बाइडन ने की अफ़ग़ान युद्ध की वकालत

  • 23 जुलाई 2009

अमरीकी उपराष्ट्रपति जो बाइडन ने तालेबान के ख़िलाफ़ अफ़ग़ानिस्तान में चल रहे युद्ध की वकालत करते हुए कहा है कि यह अमरीका और ब्रिटेन के हित में है.

इस युद्ध को उचित ठहराते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सीमा पर मौजूद चरमपंथी गुट यूरोप और अमरीका के ख़िलाफ़ विध्वंसकारी क़दम उठा सकते हैं.

हाल ही में अफ़ग़ानिस्तान में विदेशी फ़ौजियों की मौतों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है और इसके बाद से युद्ध में ब्रिटेन के शामिल होने के बारे में सवाल उठाए जा रहे हैं.

इस समय को 'युद्ध काल' की संज्ञा देते हुए उन्होंने कहा कि कुछ और क़ुर्बानियाँ देनी होंगीं.

जो बाइडन इस समय यूरोप की यात्रा पर हैं. उन्होंने यूक्रेन और जॉर्जिया का दौरा किया है.

उप राष्ट्रपति ने ज़ोर देकर कहा, "जो प्रयास किए जा रहे हैं और जो क़ुर्बानियाँ दी जा रही हैं, वह ब्रिटेन, अमरीका और पूरे यूरोप के राष्ट्रीय हितों को देखते हुए समुचित हैं."

उन्होंने इस युद्ध के प्रति ओबामा प्रशासन की प्रतिबद्धता को दोहराया.

उन्होंने कहा, "यह वह जगह है, जहाँ से अलक़ायदा ने 9/11 और यूरोप में हुए दूसरे हमलों को अंजाम दिया - अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान से."

ब्रिटिश फ़ौजियों की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा कि वे दुनिया के सबसे अच्छे प्रशिक्षित और सबसे वीर लड़ाकों में से हैं.

लेकिन उन्होंने उन उपकरणों की गुणवत्ता पर कोई टिप्पणी नहीं की जो ब्रिटिश फ़ौज को दिए जा रहे हैं.

ब्रिटेन के विदेश मंत्री लॉर्ड मैलॉक ब्राउन के इस बयान से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था कि ब्रिटेन के पास पर्याप्त संख्या में हेलिकॉप्टर नहीं है.

समीक्षकों का कहना है कि हेलिकॉप्टर न होने से ब्रिटिश फ़ौजियों के लिए यह ख़तरा बढ़ा है कि वे विस्फोटों के शिकार हो जाएँ.

जो बाइडन का कहना था कि वे 'किसी तरह की टिप्पणी' करने की स्थिति में नहीं हैं लेकिन उन्होंने कहा कि वे समझते हैं कि जो कुछ उपलब्ध करवाया जा रहा है, वह पर्याप्त है.

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