राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों का परिचय

  • 15 अगस्त 2009

अफ़ग़ानिस्तान में दूसरी बार राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हो रहा है. चुनाव आयोग के मुताबिक 41 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें पूर्व तालेबान कमांडरों से लेकर वर्तमान राष्ट्रपति तक शामिल हैं.

अफ़गान चुनाव पर विशेष

लेकिन मुख्य मुकाबला तीन उम्मीदवारों के बीच माना जा रहा है-राष्ट्रपति हामिद करज़ई, पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला अब्दुल्ला और पूर्व वित्त मंत्री अशरफ़ ग़नी. आइए तीनों मुख्य उम्मीदवारों के जीवन पर एक नज़र डालें.

हामिद करज़ई

हामिद करज़ई 2004 में अफ़ग़ानिस्तान के पहले चुने गए राष्ट्रपति बने. 90 के दशक के शुरुआती सालों में जब तालेबान का उदय हुआ था तो करज़ई ने पहले उसका समर्थन किया था.लेकिन 1994 तक आते-आते वे तालेबान को शक़ की निगाह से देखने लगे. इसके बाद उन्होंने अपनी राह अलग कर ली. पूरा परिचय पढ़ने के लिए क्लिक करें

अब्दुल्ला अब्दुल्ला

अब्दुल्ला अब्दुल्ला करज़ई सरकार में विदेश मंत्री रह चुके हैं. 1995 में जब कुछ समय के लिए अफ़ग़ानिस्तान में नॉर्दन एलायंस का शासन था तो वे विदेश मंत्री बने. पूरा परिचय पढ़ने के लिए क्लिक करें

अशरफ़ ग़नी

अशरफ़ ग़नी करज़ई सरकार में वित्त मंत्री के ओहदे पर काम कर चुके हैं. उन्होंने अफ़ग़ान अर्थव्यवस्था में कई सुधार भी लागू किए. जब 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के लिए चुनाव होना था तो अशरफ़ ग़नी भी एक उम्मीदवार थे. पूरा परिचय पढ़ने के लिए क्लिक करें

फरोज़ाँ फ़ना

फरोजाँ उन दो महिला उम्मीदवारों में से एक है जो राष्ट्रपति चुनाव में खड़ी हुई हैं. उनका कहना है कि वो महिलाओं को और नौकरियाँ दिलवाना चाहती हैं. रूढ़ीवादी विचारधारा वाले लोग कहते आए हैं कि चुनाव प्रचार में उन्हें अपनी तस्वीर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए लेकिन वे इसे नहीं मानती.

दूसरी महिला उम्मीदवार हैं शहला अता. वे ख़ुद को महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाली उम्मीदवार के तौर पर पेश कर रही हैं.उनके अभियान का नारा है- नारी समाज की आधी आबादी का हिस्सा हैं. वे कहती हैं कि समाज में नज़रअंदाज़ किए गए 50 फ़ीसदी तबके के लिए वे काम करना चाहती हैं.

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