हथियारों से भरा विमान रोका गया

संयुक्त अरब अमीरात का विमान सी-130
Image caption भारतीय अधिकारियों के अनुसार इस जहाज़ पर हथियार और गोलाबारूद लदे थे

कोलकाता में अधिकारियों ने कहा है कि संयुक्त अरब अमीरात के एक मालवाहक विमान को हथियारों, गोलाबारूद और विस्फोटक सामग्री का ज़खीरा लदा होने की वजह से रोक लिया गया है.

यह विमान सी-130 रविवार देर रात कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईंधन भरने के लिए उतरा था लेकिन कस्टम अधिकारियों ने इस पर लदे सामान की जाँच करने के बाद इसे हिरासत में ले लिया.

अधिकारियों को उस विमान पर कुछ ऐसे हथियार, गोलाबारूद और विस्फोटक सामग्री मिली, जिन्हें घोषित नहीं किया गया था.

कोलकाता में रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता विंग कमांडर महेश उपासनी ने बताया, "विमान ने आवश्यक अनुमति तो ले ली थी लेकिन उस विमान ने कहीं भी यह घोषित नहीं किया कि उसमें हथियारों का भंडार लदा हुआ है."

ऐसा समझा जा रहा है कि यह विमान अबू धाबी से उड़ा था और चीन के हैनयाँग को जा रहा था.

उपासनी ने बताया कि इस विमान ने कोलकाता हवाई अड्डे पर उतरने और ईंधन भरने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशक के कार्यालय से अनुमति तो ले ली थी लेकिन उसने हथियारों के भंडार के बारे में कुछ नहीं बताया और न ही उसके लिए अनुमति लेने की कोई पहल की. भारतीय वायु सेना ने उस अनुमति को निरस्त कर दिया क्योंकि इस विमान के साथ अपने सामान के बारे में घोषणा नहीं करने का मामला बनता है.

विमान के चालक दल के नौ सदस्यों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और उन्हें कोलकाता हवाई अड्डे के निकट एक पाँच सितारा होटल में ले जाया गया है. विमान को एक विशेष पट्टी पर रखा गया है.

आमतौर पर चीनी हथियार विभिन्न देशों को निर्यात किए जाते हैं इसीलिए भारतीय अधिकारी यह देखकर चकित रह गए कि हथियारों का इतना बड़ा ज़ख़ीरा संयुक्त अरब अमीरात से चीन की तरफ़ क्यों जा रहा था क्योंकि संयुक्त अरब अमीरात के पास हथियार बनाने की क्षमता नहीं है.

सतर्कता

रूस के एक विमान ने दिसंबर 1995 में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया ज़िले के ऊपर हथियारों का एक बड़ा ज़ख़ीरा गिराया था. वो विमान उसके बाद कोलकाता हवाई अड्डे पर उतरा और बाद में थाईलैंड के फुकेट की तरफ़ उड़ गया.

जब वो विमान भारत से उड़ान भर रहा था तो उसे मुंबई हवाई अड्डे पर ज़बरदस्ती उतारा गया और उसके चालक दल के सदस्यों को ब्रिटेन के हथियार दलाल पीटर ब्लीच के साथ गिरफ़्तार किया गया था.

हालाँकि पुरुलिया में हथियारों का ज़ख़ीरा गिराने की योजना रचने वाली जेन क्रिस्टीन नीलसेन उर्फ़ किम डैवी भागने में कामयाब हो गई थी.

उस घटना के बाद कोलकाता हवाई अड्डे के अधिकारी ख़ासतौर से हथियारों के ऐसे किसी भी ज़ख़ीरे को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं. पीटर ब्लीच और उस विमान के पाँच रूसी पायलटों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई गई थी लेकिन बाद में उन्हें भारतीय राष्ट्रपति की तरफ़ से दी गई आम माफ़ी के तहत रिहा कर दिया गया था. जून 2009 में यूक्रेन के एक विमान को मुंबई हवाई अड्डे पर रोका गया था जिसे अमरीकी सेना ने किराए पर लिया हुआ था.

वो विमान दियागो गार्शिया से अफ़ग़ानिस्तान को हथियार ले जा रहा था. जब अमरीकी कूटनीतिक अधिकारियों ने मामले में हस्तक्षेप किया तो उस विमान को छोड़ दिया गया था.

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