#Ghotki की घटना पर पाकिस्तानी लोग क्या बोले?

  • 16 सितंबर 2019
तोड़ फोड़ इमेज कॉपीरइट Social media viral
Image caption सोशल मीडिया पर लोग इस घटना से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा कर रहे हैं.

पाकिस्तान में एक स्कूल की इमारत और मंदिर में तोड़ फोड़ किए जाने की घटना सामने आई है.

यह मामला सिंध प्रांत के घोटकी ज़िले का बताया गया है, जहां एक हिंदू शिक्षक पर ईश निंदा का आरोप लगा था. बताया जा रहा है कि इस आरोप के बाद उग्र भीड़ ने यह तोड़ फोड़ की है.

रविवार को पाकिस्तान के कुछ धार्मिक संगठनों ने ज़िले में बंद बुलाया था और कई जगहों पर जुलूस निकाले गए. इस वजह से घोटकी में कारोबार प्रभावित हुआ.

इन्हीं विरोध प्रदर्शनों के दौरान एक समूह ने स्कूल की बिल्डिंग पर हमला कर दिया. वहीं एक अन्य समूह ने स्कूल के मालिक के घर पर भी हमला कर दिया.

पाकिस्तानी लोग सोशल मीडिया पर लाठी-डंडों के साथ प्रदर्शनकारियों के वीडियो साझा कर रहे हैं. इन वीडियो में कुछ लोग एक हिंदू मंदिर और स्कूल में तोड़-फोड़ करते नज़र आ रहे हैं.

इसके साथ ही पाकिस्तान में #Blasphemy और #Ghotki टॉप ट्रेंड कर रहे हैं. कई लोग यह बात भी लिख रहे हैं कि पाकिस्तान में इस्लामिक नेता मिया मिट्ठू का हाथ इस घटना के पीछे हो सकता है.

सलमान दुरानी ने लिखा है, ''मुझे यह बोलते हुए शर्म आ रही है, सिंध के घोटकी में कुछ मुस्लिम अतिवादियों ने हिंदू समुदाय के लोगों का उत्पीड़न किया. हम बात करते हैं कि भारत में अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं, लेकिन हम अपने ऊपर ध्यान नहीं दे रहे.''

फ़हद हुसैन क़ाज़ी ने लिखा, ''मेरे ज़िले घोटकी में मुझे पता है कि कौन लोग इस्लाम का इस्तेमाल अपने फ़ायदे के लिए करते हैं. सरकार इन लोगों के ख़िलाफ़ क़दम उठाने चाहिए.''

समरीना हाशमी ने ट्वीट किया है, ''सरकारें भी मियां मिट्ठू जैसे अपराधियों का समर्थन करती हैं, इनकी तरफ़ कोई ध्यान क्यों नहीं देता?''

हमज़ा अली अब्बासी ने लिखा है, ''एक मुस्लिम, एक पाकिस्तानी होने के नाते मैं घोटकी की घटना की वजह से शर्मिंदा हूं. और मैं पाकिस्तानी हिंदू समुदाय से माफ़ी मांगता हूं.''

सुम्मैया नवाज़ ख़ान नामक एक ट्विटर अकाउंट से लिखा गया है, ''मैं घोटकी में रहती हूं और मैं उन हिंदू शिक्षक को भी जानती हूं. मैं एक बार उनके स्कूल में भी गई थी. यक़ीन मानिए वो एक अच्छे इंसान हैं. हिंदू समुदाय ने हमारे देश के लिए बहुत काम किए हैं. कृप्या मंदिरों को तोड़ा ना जाए. इस्लाम को शर्मिंदा ना करें.''

इस बीच कुछ लोगों ने लिखा है कि घोटकी की पुलिस अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है. रफ़ीक़ खोकर ने लिखा है, ''मैंने घोटकी के डीपीओ से बात की. 50 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज हुआ है.

पत्रकार अली हसन के मुताबिक़, शनिवार को नौवीं क्लास के एक छात्र ने स्कूल के हिंदू शिक्षक पर पढ़ाई के दौरान पैग़म्बर मोहम्मद के अपमान का आरोप लगाया.

छात्र के पिता ने इस बारे में पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद ईशनिंदा की धारा 295सी के तहत केस दर्ज करके शिक्षक को गिरफ़्तार कर लिया गया.

बीबीसी इनमें से किसी वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है.

पाकिस्तान की सत्ताधारी पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता और सिंध के सूचना और श्रम मंत्री सईद ग़नी ने बताया कि इस मामले में शिक्षक के ख़िलाफ़ शनिवार को एफ़आईआर हुई और रविवार को उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया.

उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और अगर आरोप सही साबित हुए तो क़ानून के मुताबिक़ मुक़दमा चलाया जाएगा.

उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने यह भी कहा कि वो जनभावनाओं का सम्मान करते हैं लेकिन किसी व्यक्ति की वजह से पूरे समुदाय को दोष नहीं दिया जा सकता.

घोटकी शहर में क़रीब 30 फ़ीसदी हिंदू रहते हैं जबकि पूरे ज़िले में हिंदुओं की आबादी 20 से 25 फ़ीसदी के बीच है.

ये भी पढ़ेंः

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए