CAA-NRC: नागरिकता क़ानून के विरोध और समर्थन के दो तरीक़े- नरम दल बनाम गरम दल

  • 20 दिसंबर 2019
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Image caption दिल्ली में नागरिकता क़ानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान एक युवक

नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं.

19 दिसंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर, मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान, बंगलुरु, कोलकाता, लखनऊ समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए.

ऐसे लोग भी सड़कों पर नज़र आए जो सरकार के नागरिकता क़ानून का समर्थन कर रहे हैं.

20 दिसंबर को भी दिल्ली में भीम आर्मी ने प्रदर्शन किया.

बीते कुछ दिनों से नागरिकता क़ानून को लेकर देश में जहां कहीं भी प्रदर्शन हुए हैं, उसके दो रूप देखने को मिले हैं.

एक ऐसे लोग जिन्होंने शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया. दूसरे वो लोग, जिन पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने के आरोप लगे. ऐसे कई वीडियो भी वायरल हुए, जिनमें कुछ में प्रदर्शनकारी पुलिसवालों पर पथराव करते दिखे और कुछ में पुलिसवाले प्रदर्शनकारियों पर लाठियां चलाते हुए दिखे.

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Image caption 'पहले रोटी ज़रूरी है.

प्ले कार्ड से प्रदर्शन

आइए हम आपको बीते कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में जिस तरह से विरोध प्रदर्शन के लिए प्ले कार्ड का इस्तेमाल किया, उसकी कुछ झलकियां दिखाते हैं.

19 दिसंबर को नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ और समर्थन में उतरे लोगों ने कुछ ऐसे ही क्रिएटिव प्ले कार्ड बनाए.

इन प्लेकार्ड्स की कुछ चुनिंदा तस्वीरें...

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Image caption जगह-दिल्ली: 'अगर आप हमें नागरिक नहीं मानते हैं तो हम भी आपको सरकार नहीं मानते'
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Image caption जगह- जामा मस्जिद: 'प्याज़ इस्तेमाल कीजिए...आंसू गैस नहीं'
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Image caption जगह- अहमदाबाद: ''अब भी जिसका खून ना खौला, वो खून नहीं पानी है जो देश के काम ना आए, वो बेकार जवानी है''
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Image caption जगह-अजमेर: बीते कुछ दिनों में ऐसे लोग भी एकजुट होकर सामने आए हैं, जो नागरिकता क़ानून के समर्थन में हैं.
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Image caption जगह-अजमेर: राष्ट्रीय विचार मंच के कुछ कार्यकर्ता नागरिकता क़ानून के समर्थन में ऐसे प्ले कार्ड लिए नज़र आए.
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Image caption दिल्ली-जगह: ''कोई इंसान अवैध नहीं है...सिवाय अरबपतियों के''
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Image caption जगह-दिल्ली: ''कल लड़े गोरों से...आज लड़ेंगे चोरों से''
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Image caption दिल्ली-जगह: ''भारत आपके पिता की प्रॉपर्टी नहीं है''
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Image caption जगह- धर्मशाला: फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की नज़्म- ''बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे. बोल ज़बाँ अब तक तेरी है''
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Image caption जगह-दिल्ली: ध्यान देने के लिए शुक्रिया ;)
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Image caption जगह- जंतर मंतर: फूल है गुलाब का चमेली का ना समझना...

बीते कुछ दिनों में पुलिस और स्टूडेंट्स के बीच आक्रामकता बढ़ी है. ऐसे में 19 दिसंबर को दिल्ली में कई जगह स्टूडेंट्स हाथ में प्लेकार्ड और गुलाब का फूल लिए पुलिसवालों से मुस्कुराते हुए मिले.

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Image caption जगह दिल्ली, तरीका- गांधीगीरी

ऐसी ही एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल रही.

इस तस्वीर में एक लड़की पुलिसवाले को गुलाब का फूल देते हुए दिख रही है. इस लड़की के हाथ में प्लेकार्ड है, जिसमें लिखा है- मेरे पिता सोचते हैं कि मैं इतिहास की पढ़ाई कर रही हूं लेकिन दरअसल मैं इतिहास रच रही हूं.

जिस तरह से ये तस्वीर वायरल हुई. शायद इस लड़की के प्लेकार्ड पर लिखी बातें सच साबित हुईं.

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Image caption जगह- दिल्ली: ''ज़रूरतमंद को किताब डोनेट कीजिए. छात्र का नाम- अमित शाह, किताब- भारत का संविधान''
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Image caption जगह- दिल्ली: जामिया के स्कूल में 12वीं क्लास में पढ़ने वाले मुस्तफीज़ मुमताज़
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Image caption जगह- दिल्ली: प्लेकार्ड में राहत इंदौरी का शेर- ''सभी का खून है शामिल यहाँ की मिटटी में किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है''
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Image caption जगह- दिल्ली का जंतर-मंतर, सब ठीक है?
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Image caption जगह-दिल्ली का जंतर-मंतर: ''वाह मोदी जी वाह''
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Image caption जगह- जंतर मंतर: सड़क पर मीडिया के ख़िलाफ़ भी गुस्सा देखने को मिला
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Image caption जगह- जंतर मंतर: बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे....
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Image caption दिल्ली का जंतर-मंतर: ''हम एजुकेशन बचाने निकले हैं...आओ हमारे साथ चलो.''

कुछ दिनों पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था- विरोध प्रदर्शन के दौरान आग लगाने वाले लोग कौन हैं, उनके कपड़े देखकर पता चव जाएगा.

पीएम मोदी के इस ताज़ा बयान का प्लेकार्ड पर इस्तेमाल करते हुए एक प्रदर्शनकारी छात्र.

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Image caption जगह- कोलकाता, ''लोकतंत्र ERROR 404''
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Image caption जगह-मुंबई: I.N.D.I.A.N.
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Image caption जगह-मुंबई, शायर- राहत इंदौरी

ऐसे प्लेकार्ड्स की भरमार सोशल मीडिया पर भी रही.

कुछ ट्वीट्स...

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Image caption जगह- मुंबई, किसी प्रदर्शनकारी की नज़र में झंडे में एक रंग का फैलाव
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Image caption दिल्ली का लाल किला: इस प्लेकार्ड में बॉलीवुड का योगदान. फ़िल्म- राज़ी. गीतकार- गुलज़ार
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Image caption जगह गुजरात, जहां पुलिसवालों पर जमकर पथराव हुआ

जहां प्रर्दशनकारी हुए गरम

अब तक आपने ऐसे प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें देखीं, जो प्लेकार्ड के ज़रिए विरोध ज़ाहिर कर रहे थे.

लेकिन नागरिकता क़ानून के लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों का एक दूसरा पक्ष भी है. गुजरात और लखनऊ में कुछ ऐसे भी इलाक़े रहे, जहां विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए.

बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने दिल्ली के सीलमपुर में विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो शेयर किया. इस वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी पुलिसवालों को पीटते दिख रहे हैं.

गुजरात के अहमदाबाद में कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसवालों पर भारी पथराव किया. ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल रहा.

लखनऊ में भी विरोध प्रदर्शन का नज़ारा काफ़ी ख़राब रहा.

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Image caption जगह- लखनऊ, जहां प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बाइक्स को आग लगा दी
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Image caption जगह- लखनऊ, प्रदर्शनकारियों पर लाठी चलाते हुए यूपी पुलिस

नेशनल एंथम और सारे जहां से अच्छा...

नागरिकता क़ानून को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों ने हिंसा भी देखी और प्लेकार्ड भी.

लेकिन 'पिक्चर अभी बाक़ी है मेरे दोस्त...'

कई जगहों पर पुलिसवालों के ठीक सामने खड़े होकर स्टूडेंट्स ने नेशनल एंथम और सारे जहां से अच्छा गीत भी गाया.

ऐसा ही एक नज़ारा कर्नाटक से लेकर दिल्ली तक देखने को मिला.

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