संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवाल

  • 3 अक्तूबर 2009

अफ़ग़ानिस्तान में हुए राष्ट्रपति चुनाव में हामिद करज़ई के मुख्य प्रतिद्वंदी अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने कहा है कि चुनाव में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका की जाँच होनी चाहिए.

अब्दुल्ला अब्दुल्ला ये आरोप लगाते रहे हैं कि हामिद करज़ई के समर्थकों ने चुनाव में धाँधली की है. अब उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत काए एडा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं.

काए एडा वही अधिकारी हैं जो अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी पीटर गेलब्रेथ को पद से हटाने के मामले में शामिल रहे थे.

पीटर गेलब्रेथ ने आरोप लगाया था कि अफ़ग़ान चुनाव में धाँधली की जाँच की कोशिशों में संयुक्त राष्ट्र बाधा डाल रहा है. उनका कहना था कि धाँधली के आरोपों से निपटने को लेकर हुई बहस के कारण उन्हें हटा दिया गया.

पीटर गेलब्रेथ ने कहा था कि काए एडा हामिद करज़ई का साथ दे रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र ने इससे इनकार किया है. काए एडा ने भी आरोपों का खंडन किया है.

अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने कहा है कि इस पूरे प्रकरण ने अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र की छवि को नुकसान पहुँचाया है.

नतीजों पर विवाद

आधिकारिक तौर पर तो नतीजों की घोषणा नहीं हुई है लेकिन ख़बरों के मुताबिक हामिद करज़ई विजयी हुए हैं.

इससे पहले यूरोपीय संघ के पर्यवेक्षकों ने आरोप लगाया था कि कुल मतदान का लगभग एक चौथाई यानी 15 लाख मत संदेह के घेरे में हैं.

यूरोपीय संघ के पर्यवेक्षकों की उप प्रमुख दिमित्रा इयोनू का कहना था कि जो संदिग्ध मत हैं उनमें से 11 लाख मत करज़ई के पक्ष में और तीन लाख अब्दुल्ला अब्दुल्ला के पक्ष में हैं.

चुनाव की ज़िम्मेदारी अफ़गान अधिकारियों और संयुक्त राष्ट्र पर है.धाँधली के आरोपों की जाँच अभी जारी है और अगले हफ़्ते से पहले आधिकारिक नतीजों की उम्मीद नहीं है. ऐसा हो सकता है कि हामिद करज़ई को दूसरे चरण के मतदान में हिस्सा लेना पड़े. ऐसे में अब्दुल्ला अब्दुल्ला उनके प्रतिद्वंदी होंगे.

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