'हाफ़िज सईद के ख़िलाफ़ सबूत नहीं'

रहमान मलिक
Image caption रहमान मलिक ने कहा कि पाकिस्तान कोई ढिलाई नहीं बरत रहा है.

पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक ने भारत के दावे को ख़ारिज करते हुए कहा है कि मुंबई हमलों के सिलसिले में हाफ़िज सईद के ख़िलाफ़ कोई पुख़्ता सबूत नहीं हैं.

उन्होंने शनिवार को बीबीसी से बातचीत में कहा, "हमारे पास कोई पुख़्ता सबूत नहीं है जिससे कह सकें कि हाफ़िज सईद मुंबई हमलों में शामिल है, इसलिए उस आरोप में हम उसे गिरफ़्तार नहीं कर सकते."

पाकिस्तानी गृह मंत्री का कहना है कि मुंबई हमलों के दौरान पकड़े गए एकमात्र जीवित हमलावर अजमल कसाब के बयान के आधार पर हाफ़िज सईद को गिरफ़्तार नहीं किया जा सकता.

वो कहते हैं, "किसी गिरफ़्तार व्यक्ति के बयानों को सबूत नहीं माना जा सकता. मैं भरोसा दिलाता हूं कि हम उसे छोड़ेंगे नहीं लेकिन उसके लिए पुख़्ता सबूत चाहिए जो भारत ने नहीं दिए हैं."

सबूत दे भारत

रहमान मलिक ने कहा कि पाकिस्तान में स्वतंत्र न्यायपालिका है और बग़ैर सबूत किसी व्यक्ति को पकड़ने पर अदालत उसे रिहा कर देगी और हाफ़िज सईद के मामले में पहले ऐसा हुआ भी है.

उन्होंने कहा, जब हमने मुंबई हमलों के रिंग लीडर लखवी को पकड़ लिया तो किसी और को क्यों नहीं पकड़ सकते लेकिन इसके लिए सबूत तो चाहिए न. हमने सात अभियुक्तों के ख़िलाफ़ चलान पेश किया गया है. उम्मीद है कि अदालत उन्हें सज़ा देगी.

रहमान मलिक ने ये भी कहा कि मुंबई हमलों को रोकने में भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसिया विफल रहीं.

उनका कहना था, "हमलों से पहले ही भारतीय पुलिस ने फ़हीम अंसारी और शहाबुद्दीन नाम के दो संदिग्ध चरमपंथियों को गिरफ़्तार किया था जिनके पास मुंबई के उन जगहों के नक़्से मिले जहां हमले हुए थे."

उन्होंने कहा कि भारत को चाहिए कि वो इस सिलसिले में कुछ और साक्ष्य और अभी तक भेजी गई जानकारी का विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध कराए ताकि अदालत में मुंबई के अभियुक्तों के ख़िलाफ़ मामला कमज़ोर न पड़े.

मलिक का ताज़ा बयान ऐसे वक़्त में आया है जब इस्लामाबाद की एक आतंकवाद निरोधक अदालत में मुंबई बम हमलों के सात संदिग्धों के खिलाफ़ चल रहे मामले को 26 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.

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