हाफ़िज सईद की गिरफ़्तारी पर पाकिस्तानियों में ख़ुशी या ग़म? #SOCIAL

  • 17 जुलाई 2019
2014 में लाहौर में हुई एक रैली में हाफ़िज सईद का एक समर्थक इमेज कॉपीरइट AFP

मुंबई हमलों के अभियुक्त हाफ़िज सईद को पाकिस्तान के लाहौर में गिरफ़्तार किया गया है.

ये गिरफ़्तारी चरमपंथ के लिए फ़ंड इकट्ठा करने के मामले में हुई है. पाकिस्तान में पंजाब के आतंकवाद-निरोधी विभाग ने सईद समेत 13 दूसरे लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया था.

आरोप है कि गिरफ़्तार हुए लोगों ने आतंकवाद के लिए पैसा इकट्ठा करने की ख़ातिर ग़ैर-सरकारी संस्थाएं बनाईं और ये संस्थाएं बैन हो चुकी संस्थाओं के लिए चंदा जुटा रही थीं.

फिलहाल हाफ़िज सईद को कोट लखपत जेल में रखा गया है. हाफ़िज की गिरफ़्तारी तब हुई, जब वो गुजरांवाला जा रहे थे.

हाफ़िज के गिरफ़्तार होने की चर्चा भारत के साथ-साथ पाकिस्तान में भी हो रही है. पाकिस्तान में #HafizSaeed टॉप ट्रेंड है.

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आइए आपको आगे बताते हैं कि हाफ़िज की गिरफ़्तारी पर पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर क्या प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

पाकिस्तानियों की प्रतिक्रियाएं...

आमिर नावेद लिखते हैं, ''एक ऐसे आदमी को गिरफ़्तार किया गया है, जिसने ज़िंदगी भर ग़रीबों और इस्लाम की सेवा की. सरकार को शर्म आनी चाहिए.

असीम मजीद लिखते हैं कि हाफ़िज सईद का गुनाह यह है कि वो पाकिस्तान में शांति की बात करते हैं. वो चाहते हैं कि लोग आपस में लड़ना बंद करें.

आमिर नवीद लिखते हैं कि हाफ़िज सईद को गिरफ़्तार कर लिया है. एक शख़्स जिसने अपना जीवन ग़रीब लोगों की मदद के लिए न्योछावर कर दिया और पूरी ज़िंदगी इस्लाम को मज़बूत करने में लगा दी. हाफ़िज़ सईद को गिरफ़्तार करने पर सरकार को शर्म आनी चाहिए. हाफ़िज को रिहा करो..

@iamAsadShafiq हैंडल से ट्वीट किया गया है "एक शांतिप्रिय शख़्स, एक शख़्स जो शांति और देशभक्ति का उदाहरण है... उसे गिरफ़्तार कर लिया गया है. लेकिन क्यों?"

तल्हा राजपूत कहते हैं सीटीडी ने हाफ़िज सईद को गिरफ़्तार कर लिया है. यह सरकार का एक बहुत बड़ा क़दम है. यह अब न तो अंदरुनी तौर पर स्वीकार्य था ना बाहरी. पहली बार उसके साथ पूछताछ होगी. मैंने भारतीयों को कई बार कहा है कि वे इमरान ख़ान की तुलना दूसरे राजनेताओं से ना करें.

वजाहत काज़मी ने लिखा है, हाफ़िज़ सईद को पाकिस्तान में पंजाब के आतंकवाद-निरोधी विभाग ने गिरफ़्तार किया है. जिस वक़्त वो लाहौर से गुजरांवाला की ओर जा रहे थे उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया. भारत ने उन पर साल 2008 में हुए मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड होने का आरोप लगाया है.

मुज़म्मिल ख़वाज़ा लिखते हैं "नवाज़ शरीफ़ ने कभी भी उनके ख़िलाफ़ एक्शन नहीं लिया. जबकि भारत लगातार बोलता रहा और उन्हें आतंकवादी तक कहा लेकिन उन्होंने उनकी मदद की और पाकिस्तान में उन्हें एक सुरक्षित जगह दी. लेकिन अब इमरान ख़ान की सरकार में वो जेल में हैं. अगर यही हाफ़िज सईद नवाज की सरकार में अरेस्ट होता तो...? "

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