'अफ़ग़ानिस्तान हमलों की जाँच हो'

गॉर्डन ब्राउन एंगेला मर्केल
Image caption ब्रिटेन और जर्मनी ने अफ़ग़ानिस्तान पर सम्मेलन बुलाने की बात कही है

जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान में हवाई हमलों की तत्काल जाँच करने को कहा है.

ख़बरें हैं कि शुक्रवार को हुए इस हमले में अनेक आम नागरिक मारे गए थे. इस हमले का आदेश जर्मनी के अधिकारियों की ओर से आया था.

जर्मन चांसलर ने कहा कि यदि कुंदुज़ प्रांत में आम नागरिकों की मौत हुई है तो उन्हें इसका खेद है.

दूसरी ओर ब्रिटिश प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन और जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने अफ़ग़ानिस्तान के मामले पर चर्चा के लिए इस साल के अंत तक एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बुलाने की ज़रूरत बताई है.

बर्लिन में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में गॉर्डन ब्राउन ने कहा कि इसका मक़सद अफ़ग़ान अधिकारियों और वहां के आम लोगों की देश के निर्माण में ज्यादा से ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित करना है.

उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन के ज़रिए अफ़ग़ानिस्तान की नई सरकार, संयुक्त राष्ट्र और नैटो तीनों को एक मंच पर आने का मौक़ा मिलेगा.

जर्मनी और ब्रिटेन अफ़ग़ानिस्तान में काम कर रही 41 देशों की संयुक्त सेना में शामिल हैं.

ब्रिटिश प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन का कहना था,'' हम चाहते हैं कि लोग अपने देश के भविष्य निर्माण की ज़िम्मेदारी खुद लें. हम दोनों ही इस सम्मेलन का समर्थन करते हैं जो सभी देशों और संस्थाओं को एक मंच पर लाने में मददगार होगा.''

जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा कि इस सम्मेलन के लिए हम संयुक्त राष्ट्र सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी मदद चाहेंगे.

उनका कहना था,"हम यह बताना चाहते हैं कि अफ़ग़ानिस्तान में राष्ट्रपति चुनावों के परिणाम की घोषणा के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ब्राउन, फ्रांस के राष्ट्रपति निकोला सर्कोजी और मैं सभी मिलकर संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करेंगे कि अफ़ग़ानिस्तान को लेकर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मलेन बुलाया जाए जिसमें उसकी भावी भूमिका सुनिश्चित की जा सके.''

करज़ई को बढ़त

अफ़ग़ानिस्तान में हाल ही में हुए राष्ट्रपति चुनाव में अब तक आए नतीजों से पता चलता है कि राष्ट्रपति हामिद करज़ई जीत की ओर बढ़ रहे हैं.

तीन चौथाई मतों की गणना हो चुकी है जिसमें करज़ई को 48.6 प्रतिशत मत मिल चुके हैं जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्धी अब्दुल्ला अब्दुल्ला को 31.7 प्रतिशत मत मिले हैं.

किसी भी उम्मीदवार को विजयी तभी माना जाएगा जब उसे कम से कम 50 प्रतिशत मत मिलें, अन्यथा मतदान का दूसरा दौर होगा.

इस बीच राष्ट्रपति चुनाव में हुई धांधली की जांच के बाद 447 मतदान केंद्रों के परिणाम रद्द कर दिए गए हैं. अगस्त में हुए चुनाव में व्यापक धांधली के आरोप लगाए गए हैं.

बीबीसी के काबुल संवाददाता डेविड लॉयन का कहना है कि इस बात की काफ़ी संभावना है कि राष्ट्रपति करज़ई को 50 प्रतिशत से अधिक मत मिल जाएंगे क्योंकि जिन मतों की गिनती अभी बाक़ी है वो दक्षिण के पश्तून बहुल इलाक़े हैं जहां करज़ई को समर्थन मिलने की अधिक आशा है.

चुनाव के बाद अनियमितताओं की दो हज़ार शिकायतें दर्ज की गई थीं. स्वतंत्र चुनाव आयोग के अधिकारी दाउद अली नजफ़ी ने काबुल में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "अब तक गिने गए 43 लाख वैध वोटों में से हामिद करज़ई को 20 लाख 80 हज़ार और अब्दुल्ला अब्दुल्ला को 13 लाख 60 हज़ार मत मिले हैं."

तीसरे स्थान पर रमज़ान बशरदोस्त हैं जिन्हे पांच लाख से कम वोट मिले हैं.

चुनाव अधिकारियों ने कहा कि जिन मतदान केंद्रों में करज़ई के पक्ष में शत-प्रतिशत वोट पड़े. उन्हे स्वीकार किया जाएगा जब तक धांधली साबित नहीं हो जाती.

ये अंतरिम परिणाम हैं, क्योंकि अभी कई आरोपों की जांच हो रही है. अंतिम परिणाम सितंबर के अंत में घोषित हो पाएंगे.

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