नेपाल में माओवादी सरकार से अलग हुए

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड
Image caption प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक में माओवादियों की माँगों पर कोई फ़ैसला नहीं हो पाया

नेपाल के पूर्व माओवादी विद्रोहियों ने अंतरिम सरकार से अलग होने की घोषणा की है.

माओवादियों के एक प्रवक्ता का कहना था कि राजशाही को समाप्त करने की उनकी माँग का कोई हल नहीं निकला है.

नेपाल के प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोईराला के साथ हुई बैठक में माओवादियों की माँगों को लेकर कोई समाधान नहीं निकला.

प्रधानमंत्री के निवास पर हुई बैठक का माओवादी नेता प्रचंड और बाबूराम भट्टाराई और उनके मंत्री बहिष्कार कर चले गए.

वरिष्ठ माओवादी नेता कृष्ण बहादुर महारा ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने इस्तीफ़े दे दिए हैं.

नेपाल की आठ पार्टियों की अंतरिम सरकार में माओवादियों को पाँच मंत्री पद दिए गए थे.

विवाद

माओवादियों की मांग है कि चुनाव से पहले अंतरिम सरकार देश को गणराज्य घोषित करे जबकि गठबंधन के अन्य घटक चुनाव बाद इसकी घोषणा करना चाहते हैं.

ग़ौरतलब है कि पिछले साल नेपाल में माओवादी नेताओं ने दशकों पुराने संघर्ष को ख़त्म करते हुए सरकार में शामिल होने का फ़ैसला किया था.

नेपाल में नवंबर में चुनाव होने हैं जिसमें राजशाही के भविष्य के बारे में फ़ैसला होगा.

संवाददाताओं का मानना है कि इन चुनावों में माओवादी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहने की आशंका व्यक्त की जा रही है.

उल्लेखनीय है कि दो साल पहले राजा के ख़िलाफ़ नेपाल की जनता में नाराज़गी बढ़ गई थी और बड़े जन आंदोलन के बाद उन्होंने संसद को बहाल करते हुए अंतरिम सरकार को सत्ता सौंप दी थी.

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