श्रीलंका के तमिल इलाक़े में चुनाव

गत मई में गृहयुद्ध ख़त्म होने के बाद श्रीलंका के उत्तरी हिस्से के तमिल बहुल इलाक़े में पहली बार चुनाव हुए हैं.

Image caption चुनावों को लेकर लोगों में बहुत उत्साह नहीं दिखा

वावुनिया में सत्तारूढ़ गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा है जबकि जाफ़ना में उनकी जीत हुई है.

जाफ़ना और वावुनिया शहरों में स्थानीय निकायों के चुनावों में मतदान का प्रतिशत बहुत कम रहा है. वैसे ये चुनाव दक्षिणी श्रीलंका के यूवा में भी हुए हैं.

स्वतंत्र पत्रकारों को इन चुनावों में नहीं जाने दिया गया.

ये चुनाव इन ख़बरों के दो दिन बाद हुए हैं जिसमें अधिकारियों ने कहा था कि एलटीटीई के नए प्रमुख को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

तमिल विद्रोहियों ने इस गिरफ़्तारी की पुष्टि कर दी थी.

वावुनिया में युद्ध की वजह से कोई ढाई लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा है. वहाँ लगभग 50 प्रतिशत मतदाताओं ने ही अपने मतों का प्रयोग किया.

जबकि जाफ़ना में सिर्फ़ 20 प्रतिशत लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया.

उत्तरी हिस्सों में हुए इन चुनावों को श्रीलंका सरकार ने स्थिति सामान्य होने की दिशा में एक क़दम बताया है.

लेकिन कोलंबो से बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हैलीलैंड ने कहा है कि युद्ध के बाद की स्थिति इतनी ख़राब है कि वहाँ लोगों के लिए चुनाव कोई प्राथमिकता ही नहीं थी.

उनका कहना है कि वहाँ स्थिति अभी सामान्य नहीं हैं.

इसका अंदाज़ा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि शरणार्थियों से कहा गया था कि जो लोग वोट देने की पात्रता रखते हैं वो अपना पंजीयन करवा सकते हैं लेकिन ढाई लाख लोगों में से सिर्फ़ छह हज़ार लोगों ने अपना पंजीयन करवाया.

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