सोशलः तीन तलाक़ बिल पर क्या बोले मोदी, ओवैसी

  • 30 जुलाई 2019
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मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2019 के राज्यसभा में पारित होने के बाद सत्तापक्ष में भारी उत्साह है.

लोकसभा से पहले से ही पारित हो चुका ये बिल मंगलवार को राज्यसभा में पेश भी हुआ और पारित भी हो गया. राज्यसभा में इसके पक्ष में 99 वोट पड़े और विपक्ष में 84 वोट.

दोनों सदनों से पारित होने के बाद अब इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंज़ूरी के लिए भेजा जाएगा जिसके बाद ये क़ानून बन जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, "तीन तलाक बिल का पास होना महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है. तुष्टीकरण के नाम पर देश की करोड़ों माताओं-बहनों को उनके अधिकार से वंचित रखने का पाप किया गया. मुझे इस बात का गर्व है कि मुस्लिम महिलाओं को उनका हक देने का गौरव हमारी सरकार को प्राप्त हुआ है."

मोदी ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया, "सदियों से तीन तलाक की कुप्रथा से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को आज न्याय मिला है. इस ऐतिहासिक मौके पर मैं सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं."

क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट किया, "ये एक ऐतिहासिक दिन है जब राज्यसभा में तीन तलाक़ बिल पास हो गया. इससे पहले ये लोकसभा से पास हो चुका था. मोदी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को न्याय देने के अपने वादे को पूरा किया. अब और तलाक़ तलाक़ तलाक़ नहीं."

सड़क राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने ट्ववीट कर इसे महिला सशक्तीकरण की ओर बढ़ा कदम बताया.

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एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने एक के बाद एक तीन ट्वीट किए. उन्होंने लिखा, "ट्रिपल तलाक़ बिल को मुस्लिमों की पहचान और नागरिकता पर 2014 से किए जा रहे हमले के एक हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए. भीड़ की हिंसा, पुलिस अत्याचार और बड़े पैमाने पर जेल में बंद करना झुका नहीं पाएगा."

दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा है, "मुझे उम्मीद है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इसकी वैधानिकता को चुनौती देगा. क़ानून समाज में सुधार नहीं लाता. अगर ऐसा होता तो कन्या भ्रूण हत्या, बाल अत्याचार, पत्नियों को छोड़ देना और दहेज प्रथा इतिहास हो जाते."

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने ट्वीट किया है, "राज्य सभा में बीजेपी/एनडीए की रणनीति बहुत शानदार थी, बावजूद कि उच्च सदन में सरकार के पक्ष में पर्याप्त नंबर नहीं थे. मुझे ताज्जुब होगा अगर राज्यसभा में सरकार को एक भी क़ानून के लिए संघर्ष करना पड़ेगा."

तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने उमर अब्दुल्लाह के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, "ये फ़्लोर मैनेजमेंट (रणनीति) नहीं बल्कि बीजेपी के अदृश्य और सबसे भरोसेमंद सहयोगी सीबीआई और ईडी का कमाल है."

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