कबायली फ़ौज ने चरमपंथियों को मारा

तालेबान
Image caption स्वात में पहली बार कबायली लड़ाके तैयार किए गए हैं

पाकिस्तानी पुलिस के मुताबिक़ पाकिस्तान के स्वात घाटी में एक स्थानीय क़बायली फ़ौज ने तीन संदिग्ध चरमपंथियों को मार दिया है.

एक प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि घाटी के मुख्य शहर मिंगोरा के नजदीक काबल इलाके में दोनों के बीच यह झड़प हुई.

ख़बरों के मुताबिक़ यह झड़प तब शुरू हुई जब संदिग्ध चरमपंथियों ने क़बायली फौज पर हमला किया जिसके जवाब में क़बायली फ़ौज ने भी हमला बोल दिया.

पाकिस्तानी सेना चरमपंथियों के ख़िलाफ़ स्थानीय लोगों को खुद की फ़ौज तैयार करने को बढ़ावा देती है.

मिंगोरा से संवाददाताओं का कहना है कि ग्रामीणों ने काबल और चारबाग़ इलाक़े में कम से कम तीन लड़ाकू गुट बनाए हैं.

पिछले दिनों पाकिस्तान के उत्तरी-पश्चमी बाजौड़ और दीर इलाक़े में कबायली लड़ाके, जिसे वे लश्कर कहते हैं, को चरमपंथियों से लड़ने के लिए खड़ा किया गया था.

लेकिन स्वात में पहली बार क़बायली फ़ौज तैयार किया गया है.

संवाददाताओं का कहना है कि इस बात की आशंका है कि क़बायली फ़ौज की मौजूदगी से घाटी में पहले से ही जो ख़राब स्थिति है वह और और ख़राब हो जाएगी.

अगस्त 2009 में ब्रिगेड कमांडर सलमान अकबर ने चरमपंथियों के ख़िलाफ़ 'समय रहते कार्रवाई' करने पर स्थानीय फ़ौज को तीन बंदूकें और 50 हज़ार रुपए दिए थे.

अप्रैल महीने से चरमपंथियों के ख़िलाफ़ चल रही सेना की कार्रवाई के बाद कुछ समय पहले ही सेना ने स्वात घाटी को चरमपंथियों से मुक्त कराने की घोषणा की थी.

उधर पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में उत्तरी-पश्चिमी पाकिस्तान में चरमपंथियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई मुठभेड़ में क़रीब 60 चरमपंथी मारे गए हैं.

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