'धाँधली को छिपाने की कोशिश नहीं'

  • 9 अक्तूबर 2009

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत काए एडी ने इन आरोपों का खंडन किया है कि उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान हुई धांधली पर पर्दा डालने की कोशिश की थी.

काए एडी ने कहा कि जिन आरोपों की वजह से संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अधिकारी पीटर गैलब्रैथ को पद से हटाया गया वह झूठ थे.

पहली बार इस विवाद पर सार्वजनिक टिप्पणी करते हुए काए एडी ने कहा कि उनकी चुप्पी का ग़लत मतलब निकाला जा रहा था और ये चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर रही थी.

काए एडी ने कहा कि वह अफ़ग़ानिस्तान में चुनाव प्रक्रिया को अंतिम फै़सले तक पहुंचाने का हरसंभव प्रयास करेंगे.

आरोप

पीटर गैलब्रैथ ने यह आरोप लगाया था कि मिशन ने अफ़ग़ानिस्तान में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान हुई धांधली की अनदेखी की थी जिससे चुनाव में करज़ई की जीत हुई.

इस आरोप के बाद पिछले हफ़्ते गैलब्रेथ को बर्ख़ास्त कर दिया गया था.

बर्ख़ास्तगी के बाद गैलब्रेथ ने कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र का 30 करोड़ डॉलर का मिशन अब 'नेतृत्वहीन' हो गया है.

उन्होंने यूएन के विशेष दूत को एक 'टेरीबल मैनेजर' यानी अक्षम प्रबंधक कहा. साथ ही उनका कहना था, "करज़ई के साथ काए एडी के मधुर संबंध हैं और यूएन के प्रतिनिधि होने के बजाय वे करज़ई के आदमी बन गए. "

अगस्त महीने में हुए राष्ट्रपति चुनाव में धांधली के कई आरोप लगाए गए थे.

यूरोपीय संघ के चुनावी पर्यवेक्षकों के मुताबिक चुनाव में डाले गए वोट का लगभग एक चौथाई यानी 15 लाख वोट धांधली से डाले गए हो सकते हैं.

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