तालेबान के वीडियो में मृत बैतुल्ला

  • 30 सितंबर 2009
बैतुल्ला महसूद
Image caption बैतुल्ला महसूद छह अगस्त को ड्रोन हमले में मारे गए थे

पाकिस्तान में तालेबान ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें संगठन के पूर्व नेता बैतुल्ला महसूद को मृत दिखाया गया है.

बीबीसी को जो वीडियो मिला है उसमें पाकिस्तान में तालेबान के प्रमुख रहे बैतुल्ला महसूद का शव एक कमरे में पड़ा हुआ दिखाया गया है. अभी यह नहीं पता चला है कि यह वीडियो कब लिया गया था.

महसूद छह अगस्त को दक्षिणी वज़ीरिस्तान में अमरीकी ड्रोन हमले में मारे गए थे.

ड्रोन हमले

वज़ीरिस्तान में अब भी ड्रोन विमानों के ज़रिए मिसाइल हमले हो रहे हैं और अधिकारियों के अनुसार उत्तरी वज़ीरिस्तान में ताज़ा हमलों में छह लोग मारे गए हैं.

खुफ़िया अधिकारियों का कहना है कि पिछले 24 घंटों में पाकिस्तान-अफ़गानिस्तान सीमा के पास अल क़ायदा और तालेबान के ठिकानों पर यह तीसरा हमला था.

इससे पहले मंगलवार को दक्षिणी और उत्तरी वज़ीरिस्तान में हुए अलग अलग मिसाइल हमलों में नौ संदिग्ध चरमपंथी मारे गए थे.

महसूद की मौत के बाद अमरीका और पाकिस्तान के अधिकारियों ने तुरंत इसकी जानकारी दी थी लेकिन तालेबान ने महसूद को घायल या मृत मानने में तीन हफ्ते लगाए थे.

अभी यह साफ़ नहीं है कि किसने बैतुल्ला से जुड़ा यह वीडियो जारी करने का फ़ैसला किया है. बैतुल्ला की मौत के बाद अगस्त महीने में हकीमुल्ला महसूद को पाकिस्तान में तालेबान का प्रमुख बनाया गया था.

इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता सैय्यद शोएब हसन का कहना है कि वीडियो में बैतुल्ला का शव ज़मीन पर पडा हुआ है और चारों और शांति है.

वीडियो में बैतुल्ला के पूरे शरीर पर कफ़न है इसलिए यह कहना मुश्किल है कि उनके शरीर पर चोटें हैं या नहीं. उनकी नाक पर कुछ खरोचें देखी जा सकती है लेकिन चेहरे पर चोट का कोई निशान भी नहीं है.

इस वीडियो में एक व्यक्ति शव के पास बैठा है और अत्यंत दुःखी है. दो मिनट के इस वीडियो में आवाज़ें बहुत कम है और केवल दो शब्द बोले गए हैं.

एक आवाज़ जो संभवत वीडियो बनाने वाले की है वो कहती है, ‘‘ अगर कोई नेता था तो फिर कुछ तैयारियां होनी चाहिए.’’

कुछ देर बाद यही आवाज़ कहती है, ‘‘अल्लाह उन क्रूर लोगों का नाश करे जो किसी को मारने के लिए राइफल का इस्तेमाल नहीं करते और पता नहीं किस चीज़ का इस्तेमाल करते हैं.’’

पाकिस्तान की सरकार ड्रोन हमलों की सार्वजनिक निंदा करती रही है और कहती रही है कि इससे अमरीका विरोधी भावनाएं भड़कती हैं लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान गुप्त रुप से इस तरीके का समर्थन करता है.

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