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रविवार, 25 मई, 2003 को 22:47 GMT तक के समाचार
'तेनज़िंग को वैसा सम्मान नहीं'
तेनजिंग और हिलेरी ने सबसे पहले एवरेस्ट फ़तह किया
तेनजिंग और हिलेरी ने सबसे पहले एवरेस्ट फ़तह किया

नेपाल के प्रसिद्ध शेरपा तेनज़िंग नोर्गे के पौत्र ताशी ने शिकायत की है कि उसके दादा को वो सम्मान नहीं मिला जो उन्हें मिलना चाहिए था.

एवरेस्ट फ़तह की पचासवीं वर्षगांठ के मौक़े पर ताशी ने ये टिप्पणी की है.

उल्लेखनीय है कि शेरपा तेनज़िंग का नाम पर्वतारोहण के क्षेत्र में सर्वाधिक प्रतिष्ठित नामों में है.

उन्होंने एडमंड हिलेरी और ब्रिटेन के जॉन हंट के साथ महारानी एलिज़ाबेथ की ताजपोशी की पूर्व संध्या पर दुनिया की सबसे ऊंची 29,028 फ़ीट पर्वत चोटी एवरेस्ट पर 29 मई 1953 को सबसे पहले क़दम रखे थे.


ताशी भी एवरेस्ट फ़तह कर चुके हैं
बाद में महारानी ने एडमंड हिलेरी और जॉन हंट को तो नाइटहुड की उपाधि से सम्मानित किया लेकिन शेरपा तेनज़िंग को सिर्फ़ एक मेडल ही मिला और अब उनके पौत्र ने इसी निणर्य की आलोचना की है.

ताशी वांगचुक तेनज़िंग का कहना है कि "उसके दादा को वो सम्मान नहीं मिला जिसके वे लायक़ थे. उन्हें वही सम्मान मिलना चाहिए था जो हिलेरी और हंट को मिला, ये उचित नहीं है."

ताशी का ये भी कहना है कि उसके दादा के बिना एडमंड हिलेरी कभी भी एवरेस्ट पर नहीं पहुंच पाते.

हिलेरी से शिकायत नहीं

लेकिन ताशी को सर एडमंड हिलेरी से कोई शिकायत नहीं है.

उनका कहना है कि "वह महान व्यक्ति हैं. मेरे उनसे बहुत अच्छे संबध हैं और मैं उनसे प्रेरणा पाता हूँ."

लेकिन कहा जाता है कि एडमंड हिलेरी की आत्मकथा में ये उल्लेख होने के बाद कि एवरेस्ट पर पहुचंने वाले वे पहले व्यक्ति थे ना की उनके गाईड शेरपा तेनज़िंग, दोनों परिवारों के बीच कुछ कटुता पैदा हो गयी थी.

ये आत्मकथा 1986 में शेरपा तेनज़िंग का निधन होने के बाद प्रकाशित हुई थी.

एवरेस्ट फ़तह की स्वर्ण जयंती के मौके पर हिलेरी के बेटे पीटर और तेनज़िंग के पोते ताशी ने भी माउंट एवरेस्ट की एक साथ चढ़ाई का सपना पूरा कर लिया है.

47-वर्षीय पीटर हिलेरी को चोटी पर शेरपा तेनज़िंग के पोते 37-वर्षीय ताशी वांगचुक तेनज़िंग से मिलना था.

लेकिन ख़राब मौसम के कारण हिलेरी के दल को शनिवार सुबह तक के लिए अपनी चढ़ाई को टाल देना पड़ा.

ताशी तीन दिन पहले ही, बुधवार को, वहाँ पहुँच गए थे.
 
 
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