सात कबायली सरदारों की हत्या

Image caption वज़ीरिस्तान तालेबान का गढ़ माना जाता है

पाकिस्तानी पुलिस का कहना है कि विद्रोहियों ने सात प्रमुख कबायली सरदारों को मार डाला है.

इसे तालेबान की ओर से बदले की कार्रवाई माना जा रहा है क्योंकि इन सरदारों ने पाकिस्तानी सेना की मदद की थी.

मारे गए कबायली सरदारों में से एक ने तालेबान विरोधी हथियारबंद गुटों की मदद की थी.

मलिक सुल्तान नाम के क़बायली सरदार स्थानीय लोगों को एकजुट और हथियारों से लैस करके तालेबान से लड़ने के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहे थे.

स्थानीय पुलिस अधिकारी इक़बाल मरवात ने बताया, "ये सभी सातों कबायली बुज़ुर्ग पैदल जा रहे थे तभी विद्रोहियों ने गोलियाँ चलानी शुरू कर दीं, सभी हमलावर भाग निकलने में कामयाब रहे."

तालेबान विद्रोहियों ने पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत के बन्नू ज़िले में क़बायली सरदारों पर हमला किया, ये क़बायली सरदार किसी झगड़े का निबटारा करने के लिए एक गाँव में जमा हुए थे.

बन्नू ज़िला उत्तरी वज़ीरिस्तान में है जिसे तालेबान का गढ़ माना जाता है.

पिछले कुछ समय से कई कबायली सरदार तालेबान के ख़िलाफ़ पाकिस्तानी सेना की मदद कर रहे हैं लेकिन उन्हें अक्सर इस तरह के प्रतिशोध का भी सामना करना पड़ता है.

इस इलाक़े में पाकिस्तानी सेना ने बड़े पैमाने पर तालेबान विद्रोहियों के ख़िलाफ़ हमले किए हैं और वहाँ स्थिति बहुत अशांत रही है.

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