इस्लामाबाद में विस्फोट, पांच मरे

  • 5 अक्तूबर 2009
इस्लामाबाद में हमला
Image caption विस्फोट से दीवारों में दरारें पड़ गईं और शीशे चकनाचूर हो गए

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक संदिग्ध आत्मघाती हमलावर ने संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम के दफ़्तर पर हमला किया है जिसमें पांच लोग मारे गए हैं.

इस हमले में कई अन्य घायल हैं. मरने वालों में दो स्थानीय महिलाएँ भी हैं.

संवाददाताओं का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं है कि इस हमले के लिए ज़िम्मेदार कौन है लेकिन शक की सूई पाकिस्तानी तालेबान की ओर जा रही है.

उन्होंने अगस्त में अपने नेता बैतुल्लाह महसूद की एक अमरीकी ड्रोन हमले में हुई मौत का बदला लेने का संकल्प किया था और हाल ही में हुए कई हमलों के पीछे उनका हाथ रहा है.

पिछले हफ़्ते पश्चिमोत्तर पाकिस्तान में हुए दो आत्मघाती कार बम हमलों में कम से कम 16 लोग मारे गए थे.

स्थानीय टेलीविज़न चैनेलों पर टीवी के फ़ुटेज दिखाए जा रहे थे जिनमें भारी पहरे वाली अमरीकी इमारतों से धुआँ उठता देखा जा सकता था और खिड़कियों के टूटे शीशे साफ़ नज़र आ रहे थे.

यह बम विस्फोट स्वागत कक्ष में हुआ और पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि हमलावर कैसे सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ कर वहाँ दाख़िल हुआ.

घटनास्थल पर मौजूद बीबीसी संवाददाता ओरला गुएरिन का कहना है कि सूंघने वाले कुत्ते ले आए गए हैं और सशस्त्र आतंकविरोधी पुलिस बल ने इमारत को घेर लिया है.

हमारी संवाददाता का कहना है कि पाकिस्तान के लिए यह एक अप्रिय संदेश है कि उसकी राजधानी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है.

यह इस बात का भी प्रमाण है कि भारी सुरक्षा उपायों और निरंतर जारी सैन्य अभियानों के बावजूद चरमपंथी अब भी हमला करने में सक्षम हैं.

इससे पहले निशाना बने अमरीकी कार्यालय के एक कर्मचारी सज्जाद अनवर ने स्थानीय टेलीविज़न को बताया कि विस्फोट मुख्य इमारत के बिलकुल क़रीब अहाते में हुआ जहाँ उस समय लगभग सौ लोग काम कर रहे थे.

उन्होंने कहा, "विस्फोट इतना ज़ोरदार था कि इमारत की दीवारों में दरारें पड़ गईं. मैं नहीं जानता यह कैसे हुआ. हमारे पास निजी सुरक्षा भी है और सरकारी पुलिस बल भी".

खाद्य कार्यक्रम कार्यालय का कहना है कि उनके तीन कर्मचारियों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है और कई अन्य घायल हैं जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है.

कार्यालय के कार्यकारी उप निदेशक अमीर अब्दुल्लाह ने विस्फोट को संयुक्त राष्ट्र खाद्य कार्यक्रम के लिए और पाकिस्तान के पूरे मानवतावादी समुदाय के लिए एक भारी क्षति बताया.

उन्होंने कहा, "हम मृतकों और घायलों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हैं. ये वे लोग थे जो पाकिस्तान में ग़रीबों और भूख का शिकार लोगों के लिए काम कर रहे थे".

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