मुंबई मामले में सुनवाई में देरी

पिछले साल नवंबर में मुंबई में हुए हमलों के मामले में पाकिस्तान में गिरफ़्तार पाँच अभियुक्तों के ख़िलाफ़ संक्षिप्त सुनवाई शनिवार को रावलपिंडी में हुई.

Image caption ताज होटल में आग लग गई थी

लेकिन क़ानूनी अधिकारियों के मुताबिक़ आरोप पढ़कर नहीं सुनाए गए और अदालत की कार्यवाही 29 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गई.

मुंबई में हुए हमलों में 160 से ज़्यादा लोग मारे गए थे. पाकिस्तानी अधिकारियों का तर्क है कि पाँचों अभियुक्तों के ख़िलाफ़ मुक़दमा शुरू होना अपने आप में इस बात का सबूत है कि पाकिस्तान इस मामले में कितना गंभीर है.

हालाँकि भारत पाकिस्तान पर मामले में ढिलाई बरतने का आरोप लगाता रहा है. भारत मुंबई हमलों के लिए पाकिस्तान स्थित चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा को ज़िम्मेदार मानता है और चाहता है कि पाकिस्तान इसके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करे.

मुंबई हमलों के कुछ महीने बाद पाकिस्तान ने यह स्वीकार किया था कि इन हमलों की साज़िश की कुछ हिस्सा पाकिस्तान में ही बना था.

इस कारण भारत और पाकिस्तान के रिश्ते काफ़ी तनावपूर्ण हो गए थे. पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मामलों के मंत्री रहमान मलिक पहले कह चुके हैं कि हिरासत में मौजूद पाँच लोगों में से एक पर हमले की साज़िश रचने का आरो है जबकि अन्य चार लोग ने हमले को कार्यरूप देने में मदद की.

इस मामले में पाकिस्तान में गिरफ़्तार पाँचों लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा बंद कमरे में चल रहा है और सुरक्षा व्यवस्था भी काफ़ी कड़ी है.

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