भविष्यवाणी करने पर ज्योतिषी गिरफ़्तार

  • 28 जून 2009
चंद्राश्री
Image caption चंद्राश्री बंडारा ने भविष्यवाणी की है कि राष्ट्रपति को उनके दफ़्तर से बेदख़ल कर दिया जाएगा

श्रीलंका में पुलिस का कहना है कि राष्ट्रपति को उनके दफ़्तर से बेदख़ल किए जाने की भविष्यवाणी करने के बाद एक ज्योतिषी को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

चंद्राश्री बंडारा ने पिछले हफ्ते भविष्यवाणी की थी कि आर्थिक और राजनीतिक संकट के कारण सरकार सितंबर-अक्तूबर में गिर जाएगी. विपक्ष ने ज्योतिषी की गिरफ़्कारी की निंदा करते हुए कहा है कि देश तानाशाही की ओर बढ़ रहा है. ज्योतिष को श्रीलंका के सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता बहुत गंभीरता से लेते हैं.

प्रधानमंत्री बनेंगे राष्ट्रपति

पुलिस ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि बंडारा ने विपक्ष की एक सभा में कहा था कि नौ सितंबर को प्रधानमंत्री राष्ट्रपति बन जाएँगे और विपक्ष के नेता प्रधानमंत्री. पुलिस के प्रवक्ता रणजीत गुनासेकरा ने बताया कि ज्योतिषी को बुधवार को जाँच-पड़ताल के लिए गिरफ़्तार कर लिया गया ताकि ये पूछा जा सके कि उन्होंने किसा आधार पर भविष्यवाणी की.

बंडारा ने देश में पिछले 26 साल से जारी गृह युद्ध पर राष्ट्रपति के विजय पाने के बाद उनकी लोकप्रियता में आए उछाल के बावजूद भी यह भविष्यवाणी की थी.

पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि सीआईडी (अपराध जाँच विभाग) ज्योतिषी से पूछताछ करेगी. ज्योतिषी ने कहा था कि आठ अक्तूबर को एक ग्रह की स्थिति बदलेगी जो सरकार और संसद के लिए शुभ नहीं होगी और सरकार शायद खाद्य पदार्थों की बढ़ती क़ीमतों को नियंत्रित नहीं कर पाएगी. वहीं संवाददताओं का कहना है कि अर्थशास्त्रियों ने ऐसी भविष्यवाणी पहले से कर रखी है. यूनाइटेड नेशनल पार्टी के महासचिव तिसा अनंतनायके ने कहा, "चंद्राश्री बंडारा ने ये अपराध किया था कि उन्होंने एक ज्योतिषी कॉलम को प्रकाशित किया जो सरकार के लिए प्रतिकूल था." ज्योतिषी की इस भविष्यवाणी की सटीकता को लेकर श्रीलंका के कई नेता आश्वस्त हैं जो अपना कोई भी काम शुरू करने से पहले शुभ मुहुर्त देखते हैं. राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने इस साल के शुरू में कुछ विदेशी संवाददाताओं से कहा था कि वे कई बार भाषण देने से पहले या कोई यात्रा शुरू करने से पहले ज्योतिषियों की सलाह लेते हैं. चंद्राश्री बंडारा एक साप्ताहिक टीवी कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता हैं और विपक्ष समर्थक एक अख़बार में कॉलम लिखते हैं. वे देश के प्रमुख ज्योतिषियों में से एक हैं. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगाने का आरोप लगाते हुए सरकार की इस कोशिश की कई मीडिया संगठनों ने निंदा की है.

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