ब्रिटेन के अफ़ग़ानिस्तान अभियान की आलोचना

सैनिक (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption अफ़ग़ानिस्तान में बड़ी संख्या में ब्रितानी सैनिक तैनात हैं

ब्रिटेन के सांसदों की एक समिति ने अफ़ग़ानिस्तान में ब्रिटेन के अभियान की कड़ी आलोचना की है.

ब्रिटेन के सांसदों की विदेश मामलों की समिति का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में ब्रितानी अभियान इसलिए असफल रहा है क्योंकि सेना को बहुत सारे काम सौंप दिए गए थे.

हाउस ऑफ़ कॉमन्स की इस समिति का कहना है कि इस अभियान को अव्यावहारिक योजना, ख़राब समन्वय और सेना को सही दिशानिर्देश देने में राजनीतिज्ञों की असफलता के कारण धक्का लगा.

समिति का कहना है कि सैनिकों को मादक पदार्थों की तस्करी रोकने जैसे कामों में भी लगा दिया था.

इस सर्वदलीय समिति का कहना है कि इस वजह से सरकार को इस अभियान के औचित्य को लोगों को समझौने में दिक्कत आई.

समिति का कहना है कि सैनिकों को केवल सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम सौंपना चाहिए था.

ग़ौरतलब है कि ब्रितानी सैनिकों के लिए जुलाई का महीना काफ़ी कठिन रहा और हेलमंद प्रांत में अभियान के दौरान उसके 22 सैनिक मारे गए.

रिपोर्ट में दक्षिण अफ़ग़ानिस्तान की सुरक्षा स्थिति को लेकर चेताया गया है और कहा गया है कि ये कुछ समय तक गंभीर बनी रहेगी.

दरअसल दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय सेना अभियान चला रही है जिसमें ब्रिटेन के सैनिक भी शामिल हैं.

हालांकि इसके पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गोर्डन ब्राउन ने स्पष्ट किया था कि चुनौतियों के बावजूद ब्रिटेन चरमपंथ को परास्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और वह अफ़ग़ानिस्तान में अगस्त में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए हर संभव प्रयास करेगा.

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