर बेहतरीन बल्लेबाज़ी भी की.''

इसके बाद मांजरेकर के साथ मौजूद साथी कमेंटेटर ने मज़ाकिया लहज़े में कहा कि जडेजा सीढ़ियों के पास आपको खोज रहे थे.

इस पर मांजरेकर ने भी ज़ोर से हंसते हुए कहा, ''मुझे माफ़ करना मैं वहां नहीं था. मैं इसके लिए माफी मांगता हूं, वो आज के स्टार हैं और मुझे खोज रहे थे. मैं लाउंज़ में खाना खा रहा था.''

इस वीडियो को खुद मांजरेकर ने रीट्वीट किया है.

इसके साथ ही मैच के दौरान भी मांजरेकर ने जडेजा की तारीफ करने वाला एक ट्वीट किया था. उन्होंने लिखा था, ''वेल प्लेड जडेजा.''

मांजरेकर और जडेजा का झगड़ा

दरअसल मांजरेकर और जडेजा के बीच अनबन तब हुई थी जब मांजरेकर ने जडेजा को एक पूर्ण क्रिकेटर मानने से इंकार कर दिया था.

विश्व कप के दौरान इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मिली हार के बाद भारतीय टीम में बदलाव करने की बात होने लगी थी.

तब मांजरेकर ने कहा था कि ख़राब प्रदर्शन के बावजूद वो कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल को अगले मैच के लिए टीम में लेंगे.

उन्होंने कहा था, ''50 ओवर के क्रिकेट में जडेजा जैसे खिलाड़ियों के वो बड़े प्रशंसक नहीं हैं जो थोड़ी सी बल्लेबाज़ी और थोड़ी गेंदबाज़ी कर लेते हैं. टेस्ट मैच में वो एक गेंदबाज़ होते हैं लेकिन 50 ओवर के क्रिकेट में या तो बल्लेबाज़ या स्पिनर होंगे.''

मांजरेकर को जवाब देते हुए जडेजा ने ट्वीट किया था, ''आपने जितने मैच खेले हैं उससे दोगुने मैच मैंने खेले हैं और अभी खेल ही रहा हूं. जिन्होंने कुछ हासिल किया है उनका सम्मान करना सीखिए.''

इसके बाद जब जडेजा को श्रीलंका के साथ हुए मैच में शामिल किय गया. इस मैच में जडेजा ने 10 ओवर में 40 रन दिए और एक विकेट निकाला.

जडेजा के इस प्रदर्शन के बाद इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर माइकल वॉन ने ट्वीट किया था, ''एक जुगाड़ू खिलाड़ी तो स्पिन कर रहा है.''

इसके बाद माइकल वॉन ने ट्वीट कर बताया था कि संजय मांजरेकर ने उन्हें ट्विटर पर ब्लॉक कर दिया है. उन्होंने मांजरेकर से उन्हें अनब्लॉक करने के लिए भी कहा था.

इतना ही नहीं सेमीफ़ाइनल मैच में जडेजा के प्रदर्शन के दौरान भी वॉन ने लिखा, ''थोड़ी गेंदबाज़ी, थोड़ी फ़ील्डिंग और कुछ बल्लेबाज़ी. सबकुछ मिलाकर एक बेहतरीन क्रिकेटर.''

जडेजा का प्रदर्शन

रविंद्र जडेजा ने सेमीफ़ाइनल मैच में पहले गेंदबाजी करते हुए सबसे कम रन ख़र्च किए और 10 ओवर में 34 रन देक एक विकेट निकाला. वहीं फ़ील्डिंग करते हुए उन्होंने दो कैच लपके और शानदार रनआउट भी किया.

इसके बाद बल्लेबाज़ी करते हुए जडेजा ने शानदार 77 रनों की पारी खेली और वह भी महज़ 59 गेंदों पर. इस पारी में चार चौके और इतने ही छक्के शामिल थे.

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जडेजा ने मुश्किल वक़्त में लाजवाब बल्लेबाज़ी की और महेंद्र सिंह धोनी के साथ मिलकर मैच को अंत तक ले गए. धोनी और जडेजा ने आठवें विकेट के लिए 116 रनों की साझेदारी की. इस साझेदारी में 77 रनों का योगदान जडेजा का ही था.

वो पारी के 48वें ओवर की आखिरी गेंद पर बड़ा शॉट लगाने की कोशिश में ट्रेंट बोल्ट की गेंद पर आउट हुए. जिस समय जडेजा आउट हुए भारत को जीत के लिए 13 गेंदों पर 32 रन चाहिए थे.

इसके कुछ देर बाद धोनी भी रन आउट हो गए और टीम की सभी उम्मीदें खत्म हो गईं.

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