रतन टाटा ने वैलेंटाइन डे से पहले बताई अपनी प्रेम कहानी #Social

  • 13 फरवरी 2020
रतन टाटा ने शेयर की पुरानी तस्वीर इमेज कॉपीरइट HoB/FB
Image caption अपनी दादी के साथ रतन टाटा (तस्वीर सौजन्य-Instagram/officialhumansofbombay)

टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा सुर्खियों इन दिनों सोशल मीडिया में सुर्खियों में छाए हुए हैं. सोशल मीडिया पोस्ट के लिए जानी जानेवाली वेबसाइट/ब्लॉग 'ह्यूमन्स ऑफ़ बॉम्बे' के साथ बातचीत में रतन टाटा ने अपनी ज़िंदगी के कई अंतरंग पलों को साझा किया है. कि

कैसे उन्हें एक लड़की से प्यार हो गया था

कैसे वो तकरीबन शादी तक पहुँच चुके थे

माता-पिता के तलाक़ का उन पर क्या असर हुआ

इसके साथ ही उन्होंने अपनी तस्वीरों को भी साझा किया है.

तीन हिस्सों की सिरीज़ के पहले पार्ट में उन्होंने लिखा, "मेरा बचपन बहुत अच्छा था, लेकिन जैसे-जैसे मैं और मेरे भाई बड़े हुए, माता-पिता के तलाक़ की वजह से हम दोनों को काफ़ी परेशानियां उठानी पड़ी, क्योंकि उन दिनों तलाक़ कोई आज की तरह सामान्य बात नहीं थी."

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उन्होंने कहा, "लेकिन मेरी दादी ने हमारा हर लिहाज़ से ख़याल रखा. मेरी माँ के दोबारा शादी करने के बाद स्कूल में लड़के हमारे बारे में तमाम तरह की बातें किया करते थे, हमें छेड़ते थे, उकसाते थे. लेकिन हमारी दादी लगातार हमें बताती रहीं कि ऐसा मत कहो या शांत कैसे रहना है और हर क़ीमत पर अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखनी है."

रतन टाटा ने अपने पिता के साथ मतभेदों का भी जिक्र किया है.

रतन टाटा ने बताया, "अब ये कहना आसान है कि कौन ग़लत था और कौन सही. मैं वायलिन सीखना चाहता था, लेकिन मेरे पिता चाहते थे कि मैं पियानो सीखूँ. मैं पढ़ने के लिए अमरीका जाना चाहता था, लेकिन वो चाहते थे कि मैं ब्रिटेन में रहूँ. मैं आर्किटेक्ट बनना चाहता था, लेकिन उनकी ज़िद थी कि मैं इंजीनियर क्यों नहीं बनता."

बाद में रतन टाटा पढ़ने के लिए अमरीका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी गए और उन्होंने इसका पूरा श्रेय अपनी दादी को दिया. उन्होंने बताया, "मैंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था, लेकिन बाद में मैंने आर्किटेक्चर की डिग्री ली."

फिर रतन टाटा लॉस एंजेलिस में नौकरी करने लगे जहां उन्‍होंने दो साल तक काम किया.

इस तरह टूटा रिश्ता

उन दिनों को याद करते हुए रतन टाटा कहते हैं, "वह काफी अच्‍छा समय था- मौसम बहुत खूबसूरत था, मेरे पास अपनी गाड़ी थी और मुझे अपनी नौकरी से प्‍यार था."

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इसी शहर में रतन टाटा को अपनी मनपसंद लड़की मिली और उन्हें प्यार हुआ. रतन टाटा कहते हैं, "ये लॉस एंजेलिस था जहाँ मुझे प्यार हुआ और मैं उस लड़की से शादी करने वाला था. लेकिन तभी मैंने भारत आने का फ़ैसला किया क्योंकि मेरी दादी की तबीयत ठीक नहीं रहती थी. मैं ये सोचकर घर लौट आया कि जिस लड़की से मैं शादी करना चाहता हूँ वो भी मेरे साथ भारत आ जाएगी, लेकिन 1962 की भारत-चीन लड़ाई के चलते उस लड़की के माता-पिता उसके भारत आने के पक्ष में नहीं थे और इस तरह ये रिश्‍ता टूट गया."

इंस्टाग्राम पर इस पोस्ट को शुरुआती 20 घंटों में एक लाख 40 हज़ार से अधिक लाइक्स मिले हैं. फ़ेसबुक पर ढाई हज़ार से अधिक लोगों ने इसे शेयर किया है.

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मोनिका मृद्धा ने लिखा, "मुझे दूसरी और तीसरी किश्त का इंतज़ार रहेगा."

अब्दुल अली ने लिखा, "ह्यूमन्स ऑफ़ बॉम्बे की सबसे बेहतरीन सिरीज़. भारत में हर कोई रतन टाटा के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानना चाहता है."

रतन टाटा ने पिछले दिनों इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या 10 लाख से पार होने पर खुशी जताई थी और लिखा था, "मैंने अभी देखा कि इस पेज पर लोगों की संख्या एक मुकाम तक पहुँच गई है. मैं इसके लिए आप सभी लोगों को शुक्रिया अदा करता हूँ. यह अद्भुत ऑनलाइन परिवार है, जिसके बारे में मैंने इंस्टाग्राम से जुड़ते वक्त सोचा भी नहीं था."

रतन टाटा की इस पोस्ट को पाँच लाख से अधिक लाइक्स मिले थे.

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