युवक और किन्नर पुलिस की हिरासत में

अल्लाह बचायो और शरबत फक़ीर
Image caption अल्लाह बचायो का कहना है कि फक़ीरों से उनकी काफ़ी पुरानी दोस्ती है जो आज भी जारी है

पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बदीन ज़िले की पुलिस ने एक घर पर छापा मार कर एक किन्नर और युवा को हिरासत में लिया है. पुलिस के मुताबिक़ यह नौजवान किन्नर से शादी कर रहा था.

एक पुलिस अधिकारी बुरहान ने बीबीसी को बताया कि ऐसी सूचना मिली थी कि बदीन ज़िले के पंगरियो शहर में अल्लाह बचायो नाम के एक युवक की शरबत फ़क़ीर नाम के के किन्नर से शादी हो रही है.

उन्होंने बताया, "जब पुलिस वहाँ पहुँची तो अल्लाह बचायो अपने कुछ दोस्तों के साथ एक घर में मौजूद थे और कुछ किन्नर भी उनके साथ थे."

पुलिस अधिकारी के मुताबिक़ अल्लाह बचायो और शरबत फ़क़ीर के हाथों पर मेहंदी लगी हुई थी और शरबत फकीर ने लाल रंग के कपड़े भी पहने हुए थे.

शादी की इस सभा में मेहमानों के लिए खाना भी बनाया गया था. पुलिस ने युवक और किन्नर को हिरासत में ले लिया है.

पंगरियो थाने में कैद अल्लाह बचाओ ने टेलीफ़ोन पर बीबीसी को बताया, "फ़क़ीरों (किन्नरों) ने ख़ुशी में एक सभा का आयोजन किया था, कोई निकाह आदि नहीं हुआ था."

फ़क़ीरों से दोस्ती

दोनों के हाथों पर मेहंदी लगे होने और शरबत फ़क़ीर के लाल कपड़े पहनने का अल्लाह बचाओ ने कोई जवाब नहीं दिया.

उन्हों ने कहा, "फ़क़ीरों से मेरी दोस्ती है और यह कई सालों से जारी है."

अल्लाह बचायो मज़दूरी करते हैं और उनके घर के साथ ही शरबत फ़क़ीर का प्लॉट है लेकिन शरबत फ़क़ीर दूसरे शहर अमरकोट में रहते हैं.

शरबत फक़ीर ने शादी होने से इनकार करते हुए कहा कि पंगरियोके गुरु ने उन्हें चेला बनाया है इसलिए यह सभा आयोजित की गई थी.

उन्होंने बताया कि गुरु ने उन्हें तोह्फ़े में सोने की बालियाँ दी हैं.

शरबत फ़क़ीर ने कहा, "एक किन्नर से किसी पुरुष की शादी कैसे हो सकती है, हाँ, दोस्ती ज़रूर हो सकती है."

शादी की इस तक़रीब में कुछ पत्रकारों ने भी भाग लिया. स्थानीय पत्रकार अब्दुल मालिक मल्कानी ने बताया, "इस सभा में सारी रस्में शादी की तरह हुईं. युवक और किन्नर के हाथों पर मेहंदी लगाई गई और नाच-गाना भी हुआ."

मेडिकल जाँच

पुलिस ने दोनों के ख़िलाफ़ अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया है. बुरहान ने बताया, "दोनों का मेडिकल चेकअप करावाया गया है ताकि यह पता लग सके कि वाकई यह किन्नर है या नहीं, दोनों के बीच कोई संबंध तो नहीं थे."

उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज करने या न करने का फ़ैसला किया जाएगा.

ग़ौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही कराची के किन्नरों ने अपने अधिकारों के लिए एक संस्था बनाने की घोषणा की थी.

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश जस्टिस इफ़्तिख़ार चौधरी ने भी कुछ दिन पहले चारों प्रांतों को आदेश दिया था कि समाज कल्याण विभाग किन्नरों का सर्वेक्षण कर उनका पंजीकरण करे.