स्वात में खुले स्कूल

पाकिस्तान में हिंसा से प्रभावित सूबा सरहद के मालाकंड डिविज़न के सभी स्कूल खुले हैं. पहले तालेबान चरमपंथियों की धमकी और फिर सेना की कार्रवाई के कारण ये स्कूल क़रीब तीन महीने से बंद थे.

Image caption स्वात में तालेबान ने कई स्कूलों को नष्ट कर दिया था

इनमें तालेबान चरमपंथियों के विद्रोह का प्रमुख केंद्र स्वात घाटी भी शामिल है. पाकिस्तान की सेना इस इलाक़े में चरमपंथियों के ख़िलाफ़ सैनिक अभियान चला रही है.

पहले दिन स्कूलों में उपस्थिति काफ़ी कम रही क्योंकि कई बच्चे स्कूल नहीं आए. तालेबान के बढ़ते प्रभाव के कारण इलाक़े से पलायन कर चुके क़रीब तीन लाख लोग वापस लौट चुके हैं.

हालाँकि अब भी इलाक़े में संघर्ष जारी है. इसलिए आशंका है कि तालेबान अब भी इलाक़े में मौजूद हैं.

आकलन

संयुक्त राष्ट्र का आकलन है कि स्वात में क़रीब 60 प्रतिशत स्कूल तबाह कर दिए गए हैं. लड़कियों के कुछ स्कूल तो जला दिए गए.

पाकिस्तान की सेना स्वात को दोबारा बसाने की कोशिश कर रही है और स्कूलों का खुलना इसी कड़ी में शामिल है.

स्वात घाटी के प्रमुख शहर मिंगोरा में एक लड़कियों के स्कूल में सिर्फ़ 30 छात्राएँ मौजूद थी. आमतौर पर इस स्कूल में 700 छात्राएँ पढ़ती हैं.

धूल से भरी अपनी कक्षा के बाहर खड़ी 12 वर्षीय साइमा अब्दुल वहाब काफ़ी ख़ुश नज़र आ रही थी. उन्होंने कहा, "मैं बहुत ख़ुश हूँ. मुझे स्कूल पसंद है. मैं पढ़ना चाहती हूँ."

साइमा ने बताया कि कई अन्य लोगों की तरह वो भी उस समय पढ़ाई से काफ़ी डरती थी, जब वहाँ तालेबान का नियंत्रण था.

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