'जल्दबाजी में कोई राय कायम न करें'

हॉलब्रुक
Image caption हॉलब्रुक ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान चुनावों को लेकर अभी से राय कायम नहीं करें

अमरीका के अफ़ग़ानिस्तान में विशेष दूत रिचर्ड हॉलब्रुक ने बीबीसी से कहा कि पिछले महीने अफ़ग़ानिस्तान में हुए राष्ट्रपति चुनावों को लेकर जल्दबाजी में नतीजे नहीं निकालने चाहिए.

रिचर्ड हॉलब्रुक का कहना था कि चुनाव आयोग को मतों की गिनती पहले पूरी करने देने चाहिए ओर इसके पहले चुनावों को लेकर कोई राय कायम नहीं करनी चाहिए.

उनका कहना था कि मतदान दोबारा कराना कोई उचित विकल्प नहीं है.

हॉलब्रुक ने बीबीसी न्यूज़ नाइट में कहा,'' अफ़ग़ानिस्तान में सभी लोग वोट नहीं दे पाए. लेकिन मैं पहले भी कह चुका हूँ कि पश्चिम में भी चुनाव एकदम आदर्श नहीं होते हैं.''

उम्मीद कायम

ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड मिलबैंड ने भी बीबीसी से बातचीत में कहा कि उन्हें भरोसा है कि निष्पक्ष नतीजे हासिल किए जा सकते हैं.

मिलबैंड का कहना था,'' हम हमेशा से कहते आए हैं कि हम अफ़ग़ानिस्तान के लोगों की निष्पक्ष राय चाहते हैं. ये युद्ध से प्रभावित देश है और मैं बढ चढ़कर कोई दावा नहीं कर सकता. मैं एकदम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की बात नहीं कर सकता.''

उल्लेखनीय है कि इसके पहले चुनाव शिकायत आयोग ने कुछ मतों को अवैध ठहराया था.

आयोग का कहना है कि कंधार, गज़नी और पक्तिका में कई मतदान केंद्रों में धाँधली के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं.

इससे पहले 600 मतगणना स्टेशनों से नतीजों को अलग रखा गया था क्योंकि वहाँ चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं का संदेह था.

संवाददाताओं का कहना है कि अब मतगणना को लेकर महीनों तक विवाद चल सकता है.

अफ़ग़ानिस्तान में 20 अगस्त को चुनाव हुआ था और बड़े पैमाने पर चुनावी धाँधली के आरोप लगे थे.

अब तक मिले आंशिक नतीजों के मुताबिक हामिद करज़ई को 50 फ़ीसदी से ज़्यादा मत मिल चुके हैं जिसका मतलब है कि उन्हें दूसरे चरण के मतदान के लिए नहीं खड़ा होना पड़ेगा.

संबंधित समाचार