'अमरीकी पैसे से भारत का मुक़ाबला'

  • 14 सितंबर 2009
बुश मुशर्रफ़
Image caption पाकिस्तान को मिलने वाली अमरीकी फ़ौजी मदद पर काफ़ी समय से सवाल उठते रहे हैं.

पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि पाकिस्तान ने तालिबान से लड़ने के लिए अमरीका से मिलने वाली फ़ौजी मदद को भारत के ख़िलाफ़ मज़बूती हासिल करने के लिए इस्तेमाल किया.

ये पहली बार है जब किसी पाकिस्तानी नेता या फ़ौजी अधिकारी ने इस बात को स्वीकार किया है.

तालिबान के ख़िलाफ़ पाकिस्तान के ढुलमुल रवैये की आलोचना करते हुए पिछले कुछ सालों में अमरीकी कांग्रेस में कई बार ये कहा गया है कि जो हथियार या पैसे आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई के लिए जारी किए जाते हैं उनका इस्तेमाल पाकिस्तान अपनी पूर्वी सीमा यानि भारत के साथ लगती सीमा को मज़बूत करने में लगा रहा है.

भारत ने भी इस तरह के आरोप लगाए हैं लेकिन पाकिस्तान अबतक इससे साफ़ इंकार करता रहा है.

मुशर्रफ़ के इस बयान पर फ़िलहाल पाकिस्तानी सरकार की तरफ़ से कोई बयान नहीं आया है.

परवेज़ मुशर्रफ़ ने एक पाकिस्तानी टीवी चैनल, एक्सप्रेस न्यूज़, के साथ बात करते हुए साफ़ कहा है अमरीका से मिलने वाले हथियार को हर उस जगह इस्तेमाल किया जा सकता है जहां से पाकिस्तान को ख़तरा है.

उनका कहना था, ``अगर ख़तरा तालिबान और अल क़ायदा से है तो इनका इस्तेमाल वहां होगा, अगर ख़तरा भारत से है तो इस्तेमाल भारत के ख़िलाफ़ होगा.’’

पाकिस्तान के हित में

मुशर्रफ़ का कहना था कि उन्होंने जो किया वो सही था और पाकिस्तान के हित में था.

Image caption जो मदद तालिबान के ख़िलाफ़ लड़ाई के लिए मिली उसका इस्तेमाल कहीं और हुआ.

उन्होंने कहा कि अमरीका से मिले हथियारों को स्टोर में कभी नहीं रखा गया.

उनका कहना था, ``इन हथियारों को कबायली इलाकों से लेकर भारतीय पंजाब की सीमा तक इस्तेमाल किया जा सकता था.’’

उन्होंने कहा कि उनके इस बयान से अगर अमरीकी नाराज़ होते हैं तो होते रहें.

उन्होंने कहा,`` पूरी दुनिया और अमरीका इस बात को समझ ले कि हम अपनी सुरक्षा से कभी समझौता नहीं करेंगे और इन हथियारों की जहां ज़रूरत होगी इस्तेमाल करेंगे.’’

बुश प्रशासन के दौरान जब पाकिस्तान को और फ़ौजी मदद देने का प्रस्ताव रखा जाता था तब कई कांग्रेस के सदस्य इस बात को उठाते थे कि पाकिस्तान इन पैसों से एफ-16 विमान और दूसरे ऐसे हथियार खरीद रहा है जो भारत के ख़िलाफ़ इस्तेमाल कर सके.

कहा जा रहा है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भारत-पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की मुलाक़ात से ठीक पहले मुशर्रफ़ का ये बयान तनाव को और बढ़ा सकता है.

मुशर्रफ़ ने ये भी कहा है कि पाकिस्तान अपनी परमाणु क्षमता को और बढ़ाने के लिए प्लूटोनियम संवर्धित हथियार बनाने की तरफ़ बढ़ रहा है.

उनका कहना था कि दक्षिण एशिया में परमाणु हथियारों की होड़ के लिए भारत ज़िम्मेदार है.

मुशर्रफ़ इन दिनों लंदन में रह रहे हैं और कुछ ही दिनों में अमरीका के लिए रवाना होंगे जहां उनके कई भाषण होने हैं.

वो पाकिस्तान कब तक लौट सकते हैं इसपर स्पष्ट रूप से उन्होंने कुछ भी नहीं कहा है.

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