नागरिकता संशोधन क़ानून: अक्षय कुमार ने क्यों मानी अपनी ग़लती #SOCIAL

  • 16 दिसंबर 2019
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जामिया यूनिवर्सिटी. दिल्ली यूनिवर्सिटी. जेएनयू. TISS. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी. लखनऊ का नदवा कॉलेज. हैदराबाद की उर्दू यूनिवर्सिटी, आईआईटी चेन्नई.

नागरिकता संशोधन क़ानून लागू किए जाने को लेकर विरोध प्रदर्शन देश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में देखने को मिल रहा है.

दिल्ली की जामिया यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स के विरोध प्रदर्शन के बाद हिंसा की घटनाओं से मामले ने तूल पकड़ लिया है. जामिया मिल्लिया की वीसी प्रोफ़ेसर नजमा अख़्तर ने कहा, ''पुलिस बिना अनुमति के यूनिवर्सिटी कैंपस में घुसी थी. मामले में जल्द एफ़आईआर दर्ज की जाएगी.''

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने गृह मंत्री अमित शाह से मिलने का वक़्त मांगा है. पीएम मोदी ने सोमवार दोपहर ट्वीट किया, ''शांति और भाईचारा बनाए रखने की ज़रूरत है. मेरी अपील है कि अफवाहों पर यक़ीन न करें. CAA को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन दुर्भाग्यपूर्ण हैं.''

दिल्ली की जामिया में रविवार को जब ये विरोध प्रदर्शन हो रहा था, तब पीएम नरेंद्र मोदी झारखंड में चुनावी रैली कर रहे थे. इस रैली में पीएम मोदी ने कहा, ''ये जो आग लगा रहे हैं. टीवी पर उनके जो दृश्य आ रहे हैं. ये आग लगाने वाले कौन हैं? ये उनके कपड़ों से ही पता चल जाता है. कांग्रेस के लोग, उनके साथी और हमारे विरोध करने वाले लोग समझ सको तो समझो कि आप जो ये कर रहे हो. आगज़नी की कोशिशों पर मूक समर्थन करने वालों को देश देख रहा है.''

पीएम मोदी के इस बयान और विरोध प्रदर्शनों की सोशल मीडिया पर चर्चा है. इनमें आम लोगों से लेकर अक्षय कुमार, राज कुमार राव, अनुराग कश्यप समेत कई फ़िल्मी हस्तियां भी शामिल हैं.

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पीएम मोदी के बयान पर प्रतिक्रियाएं

पीएम मोदी के बयान पर हमने कहासुनी की. इस कहासुनी पर हमें हज़ारों प्रतिक्रियाएं मिलीं.

सप्पन मित्तल ने पीएम मोदी के बयान पर लिखा, ''बहुत गैर-ज़िम्मेदाराना बयान है.''

शिवानी मिश्रा लिखती हैं, ''बड़ी भूल हुई आपको प्रधानमंत्री बनाकर. अभी तो एक साल ही हुआ है. जाने अगले पांच साल हम कैसे जिएंगे?'

मितुल चौधरी ने लिखा, ''हां सही कहा. ये लोग ख़ाकी यूनिफॉर्म में थे.''

रवि शंकर लिखते हैं, ''ऐसे बयान का क्या मतलब है? प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने वाले शख़्स का ऐसा कहना कितना सही है?''

ट्विटर पर #ISupportDelhiPolice, #CAAProtests , #ISupportAkshay और #HindusAgainstCAB टॉप ट्रेंड हैं. कुछ लोग पुलिस की कार्रवाई को सही बता रहे हैं.

राकेश अग्रवाल ने लिखा, ''दिल्ली पुलिस को सलाम.''

सूर्या सिंह लिखते हैं- दिल्ली पुलिस के साथ कोई नहीं है क्योंकि वो वोट बैंक नहीं हैं.

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छात्रों का प्रदर्शन: बॉलीवुड की चुप्पी और प्रतिक्रियाएं

इस पूरे मसले पर बॉलीवुड के एक तबके ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं. हालांकि कई बड़े नाम अब भी ख़ामोशी बरते हुए हैं.

फ़िल्मकार अनुराग कश्यप काफ़ी दिनों से ट्विटर से ग़ायब थे. अब अनुराग ट्विटर पर लौट आए हैं.

अनुराग कश्यप ने लिखा, ''बात बहुत बढ़ गई है. अब और चुप नहीं रहा जा सकता. ये सरकार पूरी तरह से फासीवादी है. मुझे इस बात पर ग़ुस्सा आ रहा है कि जो लोग कुछ फ़र्क़ ला सकते हैं, वो ख़ामोश हैं.''

एक्टर राजकुमार राव ने ट्वीट किया, ''स्टूडेंट्स के मामले में पुलिस ने जिस तरह से हिंसा का प्रयोग किया, मैं उसकी निंदा करता हूं. लोकतंत्र में सभी को विरोध प्रदर्शन करने का हक़ है. सार्वजनिक संपत्ति को जिस तरह से नुकसान पहुंचाया गया, मैं उसकी भी निंदा करता हूं. हिंसा किसी भी चीज़ का समाधान नहीं हो सकती.''

महेश भट्ट ने जे कृष्णमूर्ति की कही बात को ट्वीट किया, ''अगर आपमें स्नेह नहीं है तो आप जो चाहें कर लें. सारे ईश्वर को पूज लें. समाजिक कामकाज़ करें. ग़रीबों की मदद करें. सियासत में जाएं. कविताएं या किताबें लिखें. आप एक मृत इंसान हैं. बिना प्यार के आपकी समस्याएं बढ़ेंगी...अनगिनत.''

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क्या ग़लती कर बैठे अक्षय कुमार?

इस सबके बीच अक्षय कुमार की भी एक प्रतिक्रिया चर्चा में रही. ये प्रतिक्रिया थी अक्षय कुमार का लाइक, जो एक ऐसे वीडियो पर था जिसमें पुलिस स्टूडेंट्स को पीट रही थी.

इस लाइक के बाद अक्षय कुमार को लोग सोशल मीडिया पर ट्रोल करने लगे. मामला बढ़ता देख अक्षय कुमार ने भी ट्विटर पर सफाई पेश की.

अक्षय कुमार ने कहा, ''जामिया मिल्लिया स्टूडेंट्स वाले वीडियो को ग़लती से लाइव किया था. मैं स्क्रॉल कर रहा था और ग़लती से बटन दब गया. जैसे ही मुझे अहसास हुआ, मैंने अनलाइक कर दिया. मैं ऐसी किसी भी हरकत का समर्थन नहीं करता हूं.''

गीतकार वरुण ग्रोवर ने लिखा, ''अब आगे चाहे जो भी हो लेकिन ये तथ्य हमेशा इतिहास में रहेगा कि कुछ मक्कार लोगों ने धर्म के नाम पे इस महान देश को बाँटने की कोशिश में एक विश्वविद्यालय की सबसे पावन जगह, लाइब्रेरी में पढ़ते छात्र-छात्राओं पर आँसू-गैस, लाठियां, व गालियां बरसाईं. वर्तमान धुंधला जाएगा, इतिहास रहेगा.''

डॉयरेक्टर अनुभव सिन्हा ने लिखा, ''फिल्म, आर्ट, स्पोर्टस, कला, राजनीति और साहित्य जगह के आइकन्स. हमने जो चुना वो इसलिए चुना क्योंकि हम सरकारी नौकर नहीं बनना चाहते थे. लेकिन अब सब सरकारी नौकर हैं. हाहाहा.''

तापसी पन्नू ने लिखा, ''ये शुरुआत है या अंत. ये जो भी है लेकिन नए नियम लिखे जा रहे हैं. जो इनमें फिट नहीं होगा, वो अंजाम भुगतेगा.''

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