कंगना रनौत का एक और 'पंगा', 'उस लेडी को रेपिस्टों के साथ जेल में रखो'

  • 23 जनवरी 2020
कंगना रनौत इमेज कॉपीरइट Getty Images

फ़िल्म अभिनेत्री कंगना रनौत कुछ लोगों से लगातार 'पंगा' ले रही हैं. पहले उन्होंने दीपिका पादुकोण के जेएनयू जाने पर अपनी राय रखी, फिर सैफ़ अली ख़ान के बयान पर जवाबी हमला बोला और अब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

कंगना की फ़िल्म 'पंगा' 24 जनवरी को रिलीज़ हो रही है और इससे पहले कंगना रनौत अलग-अलग मुद्दों पर कई लोगों से बढ़-चढ़कर पंगा ले रही हैं.

फ़िल्म प्रमोशन के एक कार्यक्रम में कंगना से पूछा गया कि देश में एक ऐसी महिला है जिनका कहना है कि प्रियंका गांधी की तरह निर्भया की माँ को भी दोषियों को माफ़ कर देना चाहिए. कंगना ने सवाल पूरा होने से पहले ही जवाब दिया,

"उस लेडी को उन लड़कों के साथ चार दिन जेल में रखो. उनको (इंदिरा जयसिंह) रखना चाहिए, उनको ज़रूरत है. कैसी-कैसी औरतें होती हैं, जिनको बड़ी दया आती है. ऐसी ही औरतों की कोख से ऐसे वहशी दरिंदे निकलते हैं. ये भी किसी की कोख से निकले हैं. उन्हीं की कोख ऐसी होती है, जिन्हें ख़ूनियों, वहशियों पर प्यार आता है."

कंगना ने ये भी कहा कि निर्भया के दोषियों को फ़ाँसी खुलेआम होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई और ऐसा करने की हिम्मत न कर सके. उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि इन लोगों को चुपचाप मार देना चाहिए. ऐसे मारने का क्या फ़ायदा, जब आप एक्ज़ाम्पल ही ना सेट कर पाएं. उन लोगों को चौराहे पर हैंग करना (लटकाना) चाहिए."

अनुज टंडन ने कहा, "कोई भी देख सकता है कि जब कंगना रनौत बयान दे रही हैं, तब उनके बगल में बैठी रिचा चड्ढा कितना असहज महसूस कर रही हैं."

साल 2012 में निर्भया के गैंगरेप और हत्या के दोषियों को मौत की सज़ा दी गई है और उन्हें तिहाड़ जेल में रखा गया है. उन्हें एक फ़रवरी को सुबह छह बजे फाँसी दी जाएगी.

इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट की वकील इंदिरा जयसिंह ने ट्वीट कर कहा था, "मुझे आशा देवी (निर्भया की माँ) के दुख का पूरा-पूरा अहसास है, मैं उनसे गुज़ारिश करती हूँ कि उन्हें सोनिया गांधी का अनुसरण करना चाहिए जिन्होंने नलिनी (राजीव गांधी की हत्या की दोषी) को माफ़ कर दिया था. और वो उनके लिए फ़ाँसी नहीं चाहती हैं. हम आपके साथ हैं, लेकिन मृत्युदंड के ख़िलाफ़ हैं."

नलिनी को 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में दोषी पाया गया था. साल 1999 में सोनिया गांधी ने तत्कालीन राष्ट्रपति के आर नारायणन से यह कहते हुए नलिनी की 'सज़ा माफ़ी' का आग्रह किया था कि वो (नलिनी) एक बेटी की माँ हैं.

इंदिरा जयसिंह के इस बयान पर विवाद हुआ था और निर्भया की माँ आशा देवी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा था, "मुझे ऐसी सलाह देने वाली इंदिरा जय सिंह कौन होती हैं? पूरा देश चाहता है कि दोषियों को फ़ाँसी मिले. उनके जैसे कुछ व्यक्तियों की वजह से ही रेप पीड़िताओं के साथ न्याय नहीं होता है."

दीपिका से 'पंगा'

कंगना ने दीपिका के जेएनयू जाने पर भी आपत्ति जताई थी. अपनी फ़िल्म छपाक की रिलीज़ से पहले जेएनयू में लेफ्ट विंग छात्रों को समर्थन देने दीपिका जेएयू पहुँची थीं. कंगना ने इस पर कहा था कि इसका जवाब सीधा नहीं है. महिलाओं को महिलाओं का समर्थन करना चाहिए, लेकिन दीपिका ने जो किया, वो (कंगना) ऐसा कभी नहीं कर सकती हैं.

कंगना ने कहा था, "महिलाओं को महिलाओं का समर्थन करना चाहिए. और मैं इस मसले में नहीं पड़ना चाहती कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं, वो जानती हैं कि उन्हें क्या करना है. उन्होंने अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल किया है. लेकिन अगर आप मेरी निजी राय पूछेंगे तो मैं वहाँ नहीं जाती. मैं टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ खड़ी नहीं हो सकती. क्योंकि मुझे वो लोग अच्छे नहीं लगते हैं. मेरी यही राय है. मुझे समझ में नहीं आता कि वो क्यों इतना खुश होते हैं जब हमारे जवान मरते हैं, जब आतंकवादी मरते हैं तो क्यों इनके दिल का खून बहता है. कौन हैं ये खुराफ़ाती लोग, जो निर्भया के हत्यारों के लिए छाती पीट रहे हैं. ये लोग खुद को बुद्धिजीवी कहते हैं."

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कंगना ने सैफ़ अली ख़ान को भी उनके बयान पर घेरा था. कंगना ने कहा था,"अगर भारत नहीं था तो महाभारत क्या था?"

सैफ़ ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अंग्रेजों के भारत आने से पहले शायद कॉन्सेप्ट ऑफ इंडिया था ही नहीं. कंगना ने सैफ़ की इस मामले पर आलोचना करते हुए उनके बयान को गलत बताया.

कंगना ने कहा, "अगर सैफ़ के मुताबिक कोई 'भारत' था ही नहीं तो 'महाभारत' क्या था? और वेद व्यास ने क्या लिखा था?' कंगना ने आगे कहा कि कुछ लोग अपने वही विचार रखते हैं जो उन्हें सही लगते हैं लेकिन महाभारत में श्रीकृष्ण ने साफ़ तौर पर जिक्र किया है कि भारत उस समय भी मौजूद था. उन्होंने कहा कि पुराने दौर में भी अलग-अलग राजा एक समान पहचान के लिए लड़े हैं जिसे 'भारत' कहा जाता था.

भारतीय जनता पार्टी के महासचिव राम माधव ने भी कंगना के इस बयान को री-ट्वीट किया था.

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