बलूचिस्तान पर सबूत नहीं: हॉलब्रुक

पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के लिए विशेष दूत रिचर्ड हॉलब्रुक ने कहा है कि पाकिस्तान ने बलूचिस्तान की गड़बड़ियों में भारत का हाथ होने का आरोप लगाया है लेकिन ठोस सबूत नहीं दिए हैं.

हालांकि पाकिस्तान बलूचिस्तान की गड़बड़ियों में भारत का हाथ होने का आरोप लंबे समय से लगाता आ रहा है लेकिन इस समय हॉलब्रुक के बयान की अहमियत इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि भारत में बलूचिस्तान के नाम पर राजनीतिक बवाल मचा हुआ है.

दरअसल गत 16 जुलाई को मिस्र के शर्म-अल-शेख़ में भारत और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में बलूचिस्तान का ज़िक्र आया था और विपक्ष का कहना है कि इस ज़िक्र को स्वीकार करना यूपीए सरकार के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ऐतिहासिक भूल थी.

वैसे मनमोहन सिंह ने अपने बयान में कहा है कि भारत की भूमिका एक खुली किताब की तरह है और बलूचिस्तान की गड़बड़ियों से उसका कोई लेना देना नहीं है.

सबूत नहीं

वॉशिंगटन में विदेश मंत्रालय की पत्रवार्ता में जब रिचर्ड हॉलब्रुक ने पूछा गया कि क्या पिछले हफ़्ते उनके पाकिस्तान प्रवास के दौरान बलूचिस्तान का मुद्दा उठा था, तो उन्होंने कहा, "मैं आपको दिग्भ्रमित करुँगा, अगर मैं कहूँ कि यह मुद्दा नहीं उठा था."

लेकिन यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान ने बलूचिस्तान में भारत का हाथ होने के ठोस सबूत दिए हैं, उन्होंने कहा, "मेरा संक्षिप्त जवाब है, नहीं."

उन्होंने इस बारे में इससे अधिक कुछ नहीं कहा.

उल्लेखनीय है कि मनमोहन सिंह ने भी बुधवार को अपने बयान में कहा था कि पाकिस्तान ने बलूचिस्तान में भारत का हाथ होने के कोई सबूत नहीं दिए हैं और यदि वह कोई सबूत देता है तो भारत उस पर कार्रवाई करने को तैयार रहेगा.

रिचर्ड हॉलब्रुक ने इस पत्रवार्ता में एक बार फिर से दोहराया कि कश्मीर पर चर्चा करना उनके कार्यक्षेत्र में नहीं है.

लेकिन उन्होंने सवालों के जवाब में कहा कि पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के मसले पर भारत से उनके कोई मतभेद नहीं हैं.

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